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पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने चुनाव आयोग और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच कथित गठजोड़ के खिलाफ लोकतंत्र बचाने की लड़ाई तेज करने का ऐलान करते हुए कहा कि महागठबंधन 07 अक्टूबर को बिहार के सभी प्रखंड मुख्यालयों पर आक्रोश मार्च, 08 अक्टूबर को जिला मुख्यालयों पर धरना और उसी दिन पटना में उनके नेतृत्व में राजभवन तक ‘लोकतंत्र बचाओ मार्च’ निकालेगा। 06 अक्टूबर को दिल्ली, 7-8 को बिहार में प्रदर्शन श्री यादव ने यहां एक पोलो रोड स्थित अपने आवास पर महागठबंधन नेताओं की बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा कि दिल्ली में हुई महागठबंधन की बैठक में 02 से 08 अक्टूबर तक राष्ट्रव्यापी आंदोलन का कार्यक्रम तय किया गया था। इसके तहत 06 अक्टूबर को नई दिल्ली में चुनाव आयोग के समक्ष लोकसभा और राज्यसभा सांसदों का ‘लोकतंत्र बचाओ मार्च’ आयोजित की जाएगी। इसके बाद 07 अक्टूबर को बिहार के सभी प्रखंड स्तर पर आक्रोश मार्च और 08 अक्टूबर को सभी जिला मुख्यालयों पर धरना देने का कार्यक्रम है। पटना में राजभवन तक मार्च नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि 08 अक्टूबर को पटना में विधायक, विधान पार्षद और महागठबंधन के नेता उनके नेतृत्व में मार्च करेंगे। यह मार्च पटना सचिवालय के समीप सात मूर्ति यानी शहीद स्मारक स्थल से राजभवन तक निकाला जाएगा। महागठबंधन ने इसे ‘लोकतंत्र बचाओ मार्च’ नाम दिया है। एसआईआर को लेकर लगाए गंभीर आरोप श्री यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर कई आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि बिहार में एसआईआर के दौरान जीवित लोगों के नाम मृतकों की सूची में डालने और मतदाताओं के नाम हटाने में गड़बड़ी हुई। उन्होंने चुनाव के दौरान महिलाओं के खातों में 10-10 हजार रुपये डालने को लेकर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि ऐसा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को लाभ पहुंचाने के लिए किया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि बिहार में 50-50 हजार करोड़ रुपये सरकारी खजाने से निकालकर वोट खरीदने का काम किया गया। चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि पहले वोट से संबंधित रिकॉर्ड एक साल तक रखा जाता था, जिसे अब 45 दिन कर दिया गया है। उन्होंने इसे लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 10 महीनों में 14 बार शिकायतें दर्ज कराई गईं लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। इसके साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग के चयन की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि आयोग भाजपा के पक्ष में काम कर रहा है। ‘लोकतंत्र नहीं बचेगा तो चुनाव का क्या मतलब’ श्री यादव ने कहा कि महागठबंधन बिहार में लोकतंत्र बचाने की लड़ाई लड़ेगा। उन्होंने बिहार को “लोकतंत्र की जननी” बताते हुए कहा कि यहीं से संघर्ष और आंदोलन तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा, “जब लोकतंत्र ही नहीं बचेगा तो चुनाव का क्या मतलब।” उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की कथित गड़बड़ियों को लेकर महागठबंधन जनता के बीच जाएगा और आंदोलन करेगा। राष्ट्रपति से मिलने की भी तैयारी नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि महागठबंधन की ओर से राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगा जा रहा है। 15 अक्टूबर के बाद समय मिलने पर गठबंधन के नेता राष्ट्रपति से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपेंगे। बैठक में देशभर में प्रस्तावित छह-सात रैलियों के साथ पटना में भी एक रैली आयोजित करने का फैसला किए जाने की जानकारी दी गई। महागठबंधन के कई नेता रहे मौजूद बैठक और संवाददाता सम्मेलन में कांग्रेस, वीआईपी, सीपीआई, सीपीआई (माले), सीपीआई (एम), राजद सहित महागठबंधन से जुड़े विभिन्न दलों के नेता मौजूद रहे। इनमें मुकेश सहनी, रामनरेश पांडेय, धीरेंद्र झा, अजय कुमार, आलोक कुमार मेहता, रणविजय साहू और शक्ति सिंह यादव समेत कई नेता शामिल थे।



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