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पटना। बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए शुक्रवार को संपन्न हुए द्विवार्षिक चुनाव में शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाताओं ने स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के मुकाबले अधिक भागीदारी दिखाई, जिससे चार शिक्षक सीटों पर 82.85 प्रतिशत तथा चार स्नातक सीटों पर 53.42 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। शिक्षक क्षेत्रों में 29.43 प्रतिशत अंकों की बढ़त निर्वाचन विभाग की ओर से शनिवार को जारी अंतिम आंकड़ों के अनुसार, मतदान प्रतिशत ने शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के बीच मतदाताओं की भागीदारी का बड़ा अंतर सामने रखा है। चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 82.85 प्रतिशत मतदान हुआ जबकि चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में यह आंकड़ा 53.42 प्रतिशत रहा। इस तरह दोनों श्रेणियों के मतदान प्रतिशत में 29.43 प्रतिशत अंकों का अंतर दर्ज किया गया। खास बात यह रही कि सभी चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान 74 प्रतिशत से ऊपर रहा जबकि किसी भी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में यह आंकड़ा 58 प्रतिशत तक नहीं पहुंच सका। सारण में सबसे अधिक वोटिंग, दरभंगा दूसरे स्थान पर शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में सारण के मतदाताओं ने सबसे अधिक उत्साह दिखाया। यहां 89.05 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो सभी आठ निर्वाचन क्षेत्रों में सर्वाधिक है। दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र 85.87 प्रतिशत मतदान के साथ दूसरे स्थान पर रहा। तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 82.99 प्रतिशत वोटिंग हुई जबकि पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 74.75 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इस तरह शिक्षक श्रेणी में सारण सबसे आगे और पटना सबसे पीछे रहा। स्नातक सीटों में पटना अव्वल, तिरहुत में सबसे कम मतदान स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की तस्वीर शिक्षक सीटों से अलग रही। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में सर्वाधिक 57.56 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। दरभंगा और कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में एक समान 54.73 प्रतिशत वोटिंग हुई। वहीं, तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 48.51 प्रतिशत मतदान हुआ, जो स्नातक श्रेणी की चारों सीटों में सबसे कम है। चारों स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों का कुल मतदान प्रतिशत 53.42 रहा। सभी आठ सीटों में सारण सबसे आगे, तिरहुत स्नातक सबसे पीछे अंतिम मतदान आंकड़ों के अनुसार, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सभी चार सीटों पर मतदान प्रतिशत स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की चारों सीटों से अधिक रहा। सभी आठ निर्वाचन क्षेत्रों में सारण शिक्षक सीट पर सर्वाधिक 89.05 प्रतिशत मतदान हुआ जबकि तिरहुत स्नातक सीट पर सबसे कम 48.51 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई। दोनों सीटों के मतदान प्रतिशत में 40.54 प्रतिशत अंकों का अंतर रहा। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में सबसे कम मतदान वाली पटना सीट का आंकड़ा भी स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में सर्वाधिक मतदान वाली पटना सीट से 17.19 प्रतिशत अंक अधिक रहा। अंतिम आंकड़ों से बदली मतदान की तस्वीर इससे पहले शुक्रवार शाम चार बजे तक जारी अंतरिम आंकड़ों में शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों का कुल मतदान 74.55 प्रतिशत और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों का 43.87 प्रतिशत बताया गया था। अब अंतिम आंकड़ों में शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों का मतदान प्रतिशत बढ़कर 82.85 और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों का 53.42 हो गया है। आठ सीटों पर 150 प्रत्याशी मैदान में गौरतलब है कि बिहार विधान परिषद के इस द्विवार्षिक चुनाव में कुल 150 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इनमें चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों से 90 और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों से 60 प्रत्याशी मैदान में हैं। स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में सबसे अधिक मुकाबला दरभंगा सीट पर है, जहां 40 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में पटना और सारण सीटों पर सर्वाधिक 18-18 प्रत्याशी मैदान में हैं। स्नातकों के लिए 598, शिक्षकों के लिए 335 मतदान केंद्र निर्वाचन विभाग ने मतदान संपन्न कराने के लिए व्यापक व्यवस्था की थी। चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 598 मतदान केंद्र बनाए गए थे। इनमें 474 मूल और 124 सहायक मतदान केंद्र शामिल थे। वहीं, चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 335 मूल मतदान केंद्र निर्धारित किए गए थे। इस प्रकार दोनों श्रेणियों के लिए कुल 933 मतदान केंद्रों की व्यवस्था की गई थी। नियंत्रण कक्ष में आईं 13 शिकायतें, सभी का निपटारा मतदान के दौरान निर्वाचन विभाग के नियंत्रण कक्ष में कुल 13 शिकायतें दर्ज की गईं। विभाग के अनुसार, सभी शिकायतों का समय पर निपटारा कर दिया गया। मतदान के दौरान किसी बड़ी बाधा की सूचना नहीं दी गई और पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही। निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि शाम चार बजे तक जारी मतदान प्रतिशत अंतिम नहीं है। निर्धारित समय तक कुछ मतदान केंद्रों पर मतदान जारी रहने की सूचना मिलने के कारण आंकड़ों का अंतिम संकलन बाकी था।



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