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पटना। जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भगवान श्रीराम को घर दिए जाने संबंधी बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बयान पर तीखा हमला बोलते हुए आज कहा कि गरीबों को घर, शिक्षा और रोजगार तक मुहैया नहीं करा पाने वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) नेता अब भगवान राम को भी श्री मोदी का मोहताज बताकर सत्ता के अहंकार का प्रदर्शन कर रहे हैं। 'भगवान राम को घर देने का दावा अहंकार की पराकाष्ठा' श्री किशोर ने श्री चौधरी के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का यह कहना कि भगवान श्रीराम 400 वर्षों से अपने घर का इंतजार कर रहे थे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें घर दिया, अहंकार को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम मर्यादा पुरुषोत्तम हैं और जीवन-मरण सब उनके हाथ में है। इसके बावजूद भाजपा नेता भगवान राम को भी प्रधानमंत्री मोदी से घर दिलाने की बात कर रहे हैं। 'गरीबों को घर, शिक्षा और रोजगार देने में नाकाम सरकार' जनसुराज नेता ने आरोप लगाया कि सरकार गरीब जनता को घर, पांच किलोग्राम अनाज, बेहतर शिक्षा और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं करा पा रही है, लेकिन भगवान का घर बनवाने का दावा कर रही है। उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठे नेताओं के इस अहंकार पर अंकुश लगाने के लिए राजग की चुनावी हार जरूरी है। सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप पर भी उठाए सवाल श्री किशोर ने उच्चतम न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) की ओर से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को फटकार लगाए जाने के मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लोकतंत्र में जब जनता को लगता है कि उसके साथ गलत हो रहा है तो लोग विरोध करने के लिए सड़कों पर उतरते हैं। उन्होंने कहा कि जन सुराज ने बिहार में चुनाव आयोग की कथित धांधली को लेकर उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था लेकिन उनकी याचिका खारिज कर दी गई। जनसुराज नेता ने आरोप लगाया कि बिहार में 10 हजार रुपये देकर वोट खरीदे गए लेकिन उस मामले में हस्तक्षेप नहीं किया गया। दूसरी ओर, सड़क पर 10 हजार लोगों के प्रदर्शन करने पर हस्तक्षेप किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस मुख्य न्यायाधीश ने जनसुराज और बिहार के लोगों की याचिका खारिज की थी, उन्हीं के मुंह से 'कॉकरोच' शब्द निकला। उन्होंने इसे गंभीर संकट बताते हुए न्यायिक हस्तक्षेप के तरीके पर सवाल उठाए। 'सरकार बदलने का नहीं, उसे चुस्त-दुरुस्त करने का चुनाव' श्री किशोर ने बिहार विधान परिषद चुनाव को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह चुनाव भले ही सरकार बदलने वाला नहीं है लेकिन सरकार को चुस्त-दुरुस्त करने और जनता की आवाज उस तक मजबूती से पहुंचाने का अवसर जरूर है। उन्होंने कहा कि यदि राजग को इस चुनाव में हार का सामना करना पड़ता है तो सरकार को जनता की समस्याओं पर ध्यान देने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इसका असर आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारियों पर भी पड़ सकता है। पटना में जन सुराज के दोनों प्रत्याशियों को जिताने की अपील जनसुराज के संस्थापक ने पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जन सुराज की प्रत्याशी डॉ. दिव्या ज्योति और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से प्रत्याशी अनुज सिंह के पक्ष में मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि विधान परिषद में जनता की बात मजबूती से उठाने के लिए जन सुराज के प्रत्याशियों की जीत जरूरी है। इस चुनाव के जरिए मतदाता सरकार को स्पष्ट संदेश दे सकते हैं कि उनकी प्राथमिकता मंदिर-मस्जिद और जातीय राजनीति नहीं, बल्कि घर, शिक्षा, रोजगार और बुनियादी सुविधाएं हैं।