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नई दिल्ली। मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ी और ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के कई प्रमुख नेताओं को हिरासत में लिए जाने तथा राजधानी में अभूतपूर्व सुरक्षा पाबंदियों के बीच सियासी घमासान तेज हो गया है। आंदोलन में शामिल होने जा रहे तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों ममता बनर्जी, माणिक सरकार, पी. विजयन को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। राजधानी में विरोध प्रदर्शन को देखते हुए अर्धसैनिक बलों की 221 कंपनियां तैनात किए जाने, दिल्ली मेट्रो के 57 स्टेशन बंद करने के आदेश और 38 ट्रेनों को रद्द किया गया है। मध्य दिल्ली के कुछ इलाकों में 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद करने का भी निर्देश दिया गया है। दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पुलिस कार्रवाई को आपातकाल से भी बदतर बताया है वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा है कि मुख्य चुनाव आयुक्त और मोदी सरकार दोनों जाएंगे। विमान में घुसी पुलिस, सीजेपी नेताओं को प्रदर्शन में जाने से रोका सीजेपी ने अपने तीन नेताओं को हिरासत में लिए जाने की कड़ी निंदा करते हुए विमान के भीतर हुई पुलिस कार्रवाई का वीडियो साझा किया है। पार्टी के अनुसार, मुंबई से दिल्ली पहुंचे अभिजीत दीपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका का विमान जैसे ही इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर उतरा, कुछ महिला पुलिस अधिकारी विमान के भीतर पहुंच गईं। पुलिस अधिकारियों ने तीनों नेताओं से बातचीत की और उन्हें जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं होने के लिए समझाने का प्रयास किया। हालांकि, बातचीत से कोई समाधान नहीं निकला और पुलिस ने तीनों को हिरासत में ले लिया। इस दौरान अभिजीत दीपके ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा, "देखो देश कहां जा रहा है, यह तानाशाही है। हम गिरफ्तार होने के लिए ही आए हैं, कर लो गिरफ्तार।" हिरासत से पहले दीपके का वीडियो, अजिंक्य शिंदे को आंदोलन की कमान पुलिस कार्रवाई के बीच सीजेपी ने अभिजीत दीपके का पहले से रिकॉर्ड किया गया एक वीडियो भी जारी किया। इसमें दीपके ने अपनी संभावित हिरासत को लेकर आंदोलन की आगे की रणनीति का संकेत दिया। उन्होंने कहा, "अगर हमें हिरासत में ले लिया तो हमारे बाद इस आंदोलन को अजिंक्य शिंदे लीड करेंगे।" श्री दीपके के इस संदेश से स्पष्ट है कि सीजेपी ने अपने प्रमुख नेताओं को हिरासत में लिए जाने की आशंका को देखते हुए आंदोलन के नेतृत्व की वैकल्पिक व्यवस्था भी तैयार कर रखी थी। ध्रुव राठी और रत्ना सिंह को भी हिरासत में लेने का दावा सीजेपी ने दावा किया है कि यूट्यूबर और सोशल एक्टिविस्ट ध्रुव राठी को गुरुग्राम स्थित उनके घर से हिरासत में लिया गया है। इसके अलावा पार्टी ने अपनी लीगल अफेयर्स हेड रत्ना सिंह को भी हिरासत में लिए जाने की बात कही है। इन कार्रवाइयों की निंदा करते हुए सीजेपी ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि युवा लोगों के सवाल पूछने और गलत कामों के खिलाफ आवाज उठाने से सरकार डरी हुई है। केजरीवाल का केंद्र पर हमला, बोले—देश में पूर्ण तानाशाही सीजेपी नेताओं को विमान के भीतर से हिरासत में लिए जाने की कार्रवाई पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "यह आपातकाल से भी बदतर है।" उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में पूर्ण तानाशाही की स्थिति पैदा हो गई है। उन्होंने कहा कि सीजेपी नेताओं को विमान से सीधे हिरासत में लिया जाना सरकार के अभूतपूर्व डर को दर्शाता है। श्री केजरीवाल ने चुनावों में कथित वोट चोरी का आरोप लगाते हुए दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी अपने कथित चुनावी धोखे को बचाने के लिए लोकतंत्र को पूरी तरह कुचलने पर आमादा हैं। उन्होंने कहा कि अब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ-साथ प्रधानमंत्री मोदी को भी जाना चाहिए। आप कार्यालय सील करने का दावा, केजरीवाल के घर को बताया किला आप के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने भी दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने राष्ट्रीय पार्टी आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय कार्यालय को सील कर दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि विपक्षी दलों और उनके नेताओं को प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने के लिए इस तरह की कार्रवाई क्यों की जा रही है। उन्होंने कहा, "आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल के घर को दिल्ली पुलिस ने किले में बदल दिया है। देश में अघोषित आपातकाल लागू कर दिया गया है।" वहीं, दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सीजेपी नेताओं को विमान के भीतर हिरासत में लिए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने ने लिखा, "एक बौखलाई और घबराई हुई सरकार.. और क्या कर सकती है.. एक कायर और डरपोक नेता यही कर सकता है। बेहद शर्मनाक!" माकपा के शीर्ष नेताओं पर भी पुलिस कार्रवाई, वृंदा करात ने जताया विरोध जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे माकपा के कई वरिष्ठ नेताओं को भी दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया।