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सीवान। बिहार के सीवान जिले के जामो बाजार थाना क्षेत्र के आलमपुर गांव में शुक्रवार को हुए भीषण पटाखा विस्फोट में मृतकों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है वहीं क्षतिग्रस्त मकान के मलबे में अन्य लोगों के दबे होने की आशंका है। मलबे से पांच शव मिले, मृतकों में आठ साल का बच्चा भी विस्फोट के बाद चले बचाव अभियान में प्रशासन ने मकान के मलबे और आसपास के इलाके से पांच शव बरामद किए। मृतकों की पहचान आलमपुर निवासी मकान मालिक अमीरुद्दीन मियां (65), खुशबू सिद्दीकी (13), मुस्कान सिद्दीकी (23), अरसद सिद्दीकी (8) और बड़हरिया थाना क्षेत्र के सदरपुर निवासी राजकुमार सिंह (35) के रूप में हुई है। अमीरुद्दीन मियां स्वर्गीय इस्लाम मियां के पुत्र थे। खुशबू सिद्दीकी स्वर्गीय अयाद अहमद की पुत्री, मुस्कान सिद्दीकी आजाद अहमद की पुत्री और अरसद सिद्दीकी फिरोज अहमद के पुत्र थे। वहीं, राजकुमार सिंह सदरपुर निवासी स्वर्गीय शंकर सिंह के पुत्र थे। धमाकों के बीच चला बचाव अभियान विस्फोट से मकान का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। मलबे के बीच बचावकर्मियों को काम करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।घटनास्थल पर रुक-रुककर विस्फोट हो रहे थे। इसके साथ ही क्षतिग्रस्त मकान के किसी भी समय ढहने का खतरा बना हुआ था। रात बढ़ने के साथ अंधेरे ने भी बचाव कार्य को और कठिन बना दिया। इन परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन ने पांच शव बरामद करने के बाद शुक्रवार रात करीब 10 बजे अभियान अस्थायी रूप से रोक दिया ताकि बचाव दल की सुरक्षा को खतरा न हो। शनिवार को जेसीबी से हटेगा मलबा, अन्य लोगों की होगी तलाश हादसे के बाद आशंका जताई जा रही है कि मकान के मलबे में परिवार के कुछ अन्य सदस्य भी दबे हो सकते हैं। हालांकि, मलबे में कितने लोग फंसे हैं, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन ने शनिवार को दोबारा बचाव अभियान शुरू करने की तैयारी की है। इस दौरान जेसीबी मशीन की मदद से क्षतिग्रस्त मकान का मलबा हटाया जाएगा। मलबा हटने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि उसके नीचे कोई अन्य व्यक्ति फंसा है या नहीं। इस बीच प्रभावित परिवारों के सदस्य अपनों की सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए हुए हैं। डीआईजी, डीएम और एसपी ने संभाली कमान हादसे की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। पु लिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) नीलेश कुमार, जिलाधिकारी (डीएम) विजय प्रकाश मीणा और पुलिस अधीक्षक (एसपी) भारत सोनी ने मौके पर मौजूद रहकर राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी की। अधिकारियों ने बचाव अभियान के दौरान सामने आ रही चुनौतियों और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। रात करीब 10 बजे अभियान स्थगित किए जाने के बाद वरिष्ठ अधिकारी मुख्यालय लौट गए। 14 एंबुलेंस, पांच से अधिक दमकल गाड़ियां तैनात विस्फोट के बाद बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव संसाधन लगाए गए। घटनास्थल पर करीब 14 एंबुलेंस, पांच से अधिक दमकल गाड़ियां और तीन मोर्चरी वाहन तैनात किए गए थे। सुरक्षा और बचाव व्यवस्था में सैकड़ों पुलिसकर्मियों को भी लगाया गया। सिविल सर्जन डॉ. श्रीनिवास प्रसाद के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम घटनास्थल पर मौजूद रही, ताकि किसी घायल के मिलने पर उसे तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके। हादसे की पूरी तस्वीर अभी बाकी आलमपुर में हुए विस्फोट के बाद प्रशासन के सामने दो बड़ी चुनौतियां हैं। पहली, क्षतिग्रस्त मकान का मलबा सुरक्षित तरीके से हटाकर संभावित रूप से फंसे लोगों की तलाश करना और दूसरी, विस्फोट के कारणों का पता लगाना।फिलहाल पांच लोगों की मौत की पुष्टि हुई है लेकिन अन्य संभावित पीड़ितों की स्थिति स्पष्ट नहीं है। विस्फोट किन परिस्थितियों में हुआ और हादसे में कुल कितने लोग प्रभावित हुए, इसकी पूरी जानकारी जांच तथा बचाव अभियान समाप्त होने के बाद ही सामने आ सकेगी। शनिवार को दोबारा शुरू होने वाला राहत एवं बचाव अभियान इस हादसे की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने में अहम होगा। फिलहाल आलमपुर गांव में पांच लोगों की मौत से मातम पसरा है और प्रभावित परिवारों की निगाहें मलबे में होने वाली अगली तलाश पर टिकी हैं।