Full Story
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर इंडिया गठबंधन के सांसदों ने मंगलवार को संसद भवन से चुनाव आयोग की ओर ‘सेव डेमोक्रेसी मार्च’ निकाला लेकिन पुलिस ने रास्ते में उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया, जिसके बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी सांसद सड़क पर बैठ गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। मकर द्वार से निकले सांसद, रास्ते में पुलिस ने रोका विपक्षी सांसद पहले संसद भवन के मकर द्वार पर एकत्र हुए। यहां से वे ‘लोकतंत्र बचाओ’ और ‘ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो’ के नारे लगाते हुए चुनाव आयोग की ओर बढ़े। पुलिस ने ऑल इंडिया रेडियो के पास सांसदों को आगे जाने से रोक दिया। इसके बाद कई सांसदों ने आगे बढ़ने की कोशिश की और कुछ नेता बैरिकेड पर चढ़ गए। काफी देर तक आगे नहीं बढ़ पाने के बाद सांसद वहीं सड़क पर बैठ गए और धरना शुरू कर दिया। राहुल का पोस्टर—‘ज्ञानेश, इट्स डन ब्रो’ लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी प्रदर्शन में शामिल हुए। उनके हाथ में ‘ज्ञानेश, इट्स डन ब्रो’ लिखा पोस्टर था।राहुल गांधी ने कहा, “ज्ञानेश, हो गया भाई। अब इस्तीफा देने का समय है।” विपक्षी सांसद ‘सेव डेमोक्रेसी’ का बैनर लेकर मार्च में पहुंचे और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाए। 19 विपक्षी दलों के सांसदों का प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर 19 विपक्षी पार्टियों के सांसदों ने यह मार्च आयोजित किया। इनमें कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी, एनसीपी (एसपी), शिवसेना (यूबीटी), आरजेडी, सीपीएम, सीपीआई, एनसी, पीडीपी, जेएमएम, सीपीआई-एमएल, आईयूएमएल, केसी (एम), एमडीएमके, वीसीके, आरएसपी, एआईएफबी और केसी (जे) शामिल बताए गए हैं। इन दलों के पास लोकसभा में 178 और राज्यसभा में 62 सांसद बताए गए हैं। वहीं, दिल्ली में संसद से चुनाव आयोग तक निकाले गए इस मार्च में आप और डीएमके शामिल नहीं हुए। अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग को घेरा समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग केवल भाजपा के लिए काम कर रहा है। अखिलेश ने 2017, 2019, 2022 और 2024 के चुनावों में कथित गड़बड़ियों का आरोप लगाया। उन्होंने पश्चिम बंगाल में भी ‘वोट चोरी’ किए जाने का दावा किया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को लेकर शिकायतें और आपत्तियां नई नहीं हैं और पहले भी उसकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठते रहे हैं। फॉर्म-6 पर चिदंबरम ने उठाए सवाल कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने फॉर्म-6 में बदलाव का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट रूप से कहा था कि फॉर्म-6 में किसी बदलाव को मंजूरी नहीं दी गई है जबकि इसमें घोषणा जोड़ी गई है। आरजेडी सांसदों ने भी फॉर्म-6 को लेकर सवाल उठाए। उनका कहना था कि यदि फॉर्म-6 को मंजूरी नहीं दी गई थी और एकतरफा फैसलों को रद्द करने की बात कही गई है तो अब किसी तैयारी की जरूरत नहीं होनी चाहिए। एसआईआर पर कांग्रेस की तीन मांगें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एसआईआर को लेकर तीन प्रमुख मांगें रखी हैं, जिनमें ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, एसआईआर को रद्द करना और बैलट पेपर से चुनाव कराना शामिल हैं। श्री खड़गे ने आरोप लगाया कि एसआईआर के कारण 13 करोड़ मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की मांग करते हुए चुनाव प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि, इन आरोपों पर चुनाव आयोग का पक्ष उपलब्ध सामग्री में शामिल नहीं है। मनोज झा ने निष्पक्ष चुनाव पर उठाया सवाल आरजेडी सांसद मनोज झा ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में निष्पक्ष चुनाव नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने की जरूरत है और इसी मुद्दे को लेकर इंडिया गठबंधन के सांसद चुनाव आयोग की ओर मार्च कर रहे हैं। टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने भी ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा देने की मांग की। ‘14 आपत्तियों’ के दावे ने बढ़ाया विवाद गौरतलब है कि ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया गया है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने एसआईआर से जुड़े फैसलों और आदेशों पर रिकॉर्ड में कम से कम 14 बार आपत्ति जताई थी। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि कुछ फैसले दोनों चुनाव आयुक्तों की जानकारी या सिफारिश के बिना जारी किए गए। इन दावों के बाद विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध तेज किया है। जया बच्चन पीडीए का पोस्टर लेकर पहुंचीं समाजवादी पार्टी सांसद जया बच्चन पीडीए के वोट काटे जाने के दावे वाला पोस्टर लेकर प्रदर्शन में पहुंचीं। सपा पीडीए में पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक समुदायों को शामिल करती है। पार्टी लंबे समय से इसी राजनीतिक-सामाजिक समीकरण को अपने प्रमुख मुद्दों में शामिल करती रही है। सेंट्रल दिल्ली में सुरक्षा कड़ी विपक्षी सांसदों के मार्च को देखते हुए संसद मार्ग, जंतर-मंतर और चुनाव आयोग के आसपास सुरक्षा बढ़ाई गई। सेंट्रल दिल्ली में सुबह आठ बजे से कई सड़कों पर यातायात डायवर्ट या नियंत्रित किए जाने की बात कही गई। कनॉट प्लेस, पटेल चौक, संसद मार्ग और जंतर-मंतर के आसपास बैरिकेडिंग के कारण यातायात प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई। लोगों से जंतर-मंतर, संसद मार्ग, अशोक रोड और आसपास के इलाकों में अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई। पहले भी चुनाव आयोग तक मार्च कर चुका है विपक्ष इंडिया गठबंधन ने 11 अगस्त 2025 को भी संसद भवन से चुनाव आयोग कार्यालय तक मार्च निकाला था, जिसमें राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और शरद पवार समेत कई विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए थे। इस बार विपक्ष के प्रदर्शन के केंद्र में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, एसआईआर और चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया है।



Comments
0