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मुंबई। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और निवेशकों की सतर्कता के बीच घरेलू शेयर बाजार में शुक्रवार को लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट जारी रही तथा कारोबार के दौरान भारी उतार-चढ़ाव के बाद बीएसई का सेंसेक्स 125.56 अंक गिरकर 73,123.83 और एनएसई का निफ्टी 87.65 अंक टूटकर 22,600 के स्तर पर रहा। दिन में 1314 अंक के दायरे में झूला सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स बढ़त के साथ खुला। सेंसेक्स पिछले बंद स्तर 73,249.39 के मुकाबले 73,665.64 अंक पर खुला और शुरुआती कारोबार में 73,766.51 अंक के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया। हालांकि, इसके बाद बिकवाली का दबाव बढ़ने से सूचकांक 72,452.37 अंक के निचले स्तर तक फिसल गया। इस तरह दिन के ऊपरी और निचले स्तर के बीच करीब 1,314 अंकों का बड़ा अंतर रहा। बाद में निचले स्तरों से खरीदारी लौटने पर सेंसेक्स ने नुकसान का बड़ा हिस्सा कम किया और 73,123.83 अंक पर रहा, जो पिछले बंद स्तर से 125.56 अंक यानी 0.17 प्रतिशत नीचे है। निफ्टी भी फिसला, 22372 तक पहुंचा नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 भी पूरे कारोबार के दौरान दबाव में रहा। सूचकांक पिछले बंद स्तर 22,687.65 के मुकाबले 22,742.20 अंक पर खुला और 22,787.25 अंक के ऊपरी स्तर तक पहुंचा। इसके बाद बिकवाली तेज होने से निफ्टी 22,372 अंक तक लुढ़क गया। हालांकि, निचले स्तरों से सुधार के बाद यह 22,600 अंक पर रहा। इस तरह निफ्टी में 87.65 अंक यानी 0.39 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांकों में नुकसान सीमित रहने के बावजूद बाजार के व्यापक हिस्से में बिकवाली का दबाव अधिक दिखाई दिया। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में ज्यादा मार गिरावट का सबसे अधिक असर मझोली और छोटी कंपनियों के शेयरों पर पड़ा। बीएसई 150 मिडकैप सूचकांक 2.10 प्रतिशत टूटकर 15,143.47 अंक पर आ गया। वहीं, बीएसई 250 स्मॉलकैप सूचकांक 2.68 प्रतिशत गिरकर 6,440.65 अंक पर रहा। मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में प्रमुख सूचकांकों से कहीं अधिक गिरावट यह दर्शाती है कि बाजार में बिकवाली केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं थी। मेटल और रियल्टी शेयरों में भारी बिकवाली कारोबार के दौरान अधिकांश सेक्टोरल सूचकांक लाल निशान में रहे। सबसे अधिक दबाव मेटल, रियल्टी, कैपिटल गुड्स और बैंकिंग से जुड़े कुछ सूचकांकों पर दिखाई दिया। मेटल सूचकांक 2.71 प्रतिशत, रियल्टी 2.63 प्रतिशत और कैपिटल गुड्स 2.51 प्रतिशत गिरा। यूटिलिटीज और सर्विसेज सूचकांकों में 2.30-2.30 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। सरकारी बैंकों का सूचकांक 2.12 प्रतिशत, पावर 2.11 प्रतिशत, कमोडिटीज और इंडस्ट्रियल्स 1.98-1.98 प्रतिशत टूटे। वित्तीय सेवाओं में 1.34 प्रतिशत, एफएमसीजी में 1.33 प्रतिशत, बैंकएक्स में 1.10 प्रतिशत, ऑटो में 1.01 प्रतिशत और टेलीकम्युनिकेशंस में 1.03 प्रतिशत की गिरावट रही। इनके अलावा कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सूचकांक 1.75 प्रतिशत, हाउसिंग फाइनेंस 2.41 प्रतिशत और मिडस्मॉल प्राइवेट बैंक सूचकांक 3.11 प्रतिशत गिरा। मिडस्मॉल प्राइवेट बैंक्स क्वालिटी टिल्ट सूचकांक में 3.45 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। आईटी सूचकांक 0.45 प्रतिशत, एनर्जी 0.51 प्रतिशत, ऑयल एंड गैस 0.75 प्रतिशत और हेल्थकेयर 0.89 प्रतिशत नीचे रहे। टाटा स्टील और अदाणी पोर्ट्स में सबसे ज्यादा गिरावट सेंसेक्स की प्रमुख