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पटना। बिहार की राजधानी पटना की एक विशेष अदालत ने एक दलित से दुष्कर्म के जुर्म में आज एक युवक को आजीवन कारावास के साथ ही 80 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने पर अतिरिक्त सजा अनुसूचित जाति एवं जनजाति उत्पीड़न निषेध अधिनियम के विशेष न्यायाधीश राजीव नयन ने मामले में सुनवाई के बाद पटना जिले के घोषवरी थाना क्षेत्र स्थित मस्का ओला तार पर गांव निवासी बीगन यादव को भारतीय दंड विधान और अनुसूचित जाति एवं जनजाति उत्पीड़न निषेध अधिनियम की अलग-अलग धाराओं में दोषी करार देने के बाद यह सजा सुनाई है। जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर दोषी को एक वर्ष 4 माह के कारावास की सजा अलग से भुगतनी होगी। इसके अलावा अदालत ने पीड़िता को उचित मुआवजा दिए जाने का निर्देश जिला विधिक सेवा प्राधिकार को दिया है । छह गवाहों ने अदालत में दिया बयान मामले के विशेष लोक अभियोजक श्याम नंदन कुमार सिंह उर्फ संतोष कुमार ने बताया कि वर्ष 2024 में दोषी ने अपने ही गांव की एक दलित महिला के साथ मारपीट एवं दुष्कर्म किया था। अभियोजन ने आरोप साबित करने के लिए इस मामले में छह गवाहो का बयान अदालत में कलम बंद करवाया था।