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नई दिल्ली। भारतीय डाक ने चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 24 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 8212.7 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड राजस्व अर्जित किया है जबकि लगातार दो तिमाहियों में उसकी कमाई 4000 करोड़ रुपये से अधिक रही वहीं दूसरी तिमाही में बिहार डाक परिमंडल 97.15 प्रतिशत व्यावसायिक लक्ष्य हासिल कर देश में पहले स्थान पर रहा। छह महीने में 1576 करोड़ रुपये से ज्यादा बढ़ी कमाई डाक विभाग के अनुसार, अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच कुल राजस्व 8212.7 करोड़ रुपये रहा जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह 6636 करोड़ रुपये था। इस तरह एक साल में विभाग की कमाई 1576.7 करोड़ रुपये बढ़ गई। जुलाई से सितंबर की दूसरी तिमाही में विभाग ने 4201.5 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया, जो पिछले साल की समान अवधि से 25 प्रतिशत अधिक है। पहली तिमाही के मुकाबले भी राजस्व में पांच प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। विभाग ने लगातार दो तिमाहियों में 4000 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई कर पहली बार यह उपलब्धि हासिल की है। पार्सल कारोबार में 71 फीसदी की जबरदस्त छलांग भारतीय डाक की कमाई बढ़ाने में पार्सल सेवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस कारोबार में पिछले साल की तुलना में 71 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। अकेले दूसरी तिमाही में पार्सल सेवाओं से 318.9 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। पार्सल कारोबार में केरल, पूर्वोत्तर, उत्तर प्रदेश और बिहार डाक परिमंडलों ने अपने निर्धारित तिमाही लक्ष्य पार कर लिए। वहीं, डाक सामग्री से होने वाली कमाई में सालाना 36 प्रतिशत की वृद्धि हुई। पहली तिमाही की तुलना में इस क्षेत्र का राजस्व 26 प्रतिशत बढ़ा। कुल 12 डाक परिमंडलों ने दूसरी तिमाही में डाक सामग्री से जुड़े अपने लक्ष्य हासिल किए या उनसे बेहतर प्रदर्शन किया। बचत बैंक और बीमा सेवाओं ने भी बढ़ाई आमदनी डाक विभाग के विभिन्न कारोबारी क्षेत्रों में भी बेहतर प्रदर्शन दर्ज किया गया। डाक जीवन बीमा और ग्रामीण डाक जीवन बीमा (पीएलआई/आरपीएलआई) में 44 प्रतिशत की वृद्धि हुई जबकि डाकघर बचत बैंक (पीओएसबी) के राजस्व में 18 प्रतिशत का इजाफा हुआ। आईआर और जीबी कारोबार में भी 38 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। दूसरी तिमाही में डाकघर बचत बैंक ने 1987 करोड़ रुपये का राजस्व योगदान दिया। वहीं, डाक जीवन बीमा और ग्रामीण डाक जीवन बीमा ने अपने निर्धारित तिमाही लक्ष्य का 92 प्रतिशत हासिल किया। बिहार ने बंगाल को पछाड़ा, दूसरी तिमाही में बना नंबर वन देश के डाक परिमंडलों के प्रदर्शन में बिहार ने विशेष उपलब्धि हासिल की। जुलाई से सितंबर 2026 की दूसरी तिमाही में बिहार डाक परिमंडल ने अपने आनुपातिक व्यावसायिक लक्ष्य का 97.15 प्रतिशत हासिल कर देश में पहला स्थान प्राप्त किया। पश्चिम बंगाल 97.07 प्रतिशत उपलब्धि के साथ दूसरे और पूर्वोत्तर डाक परिमंडल 94.79 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर रहा। दूसरी तिमाही में सात डाक परिमंडलों ने अपने आनुपातिक लक्ष्यों का 90 प्रतिशत या उससे अधिक हासिल किया। हालांकि, अप्रैल से सितंबर की पूरी पहली छमाही के प्रदर्शन में पश्चिम बंगाल ने बाजी मारी। पश्चिम बंगाल डाक परिमंडल 95.72 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति के साथ पहले स्थान पर रहा जबकि बिहार 95.12 प्रतिशत के साथ दूसरे और आंध्र प्रदेश 94.63 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर रहा। देश के कुल 23 डाक परिमंडलों में से 18 ने पहली तिमाही की तुलना में दूसरी तिमाही में अपने लक्ष्य प्राप्ति प्रदर्शन में सुधार किया। शानदार प्रदर्शन पर बिहार डाक परिमंडल सम्मानित नई दिल्ली में आयोजित दूसरी तिमाही की समीक्षा बैठक में बेहतर व्यावसायिक प्रदर्शन करने वाले डाक परिमंडलों को सम्मानित किया गया। