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मुंबई। वैश्विक बाजारों के कमजोर संकेतों और निजी बैंक तथा सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली से पिछले सप्ताह की तेजी पर सोमवार को ब्रेक लग गया और सेंसेक्स 876.37 अंक टूटकर 73,852.90 अंक तथा निफ्टी 257.20 अंक गिरकर 23 हजार के स्तर से नीचे 22,888.95 अंक पर आ गया। सेंसेक्स 876 अंक टूटा, निफ्टी में 257 अंक की गिरावट बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सोमवार को पिछले कारोबारी सत्र के 74,729.27 अंक के मुकाबले बढ़त के साथ 74,849.30 अंक पर खुला। शुरुआती कारोबार में यह 74,849.75 अंक के उच्चतम स्तर तक पहुंचा लेकिन इसके बाद बिकवाली का दबाव बढ़ने से 73,708.54 अंक के निचले स्तर तक लुढ़क गया। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 876.37 अंक यानी 1.17 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,852.90 अंक पर आ गया। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी पिछले सत्र के 23,146.15 अंक से 257.20 अंक अर्थात 1.11 प्रतिशत गिरकर 22,888.95 अंक पर आ गया। निफ्टी ने 23,150.85 अंक पर कारोबार की शुरुआत की और दिन में 23,175.25 अंक के उच्चतम तथा 22,845 अंक के न्यूनतम स्तर तक गया। मिडकैप-स्मॉलकैप भी फिसले बाजार में बिकवाली का असर केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रहा। मझोली और छोटी कंपनियों के शेयर भी दबाव में रहे। बीएसई का 150 मिडकैप सूचकांक 1.04 प्रतिशत गिरकर 15,842.73 अंक पर आ गया। वहीं, 250 स्मॉलकैप सूचकांक 1.29 प्रतिशत टूटकर 6,826.87 अंक पर पहुंच गया। इस गिरावट से स्पष्ट हुआ कि निवेशकों की सतर्कता का असर बाजार के विभिन्न वर्गों पर पड़ा। एक्सिस बैंक सबसे ज्यादा टूटा सेंसेक्स की कंपनियों में एक्सिस बैंक के शेयरों को सबसे बड़ा झटका लगा। इसका शेयर 3.85 प्रतिशत गिरकर 1,236.90 रुपये पर आ गया। अल्ट्राटेक सीमेंट का शेयर 2.82 प्रतिशत टूटकर 10,620.10 रुपये और इन्फोसिस 2.72 प्रतिशत गिरकर 1,130 रुपये रह गया। बजाज फाइनेंस में 2.54 प्रतिशत, ट्रेंट में 2.43 प्रतिशत, एनटीपीसी में 2.37 प्रतिशत और एचडीएफसी बैंक में 2.27 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। हिंदुस्तान यूनिलीवर का शेयर 2.16 प्रतिशत, बजाज फिनसर्व 1.97 प्रतिशत और भारती एयरटेल 1.69 प्रतिशत नीचे आया। आईसीआईसीआई बैंक में 1.06 प्रतिशत, टाटा स्टील में 0.97 प्रतिशत और सन फार्मा में 0.85 प्रतिशत की कमजोरी रही। रिलायंस इंडस्ट्रीज, कोटक महिंद्रा बैंक, आईटीसी, टाइटन, टेक महिंद्रा, महिंद्रा एंड महिंद्रा, पावर ग्रिड, एशियन पेंट्स, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और एचसीएल टेक्नोलॉजीज के शेयर भी गिरावट में रहे। गिरते बाजार में एसबीआई समेत चार शेयर चमके सेंसेक्स की 30 कंपनियों में केवल चार शेयर बढ़त दर्ज करने में सफल रहे जबकि शेष 26 शेयर नुकसान में रहे। