Full Story

मोतिहारी। महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा, आर्थिक आत्मनिर्भरता और सामाजिक सम्मान को नई दिशा देने के संकल्प के साथ शनिवार को बेलबनवा स्थित चंद्रा लाइफलाइन हॉस्पिटल परिसर में चंद्रा लाइफलाइन सोशल वेलफेयर फाउंडेशन का विधिवत शुभारंभ हुआ। समारोह में महिला सशक्तीकरण को सामाजिक बदलाव की बुनियाद बताते हुए जरूरतमंद महिलाओं और परिवारों तक जागरूकता, शिक्षा तथा कौशल विकास के अवसर पहुंचाने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में हजारों महिलाओं की उपस्थिति ने आयोजन को व्यापक जनभागीदारी का स्वरूप दिया। समारोह की मुख्य अतिथि डॉ. स्वस्ति सिन्हा और विशिष्ट अतिथि डॉ. विनीता वर्मा थीं। फाउंडेशन की निदेशिका डॉ. हेना चंद्रा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। अतिथियों ने संस्था की पहल की सराहना करते हुए इसके उद्देश्यों की सफलता की कामना की। मुख्य अतिथि डॉ. स्वस्ति सिन्हा ने कहा कि समाज में सेवा की भावना को मजबूत करने और जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने के लिए ऐसी पहल महत्वपूर्ण है। विशिष्ट अतिथि डॉ. विनीता वर्मा ने फाउंडेशन के उद्देश्यों की प्रशंसा करते हुए इसके सफल संचालन की शुभकामनाएं दीं। चिकित्सा से आगे बढ़कर महिलाओं की समग्र बेहतरी का लक्ष्य फाउंडेशन की निदेशिका डॉ. हेना चंद्रा ने कहा कि संस्था की स्थापना के पीछे महिलाओं के जीवन से जुड़ी चुनौतियों को करीब से समझने और उनके समाधान के लिए ठोस प्रयास करने की प्रेरणा है। एक चिकित्सक के रूप में उन्होंने महसूस किया कि महिलाओं की समस्याओं का समाधान केवल चिकित्सा सुविधाओं तक सीमित नहीं है। बेहतर स्वास्थ्य के साथ शिक्षा, आर्थिक आत्मनिर्भरता, सामाजिक सम्मान और समान अवसर भी जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएं परिवार की जिम्मेदारियां पूरी निष्ठा से निभाती हैं और सभी सदस्यों की जरूरतों का ध्यान रखती हैं, लेकिन कई बार अपनी समस्याओं और जरूरतों को पीछे छोड़ देती हैं। आर्थिक अभाव के कारण अनेक महिलाओं और बेटियों की प्रतिभा को उचित अवसर नहीं मिल पाता। इन्हीं परिस्थितियों ने सामाजिक कल्याण के लिए संगठित प्रयास करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन जरूरतमंद महिलाओं और परिवारों तक स्वास्थ्य जागरूकता, शिक्षा, कौशल विकास तथा आत्मनिर्भरता से जुड़े अवसर पहुंचाने का प्रयास करेगा। संस्था का उद्देश्य छोटे-छोटे सकारात्मक बदलावों के माध्यम से समाज में स्थायी परिवर्तन की राह तैयार करना है। ‘महिलाओं को सशक्त बनाकर ही बनेगा बेहतर भविष्य’ डॉ. हेना चंद्रा ने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाकर ही बेहतर भविष्य का निर्माण किया जा सकता है। स्वास्थ्य, शिक्षा, आत्मनिर्भरता और समान अवसर संस्था के कार्यों के प्रमुख आधार होंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी क्षमता और प्रतिभा को पहचानना चाहिए तथा अपने सपनों को सीमित नहीं करना चाहिए। महिला सशक्तीकरण केवल महिलाओं की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें परिवार, पुरुषों, समाज और प्रत्येक जागरूक नागरिक की समान भागीदारी आवश्यक है। जब महिला सशक्त होती है तो परिवार मजबूत होता है और मजबूत परिवार से सशक्त समाज का निर्माण होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फाउंडेशन किसी व्यक्ति विशेष की उपलब्धि नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और सामाजिक दायित्व की भावना से शुरू की गई सामूहिक पहल है। महिलाओं की भागीदारी से सामाजिक एकजुटता का संदेश समारोह में अवकाशप्राप्त शिक्षिका नलिनी श्रीवास्तव, निशा, अंशु ठाकुर, सबिता सिंह, अधिवक्ता रूपम राज और प्रियंका सिंह सहित अनेक महिलाओं ने अपने विचार रखे। वक्ताओं ने महिला सशक्तीकरण, सामाजिक जागरूकता और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान मां दुर्गा की आरती की गई। समारोह के समापन पर झिझिया गीत की प्रस्तुति ने चंपारण की लोकसंस्कृति की छटा बिखेरी। अंत में अतिथियों और उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम का समापन ‘जय हिंद, जय बिहार’ के उद्घोष के साथ हुआ।