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कटिहार। बिहार में कटिहार जिले के बारसोई प्रखंड स्थित ग्वालटोली अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र में कायाकल्प योजना के तहत कराए जा रहे रंग-रोगन की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं, जहां जर्जर दीवारों की पूरी मरम्मत किए बिना उन पर प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) लगाकर पुताई करने का आरोप सामने आया है। दीवारें जर्जर, ऊपर से हो रही पुताई सरकारी अस्पतालों की दशा सुधारने के लिए चलाई जा रही कायाकल्प योजना के तहत ग्वालटोली स्वास्थ्य केंद्र में रंग-रोगन का काम कराया जा रहा है लेकिन इस काम को लेकर कथित अनियमितता का मामला सामने आया है।आरोप है कि अस्पताल की कई दीवारों का पुराना प्लास्टर कमजोर पड़ चुका है और जगह-जगह से टूटकर गिर रहा है। इसके बावजूद खराब हिस्सों की समुचित मरम्मत कराने के बजाय उन पर पीओपी लगाकर रंग किया जा रहा है।ऐसे में सवाल उठ रहा है कि बिना बुनियादी मरम्मत के किया गया रंग-रोगन आखिर कितने दिनों तक टिक पाएगा? अस्पताल की सूरत बदलेगी या सिर्फ रंग कायाकल्प योजना का उद्देश्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में साफ-सफाई, रखरखाव और बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करना है। इसके दायरे में प्राथमिक एवं अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर सामुदायिक, रेफरल और सदर अस्पताल तक आते हैं लेकिन ग्वालटोली स्वास्थ्य केंद्र में काम के तरीके पर उठे सवालों ने योजना के क्रियान्वयन को चर्चा में ला दिया है। आरोपों के मुताबिक, दीवारों की वास्तविक स्थिति सुधारने के बजाय उनके बाहरी हिस्से को नया रूप दिया जा रहा है। यदि ऐसा है तो काम की मजबूती और सरकारी धन के सही इस्तेमाल पर सवाल उठना स्वाभाविक है। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने क्या कहा रंग-रोगन के तरीके पर सवाल उठने के बाद प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी प्रमोद कुमार ने कहा कि पूरे बिहार में इसी तरह काम कराया जा रहा है इसलिए बारसोई के स्वास्थ्य केंद्रों में भी उसी तरीके से कार्य हो रहा है। उनके इस जवाब के बाद भी ग्वालटोली स्वास्थ्य केंद्र में कराए जा रहे काम की गुणवत्ता को लेकर उठे सवाल बने हुए हैं। स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर ने ही मांगी जांच मामले में ग्वालटोली उप स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डॉ. तसकीम रजा ने भी हस्तक्षेप किया है। उन्होंने रंग-रोगन के कार्य में कथित अनियमितता की जांच कराने की मांग वरीय अधिकारियों से की है। स्वास्थ्य केंद्र से जुड़े चिकित्सक की ओर से जांच की मांग किए जाने के बाद अब संबंधित कार्य की गुणवत्ता की जांच पर नजर है। बीडीओ की चेतावनी—गड़बड़ी मिली तो कार्रवाई बारसोई के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) चंदन प्रसाद ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य केंद्र में होने वाला काम सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही कराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जांच में अनियमितता सामने आने पर संबंधित प्रभारी पदाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सरकारी राशि के इस्तेमाल पर भी सवाल स्वास्थ्य केंद्रों में रंग-रोगन से पहले खराब दीवारों की आवश्यक मरम्मत होना जरूरी माना जाता है ताकि नया काम टिकाऊ रहे। ग्वालटोली में सामने आए आरोपों ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या अस्पताल की इमारत को वास्तव में दुरुस्त किया जा रहा है या केवल उसकी बाहरी सूरत बदली जा रही है? फिलहाल कथित अनियमितता की जांच और काम की गुणवत्ता पर अधिकारियों के अगले कदम का इंतजार है।



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