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पटना। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ( एनटीए ) की ओर से आयोजित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा नीट 2024 के प्रश्न पत्र लीक मामले में बिहार की राजधानी पटना में स्थित केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की एक विशेष अदालत मे आज से 53 अभियुक्तों के खिलाफ सुनवाई शुरू हो गई और सीबीआई ने अपना पहला गवाह पेश किया। एनटीए महानिदेशक बने पहले गवाह विशेष न्यायाधीश मोहम्मद रुस्तम की अदालत में सीबीआई ने आज अपने पहले गवाह के रूप में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के महानिदेशक प्रदीप सिंह खारोला को पेश किया । मुख्य परीक्षण और प्रति परीक्षण के बाद गवाह को उन्मुक्त कर दिया गया। 05 मई 2024 की परीक्षा से शुरू हुआ मामला गौरतलब है कि 05 मई 2024 को पूरे देश में नीट 2024 की परीक्षा आयोजित की गई थी । इस परीक्षा के दौरान गड़बड़ी करने के आरोप में पटना के शास्त्री नगर थाना प्रभारी अमर कुमार ने कुछ लोगों को गिरफ्तार किया और शास्त्री नगर थाना कांड संख्या 358/ 2024 के रूप में एक प्राथमिकी दर्ज की थी । बाद में मामला आर्थिक अपराध ईकाई को सौंप दिया गया। उसके बाद प्रश्न पत्र लीक होने का मामला उजागर हुआ और केंद्र सरकार ने मामले की जांच सी बी आई को सौंप दी। इसके बाद 23 जून 2024 को सीबीआई अपनी प्राथमिकी आर सी 224/ 2024 के रुप में दर्ज की थी । अदालत में यह मामला आर सी 6 ई/ 2024 के रूप में दर्ज है । 54 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र इस मामले में सीबीआई ने 54 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है। पूर्व में मामला सीबीआई के विशेष न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में लंबित था। मामले में सरकारी कर्मचारियों की संलिप्तता पाए जाने के बाद भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धाराएं जोड़ी गई, जिसके बाद मामले का अभिलेख सीबीआई की विशेष अदालत संख्या दो के न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया गया है। 53 आरोपितों के खिलाफ आरोपों का गठन सीबीआई की विशेष अदालत के न्यायाधीश मोहम्मद रुस्तम ने 24 सितंबर 2026 को 52 आरोपितों के खिलाफ आरोपों का गठन किया था जबकि आज एक व्यक्ति के खिलाफ आरोपों का गठन किया गया और आज ही सीबीआई की ओर से पेश किए गए एक गवाह की गवाही भी दर्ज की गई। एक अभियुक्त फरार चल रहा है जिसका अभिलेख अलग खोला गया है और उसके खिलाफ गिरफ्तारी का गैरजमानती वारंट जारी है।