Opinion News
Latest Opinion stories, updates and analysis — 22 articles.

जाति पर चोट, इंसानियत का संदेश
मुंगेर के बासुदेवपुर स्थित नंद कुमार उच्च विद्यालय के शिलान्यास अवसर पर दिए गए मुख्यमंत्री श्री कृष्ण सिंह के ऐतिहासिक…

आचार्य लक्ष्मीकांत मिश्र की पत्रकारिता के सरोकार
आचार्य लक्ष्मीकांत मिश्र ने निर्भीक, निष्पक्ष और जनपक्षधर पत्रकारिता की मिसाल कायम की। संघर्षपूर्ण जीवन के बावजूद…

गांधी क्यों अपरिहार्य हैं
हिंसा, असमानता और नैतिक संकट से जूझती दुनिया को गांधी के सत्य, अहिंसा और मानवीय विकास के विचारों की आज पहले से कहीं…

शताब्दी की ओर: राम बहादुर राय के ‘बहादुर’ फैसले
राम बहादुर राय के जीवन की यात्रा छात्र राजनीति से पत्रकारिता तक लिए गए साहसिक फैसलों की कहानी है। उन्होंने सत्ता और पद…

गाद की सफाई नहीं, नदी का संतुलन जरूरी
बिहार की गाद नीति के बीच लेख का जोर अंधाधुंध गाद निकासी नहीं, बल्कि वैज्ञानिक अध्ययन के जरिए नदियों का प्राकृतिक…

जमुई की घटना: जब नैतिकता के नाम पर इंसानियत घायल हो गई
दो नाबालिगों की बेइज्जती ने समाज, शासन और प्रशासन से पूछे कई कठिन सवाल; कानून की ताकत केवल गिरफ्तारी में नहीं, नागरिक…

करमा कहता है, पानी केवल संसाधन नहीं जीवन है
करमा पर्व प्रकृति, जल, जंगल, खेती और आदिवासी सामुदायिक जीवन के गहरे रिश्ते को दर्शाता है। यह लोकपर्व संदेश देता है कि…

सोन में पानी बढ़ा तो बिहार के खेत अब भी प्यासे क्यों?
लेख सोन बेसिन में जल उपलब्धता 14.25 एमएएफ से बढ़कर 19.6335 एमएएफ होने के दावे पर सवाल उठाता है। बिहार-झारखंड जल…

निवाला जहरीला, इलाज तारीख पर और जाम का समाधान एआई से
जब नाली बनाने में व्यवस्था हांफे, अस्पताल में जांच के लिए मरीज तरसे और मच्छर हर साल सरकार को हराए, तब तकनीक नहीं,…

बीज कानून किसान की ढाल या बाजार का कवच
नए बीज कानून की असली कसौटी किसान को नकली बीज से सुरक्षा, नुकसान पर समयबद्ध मुआवजा और कंपनियों की जवाबदेही सुनिश्चित…

विनोबा का बिहार, भूदान की अधूरी जमीन
भूदान के 75 साल बाद भी बिहार में भूमिहीनों को जमीन देने का वादा अधूरा है। लेख विनोबा की विरासत और जमीन पर वास्तविक…

एक ही बाढ़ के चेहरे दो : नदी के किनारे संवेदनाओं और स्वार्थ के टकराव
नेपाल की त्रिशुली और नारायणी नदियों की बाढ़ ने इंसानियत के दो चेहरे दिखाए। जहां हजारों लोगों ने अपनों और घरों को खोया,…