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मुंबई। पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली और एशियाई शेयर बाजारों में भारी गिरावट से गुरुवार को घरेलू शेयर बाजार में चौतरफा दबाव रहा, जिससे सेंसेक्स 460.30 अंक टूटकर 73,249.39 और निफ्टी 123.70 अंक गिरकर 22,687.65 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान बाजार ने कई बार संभलने की कोशिश की लेकिन प्रमुख कंपनियों के शेयरों में गिरावट और कमजोर वैश्विक संकेतों के कारण निवेशकों का भरोसा डगमगाता रहा। सेंसेक्स में 0.62 प्रतिशत और निफ्टी में 0.54 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और शेयरों के ऊंचे मूल्यांकन को लेकर बढ़ती चिंता आने वाले कारोबारी सत्रों में भी उतार-चढ़ाव बढ़ा सकती है। सेंसेक्स 715 अंक के दायरे में झूला शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स पिछले बंद स्तर 73,709.69 के मुकाबले 73,343.33 अंक पर खुला। बाद में इसमें कुछ सुधार हुआ और सूचकांक 73,720.83 अंक के दिन के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया। हालांकि, ऊपरी स्तरों पर बिकवाली बढ़ने से सेंसेक्स फिसलकर 73,005.11 अंक के निचले स्तर तक आ गया। इस तरह दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 715.72 अंकों का उतार-चढ़ाव देखा। अंत में यह 460.30 अंक यानी 0.62 प्रतिशत गिरकर 73,249.39 पर बंद हुआ। निफ्टी 22,555 तक लुढ़का, फिर कुछ संभला नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी बिकवाली के दबाव से नहीं बच सका। निफ्टी पिछले कारोबारी सत्र में 22,811.35 अंक पर बंद हुआ था। गुरुवार को यह 22,687.75 अंक पर खुला और कारोबार के दौरान 22,785 अंक के उच्चतम स्तर तक पहुंचा। बिकवाली तेज होने पर सूचकांक 22,554.85 अंक तक फिसल गया। हालांकि, निचले स्तरों से कुछ सुधार के बाद निफ्टी 123.70 अंक यानी 0.54 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,687.65 अंक पर बंद हुआ। छोटे और मझोले शेयरों पर भी बिकवाली की मार गिरावट केवल सेंसेक्स और निफ्टी की बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी निवेशकों ने बिकवाली की। बीएसई 150 मिडकैप सूचकांक 0.79 प्रतिशत गिरकर 15,468.60 अंक पर आ गया। वहीं, बीएसई 250 स्मॉलकैप सूचकांक 0.92 प्रतिशत टूटकर 6,618.11 अंक पर बंद हुआ। बड़ी कंपनियों की तुलना में छोटे शेयरों में अधिक गिरावट से साफ हुआ कि बाजार में कमजोरी का असर व्यापक रहा। रिलायंस और एचडीएफसी बैंक ने बढ़ाया दबाव सेंसेक्स की प्रमुख कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में सबसे अधिक 2.59 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। रिलायंस का शेयर 31.30 रुपये टूटकर 1,176 रुपये पर बंद हुआ। इटरनल का शेयर 2.20 प्रतिशत गिरकर 304.90 रुपये और एचडीएफसी बैंक का शेयर 1.85 प्रतिशत फिसलकर 693.30 रुपये पर आ गया। पावर ग्रिड में 1.71 प्रतिशत, ट्रेंट में 1.56 प्रतिशत, इन्फोसिस और एशियन पेंट्स में 1.40-1.40 प्रतिशत की गिरावट रही। आईटीसी का शेयर 1.34 प्रतिशत, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स का 1.24 प्रतिशत और महिंद्रा एंड महिंद्रा का शेयर 0.99 प्रतिशत कमजोर हुआ। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, लार्सन एंड टुब्रो, हिंदुस्तान यूनिलीवर, मारुति सुजुकी, टेक महिंद्रा, टाइटन, इंडिगो, एनटीपीसी और एक्सिस बैंक के शेयर भी लाल निशान में बंद हुए। गिरते बाजार में बजाज फाइनेंस और अल्ट्राटेक चमके बाजार की कमजोरी के बावजूद कुछ बड़ी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। बजाज फाइनेंस का शेयर 1.61 प्रतिशत चढ़कर 939.95 रुपये पर बंद हुआ। अल्ट्राटेक सीमेंट में 1.52 प्रतिशत की तेजी रही और इसका शेयर 10,975 रुपये पर पहुंच गया। आईसीआईसीआई बैंक का शेयर 0.71 प्रतिशत बढ़कर 1,394.80 रुपये और सन फार्मा का शेयर 0.51 प्रतिशत चढ़कर 1,753.95 रुपये पर बंद हुआ। भारतीय स्टेट बैंक में 0.46 प्रतिशत, भारती एयरटेल में 0.40 प्रतिशत, अदाणी पोर्ट्स में 0.38 प्रतिशत और टाटा स्टील में 0.29 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। कोटक महिंद्रा बैंक, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और बजाज फिनसर्व के शेयर भी मामूली तेजी के साथ बंद हुए। एफएमसीजी, कैपिटल गुड्स और ऊर्जा शेयरों में भारी गिरावट सेक्टरवार कारोबार में लगभग सभी प्रमुख क्षेत्रों पर बिकवाली का दबाव रहा। सबसे अधिक गिरावट एफएमसीजी क्षेत्र में दर्ज की गई, जिसका सूचकांक 1.41 प्रतिशत टूट गया। कैपिटल गुड्स में 1.34 प्रतिशत, इंडस्ट्रियल्स में 1.33 प्रतिशत और हाउसिंग फाइनेंस में 1.26 प्रतिशत की गिरावट रही। ऊर्जा क्षेत्र का सूचकांक 1.16 प्रतिशत और बिजली क्षेत्र का सूचकांक 1.10 प्रतिशत कमजोर हुआ। सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में 1.01 प्रतिशत, दूरसंचार में 0.95 प्रतिशत, यूटिलिटीज में 0.92 प्रतिशत और ऑटो क्षेत्र में 0.73 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। निजी बैंकों के सूचकांक में 0.49 प्रतिशत, धातु क्षेत्र में 0.50 प्रतिशत और तेल एवं गैस क्षेत्र में 0.62 प्रतिशत की कमजोरी रही। हेल्थकेयर अकेला सेक्टर, जिसने दिखाई मजबूती चौतरफा बिकवाली के बीच हेल्थकेयर क्षेत्र ने मामूली बढ़त दर्ज की। हेल्थकेयर सूचकांक 0.02 प्रतिशत ऊपर रहा। हालांकि, यह तेजी बेहद सीमित थी, लेकिन अधिकांश क्षेत्रों में गिरावट के बीच इस सेक्टर का सकारात्मक प्रदर्शन अलग दिखाई दिया। वहीं, अस्पताल क्षेत्र का सूचकांक 0.64 प्रतिशत गिरा। एशियाई बाजारों में भी भारी गिरावट भारतीय शेयर बाजार की कमजोरी के पीछे एशियाई बाजारों से मिले नकारात्मक संकेत भी महत्वपूर्ण रहे। दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक 3.52 प्रतिशत टूट गया। हांगकांग का हैंगसेंग 3.03 प्रतिशत और जापान का निक्केई 2.65 प्रतिशत गिरा। चीन का शंघाई कंपोजिट सूचकांक भी 1.48 प्रतिशत नीचे रहा। एशियाई बाजारों में इस व्यापक गिरावट ने भारतीय बाजार में निवेशकों की चिंता बढ़ाई।



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