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नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल सहित देश के 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में दो नवंबर से फोटोयुक्त मतदाता सूचियों का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) कराने की घोषणा की है, जिसके तहत 12 नवंबर से 11 दिसंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज की जा सकेंगी तथा चार जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। यूपी, बिहार और बंगाल समेत 17 राज्यों में चलेगा अभियान चुनाव आयोग ने गुरुवार को संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के लिए विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए। आयोग के अनुसार, इस अभियान में अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, मणिपुर, पुडुचेरी, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल शामिल हैं। इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फोटोयुक्त मतदाता सूचियों की समीक्षा और उन्हें अद्यतन करने की प्रक्रिया निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पूरी की जाएगी। 02 नवंबर से शुरुआत, 12 नवंबर तक मतदाता सूची का प्रकाशन चुनाव आयोग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की तैयारियों के तहत मतदान केंद्रों के पुनर्व्यवस्थापन का काम दो नवंबर तक पूरा किया जाएगा। इसके बाद 12 नवंबर तक समन्वित मतदाता सूचियों का प्रकाशन किया जाएगा। इन सूचियों के प्रकाशित होने के बाद मतदाताओं को अपना नाम और अन्य विवरण देखने के साथ दावा या आपत्ति दर्ज कराने का अवसर मिलेगा। आयोग ने इसके लिए 12 नवंबर से 11 दिसंबर तक की अवधि निर्धारित की है। दावे-आपत्तियों का 28 दिसंबर तक निपटारा मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने या प्रकाशित सूची से संबंधित दावे और आपत्तियां 11 दिसंबर तक स्वीकार की जाएंगी।इसके बाद चुनाव आयोग की निर्धारित प्रक्रिया के तहत इनका निस्तारण किया जाएगा। आयोग ने सभी दावों और आपत्तियों के निपटारे के लिए 28 दिसंबर की समयसीमा तय की है। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद चार जनवरी 2027 को अंतिम फोटोयुक्त मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इस तरह दो नवंबर से शुरू होने वाला पुनरीक्षण कार्यक्रम चार जनवरी तक चलेगा। 01 जनवरी 2027 होगी मतदाता सूची की अर्हता तिथि चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के तहत तैयार होने वाली मतदाता सूची के लिए एक जनवरी 2027 को अर्हता तिथि माना जाएगा। इस तारीख तक मतदान के लिए पात्रता पूरी करने वाले नागरिकों के नाम मतदाता सूची में दर्ज किए जा सकेंगे। आयोग का उद्देश्य निर्धारित अर्हता तिथि के आधार पर पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल करने का अवसर उपलब्ध कराना है। अगले साल 18 वर्ष के होने वाले युवा भी कर सकेंगे आवेदन इस पुनरीक्षण अभियान में नए मतदाताओं के लिए भी महत्वपूर्ण व्यवस्था की गई है। चुनाव आयोग के अनुसार, ऐसे युवा नागरिक भी मतदाता पंजीकरण के लिए अग्रिम आवेदन कर सकेंगे, जो वर्ष 2027 में एक अप्रैल, एक जुलाई या एक अक्टूबर तक 18 वर्ष की आयु पूरी करेंगे। इसका अर्थ है कि अगले वर्ष इन निर्धारित तारीखों पर मतदान की उम्र पूरी करने वाले युवाओं को आवेदन करने के लिए उस तारीख तक इंतजार नहीं करना होगा। वे विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के दौरान ही अग्रिम आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे। जहां एसआईआर चल रहा है, वहां बाद में आएगा कार्यक्रम चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है या हाल में समाप्त हुई है, वहां एसएसआर का कार्यक्रम उचित समय पर घोषित किया जाएगा। इनमें आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा-नगर हवेली, दमन-दीव, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, दिल्ली, ओडिशा, सिक्किम, त्रिपुरा और तेलंगाना शामिल हैं। आयोग के अनुसार, इन क्षेत्रों में पुनरीक्षण का कार्यक्रम निर्धारित करते समय मौसम और अन्य संबंधित परिस्थितियों का भी ध्यान रखा जाएगा। हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में मौसम के अनुसार तारीख हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में मतदाता सूचियों की समीक्षा के लिए भी अलग से कार्यक्रम घोषित किया जाएगा।चुनाव आयोग ने बताया कि इन क्षेत्रों में मौसम की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर पुनरीक्षण की तारीखें तय की जाएंगी। इन तीनों राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अभी विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया शुरू नहीं कराई गई है। मतदाताओं के लिए अहम होगा पुनरीक्षण अभियान विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के दौरान पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने और प्रकाशित सूची पर दावा या आपत्ति प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। इस बार का कार्यक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि आयोग ने एक जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के साथ अगले वर्ष एक अप्रैल, एक जुलाई और एक अक्टूबर तक 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवाओं को भी अग्रिम पंजीकरण की सुविधा दी है।