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सीवान। बिहार के सीवान जिले में जैक मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल, सीवान के चेयरमैन डॉ. ख्वाजा एहतेशाम अहमद का टाइप-2 डायबिटीज, मोटापा और फैटी लिवर के उपचार में सेमाग्लूटाइड दवा की भूमिका पर आधारित शोध 9 से 12 अप्रैल 2027 तक सिंगापुर में आयोजित होने वाली आईडीएफ वर्ल्ड डायबिटीज कांग्रेस-2027 के आधिकारिक कार्यक्रम में प्रस्तुति के लिए स्वीकार किया गया है। छह महीने के इलाज में मरीजों पर असर का अध्ययन डॉ. ख्वाजा एहतेशाम अहमद ने बताया कि उनके शोध में वास्तविक चिकित्सा परिस्थितियों में सेमाग्लूटाइड दवा से इलाज कराने वाले मरीजों के लगभग छह महीने के स्वास्थ्य संबंधी परिणामों का मूल्यांकन किया गया है। अध्ययन में यह समझने की कोशिश की गई कि उपचार के दौरान मरीजों के वजन, ब्लड शुगर, एचबीए1सी, ब्लड प्रेशर, लिपिड प्रोफाइल और फैटी लिवर की स्थिति में किस तरह के बदलाव आते हैं। शोध का मुख्य उद्देश्य टाइप-2 डायबिटीज, मोटापा और मेटाबॉलिक डिसफंक्शन से जुड़ी फैटी लिवर बीमारी (एमएएसएलडी) के उपचार में इस दवा की उपयोगिता का वैज्ञानिक आकलन करना है। डायबिटीज के साथ मोटापा और फैटी लिवर पर फोकस डॉ. अहमद ने बताया कि टाइप-2 डायबिटीज, मोटापा और फैटी लिवर जैसी बीमारियां स्वास्थ्य क्षेत्र के सामने महत्वपूर्ण चुनौतियां हैं। इनसे प्रभावित मरीजों के बेहतर इलाज के लिए दवाओं के प्रभाव का वैज्ञानिक अध्ययन आवश्यक है। उन्होंने बताया कि शोध के माध्यम से मरीजों के उपचार से जुड़े वास्तविक अनुभवों और उनके स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न मानकों में होने वाले बदलावों का विश्लेषण किया गया है। इस अध्ययन का उद्देश्य यह समझना है कि सेमाग्लूटाइड से उपचार के दौरान मरीजों की सेहत से जुड़े अलग-अलग पहलुओं में क्या परिवर्तन देखने को मिलते हैं। लिस्बन, बैंकॉक और इस्तांबुल के बाद अब सिंगापुर अंतरराष्ट्रीय मंच पर डॉ. ख्वाजा एहतेशाम के शोध कार्य को स्थान मिलने का यह पहला अवसर नहीं है। इससे पहले वह पुर्तगाल के लिस्बन, थाईलैंड के बैंकॉक और तुर्किये के इस्तांबुल में आयोजित अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा सम्मेलनों में भी अपने शोध प्रस्तुत कर चुके हैं। अब सिंगापुर में आयोजित होने वाली वर्ल्ड डायबिटीज कांग्रेस-2027 के लिए उनके नए शोध को स्वीकृति मिली है। डॉ. अहमद ने इसे अपने चिकित्सकीय अनुसंधान को अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के सामने रखने का महत्वपूर्ण अवसर बताया है। दुनिया भर के विशेषज्ञों के बीच होगी शोध पर चर्चा इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन (आईडीएफ) की ओर से आयोजित वर्ल्ड डायबिटीज कांग्रेस में विभिन्न देशों के चिकित्सक, वैज्ञानिक, शोधकर्ता और मधुमेह के क्षेत्र में काम करने वाले विशेषज्ञ भाग लेते हैं। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में डायबिटीज की रोकथाम, उपचार की नई तकनीकों, दवाओं की उपयोगिता और चिकित्सा अनुसंधान से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया जाता है। वर्ष 2027 का सम्मेलन 9 से 12 अप्रैल तक सिंगापुर में आयोजित होगा। इसके आधिकारिक कार्यक्रम में डॉ. अहमद के शोध को शामिल करने की स्वीकृति दी गई है। सीवान के चिकित्सा अनुसंधान को अंतरराष्ट्रीय पहचान का अवसर डॉ. ख्वाजा एहतेशाम अहमद के अध्ययन को अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में स्वीकृति मिलने से सीवान में किए जा रहे चिकित्सकीय अनुसंधान को वैश्विक विशेषज्ञों के सामने प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि अध्ययन में मरीजों के वास्तविक उपचार अनुभवों के आधार पर डायबिटीज, मोटापा और फैटी लिवर जैसी स्वास्थ्य समस्याओं को समझने का प्रयास किया गया है।