Full Story

मधेपुरा। बिहार के मधेपुरा जिले में पूर्व मंत्री एवं राष्ट्रीय जनता दल (राजद) विधायक प्रो. चंद्रशेखर के ममेरे भाई 29 वर्षीय प्रिंस कुमार की हत्या का पुलिस ने 72 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक (एसपी) संदीप सिंह ने सोमवार को संवाददाता सम्मेलन में बताया कि कलेक्शन एजेंट से लूटपाट की कोशिश के दौरान विरोध करने पर बदमाशों ने गोली चला दी थी, जिससे प्रिंस कुमार की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के पास से हथियार, कारतूस, नशीला पदार्थ और वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल सहित कई सामान बरामद किए गए हैं। साहूगढ़ में दिनदहाड़े मारी गई थी गोली श्री सिंह ने बताया कि 16 अक्टूबर को सुबह करीब 11 बजे मधेपुरा थाना क्षेत्र के साहूगढ़ स्थित गढ़ियारी रोड पर राजा ईंट भट्ठा के पास गोलीबारी की घटना हुई थी। इसमें मधेपुरा जिले के भेलवा थाना क्षेत्र के ईटहरा गांव के वार्ड संख्या सात निवासी सुनील कुमार के पुत्र प्रिंस कुमार की गोली लगने से मौत हो गई थी। उन्होंने बताया कि घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। इस संबंध में मधेपुरा थाने में कांड संख्या 1032/26 दर्ज किया गया। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 309(6), 103(1) और आर्म्स एक्ट की धारा 27 लगाई गई। पुलिस ने बनाई विशेष टीम, तीन आरोपित दबोचे एसपी ने बताया कि हत्या की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने घटना के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय स्तर पर जुटाई गई सूचनाओं के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। छापेमारी के दौरान हत्या मामले के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उनकी पहचान मधेपुरा के साहूगढ़ बाजार टोला निवासी 22 वर्षीय क्रांति कुमार, शंकरपुर थाना क्षेत्र के कबियाही निवासी 32 वर्षीय संजीत दास और मधेपुरा के साहूगढ़ तुलसीराम टोला निवासी 19 वर्षीय गौरव कुमार के रूप में हुई है। स्मैक खरीदने के लिए बनाई थी लूट की योजना श्री सिंह ने गिरफ्तार क्रांति कुमार के हवाले से बताया कि वह संजीत दास और एक अन्य सहयोगी के साथ मोटरसाइकिल से साहूगढ़ स्थित राजा ईंट भट्ठा के पास पहुंचा था। उन्होंने दावा किया कि आरोपियों के पास पैसे नहीं थे और उन्हें स्मैक खरीदने तथा आगामी त्योहार के लिए रकम की जरूरत थी। इसी कारण उन्होंने ईंट भट्ठे के आसपास किसी व्यक्ति से छिनतई करने की योजना बनाई। कलेक्शन एजेंट को रोकने की कोशिश, विरोध पर चलाई गोली एसपी ने बताया कि आरोपियों ने ईंट भट्ठे के पास एक मोटरसाइकिल पर सवार दो व्यक्तियों को रोकने का प्रयास किया। दोनों से मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड और मोटरसाइकिल की चाबी छीन ली गई। इसी दौरान एक व्यक्ति मोटरसाइकिल लेकर वहां से निकलने लगा। पूछताछ में क्रांति कुमार ने पुलिस को बताया कि आरोपियों को लगा कि भाग रहा व्यक्ति कलेक्शन का काम करता है और उसके पास नकदी हो सकती है। उसे रोकने का प्रयास किया गया लेकिन जब वह नहीं रुका तो उस पर गोली चला दी गई। गोली उसकी पसली में लगी और वह मोटरसाइकिल समेत खेत में गिर गया। इसके बाद आरोपी घटनास्थल से फरार हो गए। उन्होंने बताया कि घटना में इस्तेमाल गोली गौरव कुमार ने उपलब्ध कराई थी। पूछताछ में आरोपियों के स्मैक खरीदने और बेचने के कारोबार से जुड़े होने की बात भी सामने आई है। दो कट्टे, गोलियां और 32 ग्राम स्मैक बरामद श्री सिंह ने बताया कि पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से हथियारों और नशीले पदार्थों सहित कई सामान बरामद किए हैं। बरामद सामान में दो देसी कट्टे, दो कारतूस, 32 ग्राम स्मैक, एक पल्सर 220 मोटरसाइकिल, घटना के दौरान पहने गए दो कपड़े और एक मोबाइल फोन शामिल हैं। बरामद मोटरसाइकिल का इस्तेमाल वारदात में किया गया था जबकि मोबाइल फोन घटना के दौरान लूटा गया था। उन्होंने बताया कि हथियार और नशीले पदार्थों की बरामदगी के संबंध में मधेपुरा थाने में 19 अक्टूबर को कांड संख्या 1036/26 दर्ज किया गया है। इसमें एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराएं लगाई गई हैं। दो आरोपियों पर पहले से कई आपराधिक मामले एसपी ने बताया कि गिरफ्तार क्रांति कुमार के खिलाफ मधेपुरा थाने में वर्ष 2024 से 2026 के बीच कुल 10 मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या, लूट, छिनतई, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट से संबंधित मामले शामिल हैं। वहीं, संजीत दास के खिलाफ मधेपुरा, शंकरपुर, सिंहेश्वर, त्रिवेणीगंज और छातापुर थानों में कुल नौ मामले दर्ज हैं। इन मामलों में हत्या, लूट, डकैती, हथियार से जुड़े अपराध और अन्य गंभीर धाराओं के तहत दर्ज प्रकरण शामिल हैं। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों को पहले से कई आपराधिक मामलों में नामजद किया जा चुका है। इन मामलों में न्यायिक प्रक्रिया जारी है। छापेमारी में कई पुलिस अधिकारी रहे शामिल श्री सिंह ने बताया कि इस कार्रवाई में सदर थानाध्यक्ष विनोद कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक सचिन कुमार, राहुल कुमार, निषेश कुमार, मोहम्मद कलाम आजाद, मधेपुरा की तकनीकी शाखा और विशेष अभियान दल के सदस्य शामिल रहे। उन्होंने बताया कि तकनीकी जांच और स्थानीय सूचनाओं की मदद से हत्या की गुत्थी सुलझाने में सफलता मिली।