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) का शेयर 1.12 प्रतिशत बढ़कर 972.45 रुपये पर पहुंच गया। अदाणी पोर्ट्स में 1.07 प्रतिशत की तेजी रही और इसका शेयर 1,761.20 रुपये पर आ गया। लार्सन एंड टुब्रो का शेयर 0.61 प्रतिशत मजबूत होकर 3,654.10 रुपये तथा इंडिगो 0.24 प्रतिशत चढ़कर 4,700 रुपये पर पहुंच गया। हाउसिंग फाइनेंस में सबसे बड़ी चोट क्षेत्रवार सूचकांकों में अधिकांश कारोबार गिरावट के साथ हुआ। सबसे ज्यादा 2.42 प्रतिशत की गिरावट हाउसिंग फाइनेंस क्षेत्र में दर्ज की गई। एफएमसीजी में 1.51 प्रतिशत, आईटी में 1.38 प्रतिशत, निजी बैंकों में 1.37 प्रतिशत और बीमा क्षेत्र में 1.33 प्रतिशत की गिरावट रही। कमोडिटी क्षेत्र 1.28 प्रतिशत, रियल एस्टेट 1.23 प्रतिशत, वित्तीय सेवाएं 1.17 प्रतिशत और बिजली क्षेत्र 1.07 प्रतिशत नीचे आया। स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में 1.04 प्रतिशत, पूंजीगत वस्तुओं में एक प्रतिशत, औद्योगिक क्षेत्र में 0.83 प्रतिशत और वाहन क्षेत्र में 0.73 प्रतिशत की कमजोरी रही। धातु क्षेत्र का सूचकांक 0.56 प्रतिशत गिरा। इसके विपरीत सरकारी बैंकों के सूचकांक में 2.60 प्रतिशत की जोरदार तेजी दर्ज की गई। मझोले और छोटे निजी बैंकों से जुड़े दो अन्य सूचकांकों में क्रमशः 1.08 प्रतिशत और 0.15 प्रतिशत की बढ़त रही। निजी बैंकों के नतीजों ने बढ़ाई निवेशकों की चिंता जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने बताया कि हाल की तेजी के बाद बाजार में दोबारा बिकवाली का दबाव बढ़ गया है। इसकी प्रमुख वजह निजी बैंकों और आईटी कंपनियों के शेयरों में कमजोरी तथा वैश्विक बाजारों से मिले प्रतिकूल संकेत रहे। उन्होंने बताया कि तिमाही नतीजों के बाद निजी बैंकों के मुनाफे के मार्जिन को लेकर चिंता बढ़ी है। इससे इन कंपनियों के शेयरों में बिकवाली देखी गई। हालांकि, सरकारी बैंकों ने बाजार की गिरावट के विपरीत बेहतर प्रदर्शन किया। निवेशकों को उम्मीद है कि सरकारी बैंकों का मुनाफा मार्जिन और कर्ज की गुणवत्ता अपेक्षाकृत बेहतर बनी रह सकती है। कच्चे तेल में नरमी, लेकिन वैश्विक तनाव बरकरार रूस से जुड़े कुछ प्रमुख प्रतिबंधों में अमेरिका की ओर से छूट दिए जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई। इस कदम से वैश्विक बाजार में रूसी ईंधन की आपूर्ति बढ़ने की उम्मीद बनी है। हालांकि, कच्चे तेल की कीमतें अभी भी ऊंचे स्तर पर हैं और भू-राजनीतिक तनाव के कारण आगे की स्थिति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। एशियाई बाजारों में मिलाजुला रुख सोमवार को एशियाई शेयर बाजारों का प्रदर्शन एक जैसा नहीं रहा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक 1.76 प्रतिशत चढ़ा, जबकि हांगकांग के हैंगसेंग में 0.52 प्रतिशत और चीन के शंघाई कंपोजिट में 0.39 प्रतिशत की बढ़त रही। दूसरी ओर, जापान का निक्केई सूचकांक 0.62 प्रतिशत गिर गया। अब कंपनियों के तिमाही नतीजों पर नजर निफ्टी का 23 हजार अंक के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसलना निवेशकों की सतर्कता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि कंपनियों के तिमाही नतीजों को लेकर उतार-चढ़ाव और वैश्विक परिस्थितियों की अनिश्चितता के बीच बाजार का व्यापक रुझान कमजोर बना हुआ है। आने वाले दिनों में कंपनियों की कमाई, विशेष रूप से निजी बैंकों के मुनाफे की स्थिति और आईटी क्षेत्र के प्रदर्शन पर निवेशकों की नजर रहेगी। वैश्विक बाजारों के संकेत भी घरेलू शेयर बाजार की अगली दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।