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मोतिहारी। बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में सरकारी भवनों और सार्वजनिक परिसंपत्तियों की स्थिति सुधारने के लिए चलाए जा रहे कायाकल्प अभियान के तहत जिलाधिकारी (डीएम) सौरभ सुमन यादव ने अधिकारियों और संवेदकों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने का निर्देश देते हुए देरी या निर्माण की गुणवत्ता में लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। श्री यादव ने गुरुवार को समाहरणालय स्थित डॉ. राधाकृष्णन सभागार में कायाकल्प अभियान की समीक्षा करते हुए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की सार्वजनिक परिसंपत्तियों की मरम्मत, जीर्णोद्धार तथा बुनियादी सुविधाओं के उन्नयन में तेजी लाने का निर्देश दिया। अभियान के तहत सामुदायिक भवनों, स्वास्थ्य केंद्रों, विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों और पंचायत भवनों को दुरुस्त किया जाना है। डीएम ने अधिकारियों को सरकार की ओर से निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल कागजों पर प्रगति दिखाने के बजाय कार्यस्थल पर वास्तविक स्थिति और निर्माण की गुणवत्ता पर ध्यान देना होगा। प्रखंडों के वरीय अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में चल रही योजनाओं का नियमित भौतिक निरीक्षण करने तथा कार्यों की प्रगति पर नजर रखने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने निर्माण और मरम्मत कार्यों में घटिया सामग्री के इस्तेमाल तथा लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने चेतावनी दी कि कार्य में शिथिलता बरतने या समय-सीमा का उल्लंघन करने वाले संबंधित अधिकारियों और संवेदकों को कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। बैठक में नगर आयुक्त, उप विकास आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता, कार्यपालक अभियंता और संबंधित विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी मौजूद थे। श्री यादव ने कहा कि बेहतर सार्वजनिक परिसंपत्तियां, बेहतर सुविधाएं और बेहतर जीवन सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। कायाकल्प अभियान को प्रभावी ढंग से लागू कर जिले के सरकारी भवनों और नागरिक सुविधाओं की स्थिति में सुधार लाया जाएगा।