कंपनियों में टाटा स्टील के शेयरों पर सबसे अधिक दबाव रहा। कंपनी का शेयर 3.21 प्रतिशत गिरकर 167.25 रुपये पर आ गया। अदाणी पोर्ट्स का शेयर 3.03 प्रतिशत टूटकर 1,703 रुपये और ट्रेंट का शेयर 2.13 प्रतिशत गिरकर 2,715.85 रुपये पर रहा। टेक महिंद्रा में 1.95 प्रतिशत, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स में 1.88 प्रतिशत और इंडिगो में 1.78 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। बजाज फिनसर्व का शेयर 1.72 प्रतिशत, कोटक महिंद्रा बैंक 1.70 प्रतिशत, टाइटन 1.42 प्रतिशत और बजाज फाइनेंस 1.38 प्रतिशत नीचे रहा। एनटीपीसी में 1.28 प्रतिशत, भारतीय स्टेट बैंक में 1.17 प्रतिशत, हिंदुस्तान यूनिलीवर में 0.76 प्रतिशत और सन फार्मा में 0.62 प्रतिशत की गिरावट रही। भारती एयरटेल, आईटीसी, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक, पावर ग्रिड और एचसीएल टेक्नोलॉजीज के शेयर भी नुकसान में रहे। बाजार की गिरावट के बीच इटरनल करीब 4 फीसदी उछला बाजार में चौतरफा दबाव के बावजूद कुछ बड़ी कंपनियों के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। सेंसेक्स की बढ़त वाली कंपनियों में इटरनल का शेयर सबसे आगे रहा। यह 3.97 प्रतिशत चढ़कर 317 रुपये पर पहुंच गया। लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) का शेयर 1.25 प्रतिशत बढ़कर 3,645 रुपये और रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 1.19 प्रतिशत चढ़कर 1,190 रुपये पर रहा। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) में एक प्रतिशत और अल्ट्राटेक सीमेंट में 0.83 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। एशियन पेंट्स का शेयर 0.59 प्रतिशत, मारुति सुजुकी 0.54 प्रतिशत, एक्सिस बैंक 0.48 प्रतिशत और इन्फोसिस 0.30 प्रतिशत बढ़ा। आईसीआईसीआई बैंक में भी मामूली 0.01 प्रतिशत की बढ़त रही। रिलायंस, एलएंडटी और टीसीएस जैसी बड़ी कंपनियों के शेयरों में तेजी ने प्रमुख सूचकांकों को निचले स्तरों से उबरने में सहारा दिया। एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार घरेलू बाजार में गिरावट के बीच प्रमुख एशियाई शेयर बाजारों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। हांगकांग का हैंगसेंग सूचकांक 0.69 प्रतिशत और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.89 प्रतिशत चढ़ा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक भी 0.30 प्रतिशत की बढ़त में रहा। दूसरी ओर जापान का निक्केई सूचकांक 0.34 प्रतिशत गिरा। कच्चे तेल की तेजी से बढ़ी चिंता, बाजार में सतर्कता घरेलू शेयर बाजार पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का दबाव देखने को मिला। तेल महंगा होने से आयात लागत और महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ सकती हैं, जिसका असर निवेशकों की धारणा पर पड़ता है। शुक्रवार के कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी का दिन के निचले स्तरों से काफी ऊपर आना यह संकेत देता है कि गिरावट के दौरान कुछ शेयरों में खरीदारी भी हुई। हालांकि, मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में दो प्रतिशत से अधिक की कमजोरी बाजार के व्यापक हिस्से में दबाव को दर्शाती है। लगातार चार सत्रों की गिरावट के बाद निवेशकों की नजर अब कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक बाजारों के रुख और घरेलू शेयरों में खरीददारी की वापसी पर रहेगी। प्रमुख सूचकांकों में नुकसान सीमित रहने के बावजूद छोटे और मझोले शेयरों में तेज गिरावट बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।


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