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में निर्धारित व्यावसायिक लक्ष्यों के मुकाबले उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए आंध्र प्रदेश डाक परिमंडल को सम्मान मिला। वहीं, दूसरी तिमाही में 97.15 प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर शीर्ष स्थान पर रहने वाले बिहार डाक परिमंडल को सम्मानित किया गया। यह सम्मान राजस्व बढ़ाने, बेहतर व्यावसायिक योजना बनाने और निर्धारित लक्ष्यों की दिशा में प्रभावी काम करने के लिए प्रदान किया गया। सिंधिया बोले- ग्राहकों को जोड़ें, डिजिटल सेवाओं पर बढ़ाएं जोर केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने नई दिल्ली में दूसरी तिमाही की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए भारतीय डाक की उपलब्धियों पर अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि राजस्व वृद्धि की रफ्तार बनाए रखने के लिए नए ग्राहकों को जोड़ने के साथ मौजूदा ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देना जरूरी है। इसके लिए विभाग को अपनी सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने, कारोबार में विविधता लाने और नई तकनीकों को अपनाने पर ध्यान देना होगा। उन्होंने बड़े कारोबारी ग्राहकों के लिए जरूरत के अनुसार लचीली दरें तय करने की व्यवस्था अपनाने पर भी जोर दिया और कहा कि सेवाओं के डिजिटलीकरण में तेजी लाकर ग्राहकों के अनुभव को बेहतर बनाया जा सकता है। इससे कामकाज की दक्षता बढ़ने के साथ विभाग की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भी मजबूत होगी। पार्सल डिलीवरी में देरी रोकने के निर्देश केंद्रीय संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी ने पार्सल वितरण में होने वाली देरी को दूर करने और ग्राहकों की संतुष्टि बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय डाक में विकास की व्यापक संभावनाएं हैं, लेकिन इसके लिए कर्मचारियों को अधिक सक्षम बनाने, जवाबदेही सुनिश्चित करने और सेवाओं की गुणवत्ता में लगातार सुधार करने की जरूरत है। उन्होंने पार्सल वितरण की प्रक्रियाओं को एक समान बनाने और वास्तविक समय में निगरानी की व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए ताकि ग्राहकों को समय पर बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। त्योहारों के सीजन में कारोबार बढ़ाने की तैयारी दोनों केंद्रीय मंत्रियों ने डाक परिमंडलों को त्योहारों और पार्सल कारोबार के व्यस्त सीजन में राजस्व वृद्धि की गति बनाए रखने के निर्देश दिए। इसके लिए पार्सल सेवाओं के साथ आईआर और जीबी कारोबार को मजबूत करने तथा राज्य सरकारों के सहयोग से आम नागरिकों से जुड़ी सेवाओं का विस्तार करने पर जोर दिया गया। बैठक में कृषि उत्पादों की ढुलाई, अंतरराष्ट्रीय कारोबार, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई), एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी), पर्यटन, वित्तीय समावेशन, बीमा और ग्रामीण लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में नए कारोबारी अवसर तलाशने की रणनीति पर भी चर्चा हुई। इन क्षेत्रों में अलग-अलग समूहों के आधार पर काम करने और डाक विभाग के व्यापक नेटवर्क का बेहतर इस्तेमाल करने पर जोर दिया गया। खर्च पर नियंत्रण के साथ कमाई बढ़ाने की रणनीति राजस्व बढ़ाने के साथ डाक विभाग ने खर्च पर नियंत्रण और कामकाज की दक्षता सुधारने की दिशा में भी प्रगति दर्ज की है। विभाग के अनुसार, 22 डाक परिमंडलों ने पहली तिमाही की तुलना में अपने व्यय-लागत अनुपात में सुधार किया। विभाग ने पेंशन व्यय सहित व्यय-लागत अनुपात 42 प्रतिशत और पेंशन व्यय को छोड़कर 62 प्रतिशत बताया है। अधिकारियों को वित्तीय अनुशासन बनाए रखने और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने के निर्देश दिए गए।



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