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सीवान। बिहार के सीवान जिले के जामो बाजार थाना क्षेत्र के आलमापुर गांव में शुक्रवार शाम पटाखा बनाने के दौरान एक मकान में आग लगने से हुए भीषण विस्फोट में चार लोगों की झुलसकर मौत हो गई। शाम चार बजे धमाके से दहला गांव, मकान की छत उड़ी जानकारी के अनुसार, आलमापुर गांव में शुक्रवार शाम करीब चार बजे पटाखा कारोबारी आजाद अहमद के घर में अचानक आग लग गई। उस समय मकान में पटाखे बनाने का काम चल रहा था। आग लगने के कुछ ही देर बाद जोरदार विस्फोट हुआ। धमाका इतना तेज था कि मकान की छत उड़ गई और भवन का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। चार मौतों की पुष्टि, बाकी लोगों की स्थिति स्पष्ट नहीं घटनास्थल पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक (एसपी) भारत सोनी ने बताया कि अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, विस्फोट के समय एक परिवार के सात सदस्य मकान के भीतर मौजूद थे। हालांकि, इनमें से अन्य लोगों की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि मेडिकल टीम की जांच और पुष्टि के बाद ही मृतकों तथा घायलों की वास्तविक संख्या सामने आ सकेगी। ऐसे में मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता लेकिन फिलहाल चार मौतों के अलावा किसी अन्य जनहानि की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। रुक-रुककर हो रहे धमाके, बचाव अभियान में बाधा आलमापुर में विस्फोट के बाद भी खतरा पूरी तरह टला नहीं है। घटनास्थल पर रुक-रुककर पटाखों के फटने का सिलसिला जारी रहने से राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित हो रहा है। लगातार धमाकों के कारण बचाव दल को प्रभावित परिसर तक सुरक्षित पहुंचने में कठिनाई हो रही है। पुलिस और अन्य विभागों की टीमें स्थिति को नियंत्रित करने तथा संभावित पीड़ितों का पता लगाने में जुटी हैं। प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल घटनास्थल को सुरक्षित बनाना और वहां मौजूद लोगों की वास्तविक स्थिति का पता लगाना है। घटनास्थल की घेराबंदी, 200 मीटर दूर रहने की अपील सुरक्षा को देखते हुए पुलिस ने विस्फोट प्रभावित इलाके की घेराबंदी कर दी है। आसपास के लोगों को घटनास्थल के नजदीक नहीं जाने की सलाह दी गई है। श्री सोनी ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे घटनास्थल से कम से कम 200 मीटर की दूरी बनाए रखें। उन्होंने बताया कि वहां अभी भी रुक-रुककर विस्फोट हो रहे हैं, इसलिए लोगों का नजदीक जाना खतरनाक हो सकता है। पुलिस, दमकल और मेडिकल टीम मौके पर, एफएसएल करेगी जांच हादसे के बाद पुलिस के साथ अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग और बिजली विभाग की टीमें घटनास्थल पर पहुंच गई हैं। बचाव अभियान के साथ-साथ विस्फोट के कारणों का पता लगाने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है। एसपी ने बताया कि विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की टीम घटनास्थल से नमूने एकत्र करेगी। इन नमूनों की जांच से विस्फोट से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट करने में मदद मिलेगी। पटाखे बनाने का लाइसेंस था या नहीं, होगी जांच एसपी भारत सोनी ने स्पष्ट किया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर विस्तृत जांच की जाएगी। जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि पटाखा निर्माण में इस्तेमाल होने वाली विस्फोटक सामग्री कहां से मंगाई जाती थी और कारोबार से जुड़े लोगों के पास वैध लाइसेंस था या नहीं। ग्रामीणों के मुताबिक, संबंधित लोग करीब 20 वर्षों से पटाखा बनाने के कारोबार में लगे थे और पहले उनके पास लाइसेंस भी था। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि लाइसेंस की वर्तमान वैधता और स्थिति का सत्यापन अभी बाकी है। इसलिए जांच पूरी होने से पहले कारोबार के अधिकृत या अनधिकृत होने के संबंध में कोई निष्कर्ष नहीं निकाला गया है। सत्यापन में लापरवाही मिली तो होगी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पटाखा कारोबार से जुड़े लोगों के लाइसेंस और उनकी गतिविधियों का सत्यापन करने के लिए संबंधित अधिकारियों को पहले ही निर्देश दिए गए थे। अब जांच में यह भी देखा जाएगा कि सत्यापन की प्रक्रिया में किसी स्तर पर कमी या लापरवाही तो नहीं बरती गई। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान यदि किसी की जिम्मेदारी या लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।



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