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पटना। बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए शुक्रवार को हुए द्विवार्षिक चुनाव में शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाताओं ने स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के मुकाबले अधिक उत्साह दिखाया और शाम चार बजे तक शिक्षक क्षेत्रों में 74.55 प्रतिशत तथा स्नातक क्षेत्रों में 43.87 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। निर्वाचन विभाग ने मतदान शांतिपूर्ण रहने की जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि अंतिम आंकड़े बाद में जारी किए जाएंगे। शिक्षक क्षेत्रों में 30 प्रतिशत से अधिक का अंतर शुक्रवार को सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक निर्धारित मतदान अवधि के दौरान शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाताओं की भागीदारी स्नातक क्षेत्रों के मुकाबले काफी अधिक रही। निर्वाचन विभाग के अंतरिम आंकड़ों के अनुसार, चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 74.55 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में यह आंकड़ा 43.87 प्रतिशत रहा।इस तरह दोनों श्रेणियों के मतदान प्रतिशत में 30.68 प्रतिशत अंकों का अंतर दर्ज किया गया। हालांकि, शाम चार बजे तक कुछ मतदान केंद्रों पर वोटिंग जारी रहने की सूचना थी, इसलिए इन आंकड़ों में बदलाव संभव है। सारण में रिकॉर्ड भागीदारी, पटना शिक्षक क्षेत्र सबसे पीछे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में सारण के मतदाताओं ने सबसे अधिक उत्साह दिखाया। यहां शाम चार बजे तक 87.16 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो सभी आठ निर्वाचन क्षेत्रों में सर्वाधिक रहा। दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 79 प्रतिशत और तिरहुत में 78.10 प्रतिशत मतदान हुआ। वहीं, पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 56.89 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया, जो शिक्षक श्रेणी की चारों सीटों में सबसे कम रहा। स्नातक सीटों में कोसी अव्वल, पटना में सबसे कम वोटिंग स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की बात करें तो कोसी में सबसे अधिक 52.51 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 42.15 प्रतिशत और दरभंगा में 42 प्रतिशत वोटिंग हुई। वहीं, पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में महज 36.19 प्रतिशत मतदान हुआ, जो स्नातक श्रेणी के साथ-साथ सभी आठ निर्वाचन क्षेत्रों में सबसे कम रहा। स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों का कुल मतदान प्रतिशत 43.87 दर्ज किया गया। आठ सीटों पर 150 प्रत्याशी मैदान में बिहार विधान परिषद के इस द्विवार्षिक चुनाव में कुल 150 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इनमें चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों से 90 और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों से 60 प्रत्याशी मैदान में हैं। स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में सबसे अधिक मुकाबला दरभंगा सीट पर है, जहां 40 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में पटना और सारण सीटों पर सर्वाधिक 18-18 प्रत्याशी मैदान में हैं। स्नातकों के लिए 598, शिक्षकों के लिए 335 मतदान केंद्र निर्वाचन विभाग ने मतदान संपन्न कराने के लिए व्यापक व्यवस्था की थी। चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 598 मतदान केंद्र बनाए गए थे। इनमें 474 मूल और 124 सहायक मतदान केंद्र शामिल थे। वहीं, चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 335 मूल मतदान केंद्र निर्धारित किए गए थे। इस प्रकार दोनों श्रेणियों के लिए कुल 933 मतदान केंद्रों की व्यवस्था की गई थी। नियंत्रण कक्ष में आईं 13 शिकायतें, सभी का निपटारा मतदान के दौरान निर्वाचन विभाग के नियंत्रण कक्ष में कुल 13 शिकायतें दर्ज की गईं। विभाग के अनुसार, सभी शिकायतों का समय पर निपटारा कर दिया गया। मतदान के दौरान किसी बड़ी बाधा की सूचना नहीं दी गई और पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही। निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि शाम चार बजे तक जारी मतदान प्रतिशत अंतिम नहीं है। निर्धारित समय तक कुछ मतदान केंद्रों पर मतदान जारी रहने की सूचना मिलने के कारण आंकड़ों का अंतिम संकलन बाकी था।