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नई दिल्ली। देश में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की खुदरा बिक्री सितंबर में सालाना आधार पर 74 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 3,33,634 इकाई पर पहुंच गई, जबकि कुल वाहन बाजार में ईवी की हिस्सेदारी भी एक साल पहले के 10 प्रतिशत से बढ़कर करीब 13 प्रतिशत हो गई। पैसेंजर ईवी की बिक्री 95% उछली वाहन डीलरों के संगठन फाडा की बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में इलेक्ट्रिक यात्री वाहनों की रिकॉर्ड मासिक बिक्री दर्ज की गई। बिक्री 95 प्रतिशत बढ़कर 36,108 इकाई पर पहुंच गई। कुल यात्री वाहन बिक्री में ईवी की हिस्सेदारी अगस्त के 7.6 प्रतिशत से बढ़कर सितंबर में 8.5 प्रतिशत हो गई। इस सेगमेंट में टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स 14,791 वाहनों के साथ पहले स्थान पर रही। कंपनी की बिक्री में 101 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई। महिंद्रा एंड महिंद्रा की बिक्री 96 प्रतिशत बढ़कर 7,780 इकाई और जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया की बिक्री नौ प्रतिशत बढ़कर 5,242 इकाई रही। इलेक्ट्रिक दोपहिया ने पकड़ी रफ्तार इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री भी रिकॉर्ड स्तर पर रही। सितंबर में इनकी बिक्री 89 प्रतिशत बढ़कर 2,07,314 इकाई हो गई।कुल दोपहिया बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी अगस्त के 10.7 प्रतिशत से बढ़कर सितंबर में 11.6 प्रतिशत पर पहुंच गई।टीवीएस मोटर कंपनी की बिक्री 126 प्रतिशत बढ़कर 54,037 इकाई , बजाज ऑटो की 139 प्रतिशत बढ़कर 48,429 इकाई और एथर एनर्जी की बिक्री 56 प्रतिशत बढ़कर 30,533 इकाई रही। तिपहिया में 86 हजार से ज्यादा ईवी बिके इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों की बिक्री सालाना आधार पर 40 प्रतिशत बढ़कर 86,024 इकाई रही। हालांकि, इस श्रेणी में ईवी की बाजार हिस्सेदारी अगस्त के 65.3 प्रतिशत से घटकर सितंबर में 64.9 प्रतिशत रह गई। बजाज ऑटो 15,109 इकाइयों के साथ पहले स्थान पर रहा। महिंद्रा समूह ने 14,716 और टीवीएस मोटर्स ने 4,630 इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहन बेचे। कमर्शियल ईवी की बिक्री में 158% की छलांग वाणिज्यिक इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री सितंबर में सालाना आधार पर 158 प्रतिशत बढ़कर 4,188 इकाई हो गई। हालांकि, इस श्रेणी में ईवी की बाजार हिस्सेदारी 5.18 प्रतिशत से घटकर 4.04 प्रतिशत रह गई। टाटा मोटर्स 1,275 इकाइयों के साथ पहले स्थान पर रही। यूलर मोटर्स की बिक्री 1,644 प्रतिशत बढ़कर 1,064 इकाई और महिंद्रा समूह की 58 प्रतिशत बढ़कर 464 इकाई रही। ‘ईवी अब सिर्फ विकल्प नहीं, पहली पसंद बन रहे’ फाडा के अध्यक्ष साई गिरिधर ने बिक्री में तेजी के पीछे त्योहारी मांग, कम परिचालन लागत, ज्यादा मॉडल विकल्प और पीएम ई-ड्राइव समेत राज्यों की योजनाओं से मिल रहे नीतिगत समर्थन को प्रमुख कारण बताया। उन्होंने कहा कि ईवी बाजार अब केवल सब्सिडी के सहारे नहीं, बल्कि मांग के दम पर आगे बढ़ रहा है। सितंबर के रिकॉर्ड आंकड़े इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की बढ़ती रफ्तार की ओर इशारा करते हैं।