Full Story
मुंबई। फिल्मों और सोशल मीडिया पर धूम्रपान तथा नशे को आकर्षक अंदाज में दिखाए जाने पर चिंता जताते हुए फिल्ममेकर और ‘हनुमान अंश’ के निर्देशक डॉ. विशाल चतुर्वेदी ने युवाओं से पर्दे की चकाचौंध में आकर गलत आदतें नहीं अपनाने, नशे से दूर रहने और अपनी ऊर्जा सपनों को साकार करने तथा देश के निर्माण में लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि पर्दे पर आकर्षक दिखने वाली हर चीज असल जिंदगी में सही नहीं होती, इसलिए युवाओं को किसी की जीवनशैली की आंख मूंदकर नकल करने के बजाय सोच-समझकर फैसले लेने चाहिए। बीएचयू में युवाओं को दिया खास संदेश डॉ. विशाल चतुर्वेदी बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में आयोजित ‘यूथ फॉर विकसित भारत: माय भारत यूथ कॉन्फ्रेंस’ को संबोधित कर रहे थे। केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया की अध्यक्षता में आयोजित इस सम्मेलन में देशभर से युवाओं ने भाग लिया। सम्मेलन में चतुर्वेदी ने युवाओं को अपने सपनों और लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करने के साथ देश के विकास में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा और सही सोच विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। फिल्मों में नशे के महिमामंडन पर उठाए सवाल विशाल चतुर्वेदी ने फिल्मों और सोशल मीडिया पर धूम्रपान तथा नशे को आकर्षक तरीके से पेश किए जाने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सिनेमा और सोशल मीडिया पर दिखाई जाने वाली हर चीज को वास्तविक जीवन में अपनाना सही नहीं है। उन्होंने फिल्म जगत की सामाजिक जिम्मेदारियों पर भी जोर दिया और युवाओं से अपील की कि वे पर्दे पर दिखाई जाने वाली जीवनशैली से प्रभावित होकर गलत फैसले न लें। उन्होंने युवाओं को नशे जैसी आदतों से दूर रहकर अपनी प्रतिभा, मेहनत और समय का इस्तेमाल सकारात्मक कार्यों में करने का संदेश दिया। भारतीय संस्कृति की कहानियों को पर्दे पर लाना चुनौती फिल्म इंडस्ट्री में करीब 15 वर्षों के अपने अनुभव साझा करते हुए विशाल चतुर्वेदी ने भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों पर आधारित फिल्मों के निर्माण से जुड़ी चुनौतियों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और मूल्यों से जुड़ी कहानियों को मुख्यधारा के सिनेमा तक पहुंचाना आसान नहीं है। इसके बावजूद ऐसी कहानियों को दर्शकों तक पहुंचाना जरूरी है। इस दौरान उन्होंने अपनी फिल्म ‘हनुमान अंश’ के निर्माण के पीछे की प्रेरणा भी साझा की। उन्होंने बताया कि यह फिल्म नीम करोली बाबा के जीवन और उनकी शिक्षाओं से प्रेरित है। युवाओं के साथ गाया गीत, किया हनुमान चालीसा का पाठ कार्यक्रम के दौरान विशाल चतुर्वेदी ने अपने संबोधन के साथ संगीत और आध्यात्मिकता के जरिए भी युवाओं से जुड़ने का प्रयास किया।उन्होंने अपनी फिल्म ‘हनुमान अंश’ का एक गीत गाया और सम्मेलन में मौजूद युवाओं के साथ हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की अहम भूमिका विशाल चतुर्वेदी ने अपने संबोधन के अंत में युवाओं से भारतीय संस्कृति और अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे और गलत आदतों से दूर रहकर अपनी ऊर्जा सकारात्मक कार्यों में लगानी चाहिए। साथ ही अपने सपनों को पूरा करने के लिए मेहनत और सही दिशा में प्रयास जारी रखने चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि देश का युवा अपनी आकांक्षाओं पर ध्यान केंद्रित करके, सही फैसले लेकर और भारतीय मूल्यों को अपनाकर विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।



Comments
0