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पटना। बिहार की राजधानी पटना की एक सत्र अदालत ने तीन तलाक देने के जुर्म में आज एक व्यक्ति को दो वर्षों के सश्रम कारावास के साथ ही 6500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। संभवतः पटना में तीन तलाक का यह पहला मामला है, जिसमें सजा सुनाई गई है। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश राजीव रंजन सहाय ने मामले में सुनवाई के बाद पटना जिले के बिहटा थाना क्षेत्र स्थित सिमरी गांव निवासी नौशाद अहमद को भारतीय दंड विधान और तीन तलाक अधिनियम 2019 की धारा 4 के तहत दोषी करार देने के बाद यह सजा सुनाई है। जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर दोषी को एक माह बाइस दिन के कारावास की सजा अलग से भुगतनी होगी। जुर्माने की राशि वसूल होने पर पत्नी को दी जाएगी। मामले की प्राथमिकी फुलवारीशरीफ थाना कांड संख्या 1142/2022 के रूप में भारतीय दंड विधान और तीन तलाक अधिनियम 2019 की धारा 4 के तहत दर्ज की गई थी। जांच के बाद पुलिस ने प्रथमदृष्टया मामला सही पाते हुए अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था। आरोप के अनुसार, पीड़िता की शादी दोषी के साथ वर्ष 2001 में हुई थी । उनके तीन बच्चे भी थे। वर्ष 2022 में दोषी ने पीड़िता को तीन तलाक दे दिया था । आरोप साबित करने के लिए अभियोजन ने इस मामले में तीन गवाहों का बयान अदालत में कलमबंद करवाया था।