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सीवान। बिहार में सिवान जिले के आलमपुर में हुए भीषण विस्फोट के बाद पटाखों के अवैध कारोबार और असुरक्षित भंडारण पर शिकंजा कसते हुए जिला प्रशासन ने शनिवार को सीवान शहर में चार पटाखा दुकानों और चार गोदामों को सील कर दिया जबकि जिले के अन्य इलाकों में जांच के दौरान पटाखों की जब्ती और कुछ लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है। एक दिन में आठ प्रतिष्ठानों पर ताला आलमपुर विस्फोट के बाद प्रशासन ने पटाखों की बिक्री और भंडारण से जुड़े ठिकानों की जांच तेज कर दी है। इसी अभियान के तहत शनिवार को शहर के तेलहट्टा बाजार और नयी बाजार में कार्रवाई की गई। जांच में संबंधित प्रतिष्ठानों के लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं होने की बात सामने आई। इसके बाद प्रशासन ने चार दुकानों और चार गोदामों को सील कर दिया। कार्रवाई का मकसद बिना वैध लाइसेंस कारोबार रोकने के साथ पटाखों के भंडारण से जुड़े संभावित खतरों को कम करना है। तेलहट्टा बाजार में तीन दुकानें और तीन गोदाम सील प्रशासनिक कार्रवाई का सबसे अधिक असर शहर के तेलहट्टा बाजार में देखने को मिला। यहां मुमताज की पटाखा दुकान और उससे जुड़े गोदाम को सील कर दिया गया। इसी बाजार में दो अन्य पटाखा दुकानों और दो गोदामों पर भी प्रशासन ने ताला लगा दिया। इस तरह अकेले तेलहट्टा बाजार में तीन दुकानें और तीन गोदाम सील किए गए। इसके अलावा जेपी चौक के समीप नयी बाजार में मुन्ना की पटाखा दुकान को भी सील किया गया। प्रशासन की ओर से शहर में कुल चार दुकानों और चार गोदामों को सील करने की जानकारी दी गई है। एसडीओ बोले—लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं था सीवान सदर के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) आशुतोष कुमार गुप्ता ने बताया कि जिन प्रतिष्ठानों को सील किया गया है, उनके लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं कराया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि पटाखों के कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों की जांच केवल शहर तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे जिले में अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों को पटाखों की बिक्री और भंडारण से जुड़े नियमों के पालन की जांच करने को कहा गया है। हुसैनगंज से गुठनी तक छापेमारी शहर के अलावा जिले के अन्य क्षेत्रों में भी प्रशासनिक कार्रवाई जारी है।एसडीओ ने बताया कि हुसैनगंज, हसनपुर, महाराजगंज और गुठनी सहित कई इलाकों में जांच के दौरान पटाखे जब्त किए गए हैं। अभियान के तहत कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में गिरफ्तार लोगों की कुल संख्या और जब्त पटाखों की मात्रा स्पष्ट नहीं की गई है। आलमपुर हादसे के बाद सुरक्षा पर सख्ती आलमपुर में हुए भीषण विस्फोट ने पटाखों के कारोबार और भंडारण की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इस घटना के बाद प्रशासन का ध्यान ऐसे प्रतिष्ठानों की पहचान करने पर है, जहां लाइसेंस या सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन नहीं हो रहा है। हालांकि, जिन दुकानों और गोदामों को शनिवार को सील किया गया है, उनका आलमपुर विस्फोट से कोई प्रत्यक्ष संबंध सामने नहीं आया है। प्रशासन ने फिलहाल लाइसेंस नवीनीकरण नहीं होने के आधार पर कार्रवाई की है। सिर्फ लाइसेंस नहीं, भंडारण की सुरक्षा भी अहम पटाखों का कारोबार करने वाले प्रतिष्ठानों में लाइसेंस की वैधता के साथ भंडारण की अनुमति, रखे गए पटाखों की मात्रा और आग से बचाव के इंतजाम भी सुरक्षा के महत्वपूर्ण पहलू हैं। आलमपुर जैसी दुर्घटनाओं का जोखिम कम करने के लिए इन मानकों की नियमित जांच जरूरी है। प्रशासन की मौजूदा कार्रवाई के बाद अब यह भी महत्वपूर्ण होगा कि सुरक्षा नियमों की निगरानी आगे कितनी नियमित रहती है और अनियमितता मिलने पर कितनी तेजी से कार्रवाई होती है।



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