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सीवान। बिहार के सीवान शहर में राजेंद्र पथ स्थित कल्याण ज्वेलर्स के समीप कयूम मियां मार्केट में सोमवार की शाम एसी-फ्रिज के पुर्जे और गैस बेचने वाली एक दुकान में शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। दुकान में रखे गैस सिलेंडरों के एक के बाद एक फटने से पूरा इलाका धमाकों से गूंज उठा। आग की लपटों ने आसपास की कई दुकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, करीब एक दर्जन दुकानें जल गई हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पूरे शहर की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई और पुलिस ने सड़क पर आवागमन रोक दिया। समाचार लिखे जाने तक दमकल की टीमें आग बुझाने में जुटी थीं। शाम साढ़े सात बजे भड़की आग, देखते ही देखते फैली घटना सोमवार शाम करीब 7:30 बजे शहर के राजेंद्र पथ स्थित कल्याण ज्वेलर्स के पास कयूम मियां मार्केट में हुई। बताया जा रहा है कि एसी और फ्रिज के पुर्जे तथा गैस बेचने वाली दुकान में अचानक आग लग गई। शुरुआती जानकारी में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की वजह बताया गया है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। दुकान में ज्वलनशील गैस के सिलेंडर रखे होने के कारण आग तेजी से फैलने लगी। देखते ही देखते लपटें इतनी भयावह हो गईं कि आसपास की दुकानों पर भी खतरा मंडराने लगा। 70 सिलेंडर रखे होने की सूचना, पांच में धमाका स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, आग लगने वाली दुकान में एसी और फ्रिज में इस्तेमाल होने वाली गैस के करीब 70 सिलेंडर रखे हुए थे। इनमें से लगभग पांच सिलेंडरों में विस्फोट होने की सूचना है। लगातार हो रहे धमाकों से आग और भड़क गई, जिससे दमकल कर्मियों को उसे बुझाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सिलेंडरों के फटने की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के इलाकों में भी दहशत फैल गई। दशहरा मेले की रौनक के बीच मची अफरा-तफरी हादसे के समय शहर में दशहरा मेले को लेकर चहल-पहल थी। लोग त्योहार का आनंद ले रहे थे लेकिन अचानक हुए तेज धमाकों ने माहौल बदल दिया। विस्फोट की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग घबरा गए। दुकान और मार्केट में मौजूद लोग भी आग लगते ही बाहर निकल आए। धमाकों और आसमान की ओर उठती लपटों से पूरे इलाके में भय का माहौल बन गया। करीब एक दर्जन दुकानें आग की चपेट में स्थानीय लोगों का कहना है कि आग ने मार्केट की करीब एक दर्जन दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। कई दुकानों के जलने से व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, कितनी दुकानें पूरी तरह नष्ट हुईं और कितने रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ, इसका आधिकारिक आकलन अभी नहीं हो सका है। आग बुझने और स्थिति सामान्य होने के बाद ही नुकसान की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। पूरे शहर की बिजली काटी, सड़क पर यातायात रोका आग लगने की सूचना मिलते ही बिजली विभाग ने एहतियात के तौर पर पूरे शहर की बिजली आपूर्ति बंद कर दी। उधर, सिलेंडरों में विस्फोट और आग फैलने के खतरे को देखते हुए पुलिस ने घटनास्थल के पास सड़क के एक हिस्से पर वाहनों की आवाजाही रोक दी। इसका उद्देश्य घटनास्थल पर भीड़ को नियंत्रित करना, लोगों को सुरक्षित रखना और दमकल की गाड़ियों को बिना बाधा के राहत कार्य करने देना था। दमकल की कई गाड़ियां पहुंचीं, तीन एंबुलेंस तैनात हादसे की सूचना मिलते ही शहर के विभिन्न स्थानों पर तैनात अग्निशमन विभाग की गाड़ियों को कयूम मियां मार्केट भेजा गया। दमकल कर्मियों ने पहुंचते ही आग बुझाने का अभियान शुरू किया लेकिन गैस सिलेंडरों में लगातार हो रहे विस्फोट बड़ी चुनौती बन गए। हालात की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने बचाव और राहत कार्य के लिए तीन एंबुलेंस भी घटनास्थल पर भेजीं ताकि जरूरत पड़ने पर घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया जा सके। एक घंटे बाद भी नहीं बुझी आग आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि करीब एक घंटे तक लगातार प्रयास करने के बावजूद दमकलकर्मी उस पर पूरी तरह काबू नहीं पा सके थे। ज्वलनशील गैस के सिलेंडरों की मौजूदगी से आग बुझाने का काम जोखिम भरा बना रहा। अग्निशमन विभाग की टीमें आग को आसपास की अन्य दुकानों तक फैलने से रोकने का प्रयास करती रहीं। जनहानि की पुष्टि नहीं, नुकसान का आकलन बाकी राहत की बात यह रही कि शुरुआती जानकारी में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली। हालांकि, जनहानि को लेकर आधिकारिक पुष्टि भी नहीं हुई थी। आग लगने के वास्तविक कारण, फटे सिलेंडरों की अंतिम संख्या और संपत्ति के नुकसान की पूरी जानकारी सामने आनी बाकी है। समाचार लिखे जाने तक दमकल कर्मी आग बुझाने में जुटे थे और प्रशासन की ओर से एहतियाती कदम उठाए जा रहे थे।