Full Story

नई दिल्ली। देश के नौ प्रमुख उद्योग क्षेत्रों के उत्पादन में इस वर्ष सितंबर के दौरान सालाना आधार पर 7.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो पिछले साल सितंबर की 3.1 प्रतिशत वृद्धि दर से दोगुने से भी अधिक है और लगातार दूसरे महीने विकास की रफ्तार तेज होने से औद्योगिक गतिविधियों में मजबूती के संकेत मिले हैं। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में लौह अयस्क, बिजली, कोयला और रिफाइनरी उत्पादों के उत्पादन में दोहरे अंकों की वृद्धि दर्ज की गई। सीमेंट और इस्पात क्षेत्र का प्रदर्शन भी सकारात्मक रहा। हालांकि, उर्वरक, प्राकृतिक गैस और कच्चे तेल के उत्पादन में गिरावट ने इस तेजी के बीच चिंता बढ़ाई है। तीन महीने में पांच से 7.9 प्रतिशत पहुंची वृद्धि दर देश के प्रमुख उद्योगों की उत्पादन वृद्धि दर में जुलाई से सितंबर के बीच लगातार सुधार हुआ है। जुलाई में इन उद्योगों का उत्पादन पांच प्रतिशत बढ़ा था। अगस्त में वृद्धि दर 5.9 प्रतिशत पहुंच गई और सितंबर में यह बढ़कर 7.9 प्रतिशत हो गई। इस तरह लगातार दूसरे महीने औद्योगिक उत्पादन की रफ्तार तेज हुई है। पिछले साल सितंबर में इन क्षेत्रों की वृद्धि दर महज 3.1 प्रतिशत रही थी। इस लिहाज से इस बार सितंबर का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है। लौह अयस्क ने मारी बाजी, बिजली और कोयले में भी तेजी सितंबर में सबसे शानदार प्रदर्शन लौह अयस्क क्षेत्र का रहा, जहां उत्पादन में पिछले साल के मुकाबले 18.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। बिजली उत्पादन में 11.4 प्रतिशत और कोयला उत्पादन में 10.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई। रिफाइनरी उत्पादों का उत्पादन भी 10.3 प्रतिशत बढ़ा। इन चार प्रमुख क्षेत्रों में दोहरे अंकों की वृद्धि ने कुल औद्योगिक उत्पादन की रफ्तार बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सीमेंट में 9.8 और इस्पात में 4.9 प्रतिशत की बढ़त निर्माण और बुनियादी ढांचे से जुड़े उद्योगों में भी सितंबर के दौरान उत्पादन बढ़ा। सीमेंट क्षेत्र में 9.8 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज की गई, जबकि इस्पात उत्पादन 4.9 प्रतिशत बढ़ा। इस तरह नौ प्रमुख उद्योग क्षेत्रों में से छह ने पिछले साल सितंबर के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया। लौह अयस्क, बिजली, कोयला, रिफाइनरी उत्पाद, सीमेंट और इस्पात में बढ़ोतरी से कुल उत्पादन सूचकांक को मजबूती मिली। उर्वरक उत्पादन में 11.7 प्रतिशत की गिरावट एक तरफ छह प्रमुख उद्योगों में तेजी रही, तो दूसरी तरफ तीन क्षेत्रों का उत्पादन घट गया। सबसे ज्यादा गिरावट उर्वरक क्षेत्र में दर्ज की गई, जहां सितंबर में उत्पादन पिछले साल के मुकाबले 11.7 प्रतिशत कम रहा। प्राकृतिक गैस के उत्पादन में 4.6 प्रतिशत और कच्चे तेल के उत्पादन में 1.4 प्रतिशत की कमी आई। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि प्रमुख उद्योगों की कुल वृद्धि दर मजबूत रहने के बावजूद सभी क्षेत्रों में एक जैसी तेजी नहीं रही। पहली छमाही में दोगुनी से अधिक हुई विकास दर सितंबर के बेहतर प्रदर्शन के साथ चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही के आंकड़ों में भी उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान नौ प्रमुख उद्योगों के कुल उत्पादन में 5.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह दर 2.5 प्रतिशत थी। यानी पिछले साल की तुलना में इस बार पहली छमाही में प्रमुख उद्योगों की उत्पादन वृद्धि दर दोगुने से अधिक रही है।