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मोतिहारी। किसी घर में बेटे की शादी की तैयारियां चल रही थीं, तो किसी परिवार की आंखें परदेश से अपने पुत्र के लौटने की राह देख रही थीं लेकिन सड़क पर दौड़ते वाहनों ने खुशियों को मातम में बदल दिया। बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई। इसके साथ ही पिछले 48 घंटे में सड़क हादसों में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। सबसे हृदयविदारक घटना चकिया के बैसाहा मोड़ के समीप हुई, जहां अज्ञात वाहन की ठोकर से पचपकड़ी निवासी कुंदन कुमार (27) की मौत हो गई। पिता की मौत के बाद कुंदन ने हाल ही में स्वीट हाउस का कारोबार शुरू किया था। आगामी 10 मार्च 2027 को उसकी शादी होनी थी। घर में नई जिंदगी के सपने सज रहे थे और परिवार विवाह की तैयारियों में जुटने वाला था। लेकिन शादी की शहनाई बजने से पहले ही उसकी मौत की खबर ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। दुर्घटना शुक्रवार की देर रात घटित हुई। मोटरसाइकिल सवार कुंदन और आकाश को अज्ञात वाहन ने ठोकर मार दी थी। कुंदन की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी जबकि सुबह होने तक मदद के इंतजार में घायल 25 वर्षोय आकाश तड़पता रहा। सुबह में लोगों ने देखा और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने घायल को इलाज के लिए और मृतक को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। दूसरी ओर, रामगढ़वा में पांच दिन पहले अज्ञात वाहन की ठोकर से घायल हुए 66 वर्षीय धर्मदेव राम ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। दुर्घटना के बाद से उनकी जिंदगी बचाने की उम्मीद लगाए परिजनों को अंततः निराशा हाथ लगी। तीसरी मौत कर्नाटक में सड़क दुर्घटना में केसरिया निवासी सचिन कुमार (27) की हुई। कल्याणपुर क्षेत्र के निवासी उसके पिता पारस सहनी को बेटे के दीपावली-छठ के अवसर पर घर लौटने का इंतजार था। परिवार की जिम्मेदारियां निभाने और रोजी-रोटी कमाने के लिए सचिन कर्नाटक में मजदूरी करता था। शनिवार को जब वह घर लौटा, तो परिवार के सामने उसका निर्जीव शरीर था। जिस बेटे के लौटने से घर में रौनक आने की उम्मीद थी, उसकी मौत ने परिवार को गहरे शोक में डुबो दिया।



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