हिरासत में लिए जाने वाले नेताओं में माकपा महासचिव एमए बेबी, पिनराई विजयन, केएन बालगोपाल, राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास, मणिकंतन वी. गोविंदान, वृंदा करात, केके शैलजा और पी. राजीव शामिल हैं। माकपा ने अपने फेसबुक पेज पर इन नेताओं को हिरासत में लिए जाने की जानकारी साझा की। पिनराई विजयन के सोशल मीडिया अकाउंट पर भी पुलिस कार्रवाई की जानकारी दी गई। माकपा नेता वृंदा करात ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि मोदी सरकार को समझ लेना चाहिए कि भारत के लोग उठ खड़े हुए हैं और उन्हें रोका नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि दिल्ली का दिल उसके सभी लोगों का है और दमनकारी तरीके विरोध की आवाज नहीं रोक पाएंगे। उन्होंने लोगों से जंतर-मंतर की ओर बढ़ने का आह्वान भी किया। पुलिस की सख्ती के बीच आईएनए से निकला विरोध मार्च राजधानी में कड़े सुरक्षा इंतजामों और पुलिस की कार्रवाई के बावजूद विपक्षी नेताओं तथा प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश जारी रखी। आल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) अध्यक्ष नेहा बोरा , वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण , सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव और भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी-लेनिनवादी (भाकपा-माले) के राष्ट्रीय महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य समेत कई प्रदर्शनकारी आईएनए के पास से जंतर-मंतर की ओर विरोध मार्च पर निकले। नेहा बोरा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) से योगेंद्र यादव के साथ मार्च में शामिल हुईं। प्रदर्शनकारियों के आगे बढ़ने के साथ ही संबंधित इलाकों में पुलिस की तैनाती भी बढ़ने लगी। दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों से प्रदर्शन में शामिल होने पहुंच रहे लोगों को हिरासत में लिए जाने की खबरें भी सामने आई हैं। राहुल गांधी बोले—ज्ञानेश कुमार जाएंगे, मोदी सरकार भी जाएगी मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे विरोध के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधा और कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार जाएंगे और मोदी सरकार भी जाएगी। इसके बाद लोकतंत्र को सुधारने का काम शुरू होगा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर संसद के सेंट्रल हॉल में इंडिया गठबंधन के सांसदों को दिए गए अपने भाषण का वीडियो भी साझा किया। जंतर-मंतर पर भारी सुरक्षा, 221 कंपनियां तैनात प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी दिल्ली में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत दिल्ली की सीमाओं को सील कर दिया गया तथा अर्धसैनिक बलों की 221 कंपनियां तैनात की गई है। इसके अलावा दिल्ली मेट्रो के 57 स्टेशनों को बंद करने के आदेश दिए गए हैं। जंतर-मंतर के आसपास पुलिस का कड़ा पहरा है। संसद भवन और आसपास के क्षेत्रों में निषेधाज्ञा लागू की गई है। प्रदर्शन में शामिल होने के लिए राजधानी के विभिन्न इलाकों से पहुंचने वाले लोगों को पुलिस हिरासत में ले रही है। हालांकि, कुल कितने लोगों को हिरासत में लिया गया है, इसे लेकर पुलिस की ओर से आधिकारिक आंकड़े जारी नहीं किए गए हैं। कर्तव्य पथ और जनपथ के आसपास 24 घंटे इंटरनेट बंद करने का निर्देश जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मध्य दिल्ली के कुछ इलाकों में इंटरनेट सेवाएं बंद करने का निर्देश दिया है।इसके तहत कर्तव्य पथ और जनपथ चौराहे के चार किलोमीटर के दायरे में शुक्रवार रात 10 बजे से शनिवार रात 10 बजे तक इंटरनेट सेवाएं बंद रखने का आदेश दिया गया है। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए गृह मंत्रालय से इंटरनेट सेवाएं बंद करने का अनुरोध किया था। मंत्रालय ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए दूरसंचार अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के तहत एहतियाती कदम उठाने का निर्देश दिया। रेल सेवाओं पर भी असर, 38 ट्रेनें रद्द प्रस्तावित प्रदर्शन और राजधानी में यातायात बाधित होने की आशंका को देखते हुए रेलवे ने भी एहतियाती कदम उठाए हैं। रेलवे के अनुसार, शनिवार सुबह चार बजे से दोपहर दो बजे के बीच नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर पहुंचने वाली कई मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द करने का फैसला लिया गया है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि दोनों प्रमुख रेलवे स्टेशनों के आसपास सड़कों पर भारी यातायात जाम लगने की आशंका को देखते हुए यह निर्णय लिया गया। इस फैसले से कुल 38 ट्रेनें रद्द की गई हैं। इनमें शुक्रवार दोपहर दो बजे के बाद विभिन्न स्टेशनों से दिल्ली के लिए रवाना होने वाली और शनिवार सुबह चार बजे से दोपहर दो बजे के बीच नई दिल्ली तथा हजरत निजामुद्दीन पहुंचने वाली कई मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें शामिल हैं। बिना अनुमति प्रदर्शन पर कार्रवाई की चेतावनी, पुलिस ने बताई वजह दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन को अनुमति देने से इनकार कर दिया है। संयुक्त पुलिस आयुक्त नूपुर प्रसाद ने शुक्रवार को संवाददाता सम्मेलन में स्पष्ट किया था कि प्रदर्शन आयोजित करने के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया है।उन्होंने कहा कि बिना अनुमति प्रदर्शन आयोजित किया गया तो इसे भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 का उल्लंघन माना जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने को अपनी कार्रवाई का आधार बताया है। वोटर लिस्ट विवाद से बढ़ा सियासी टकराव, अब आगे क्या मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ी और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब बड़े राजनीतिक टकराव में बदल गया है। सीजेपी के तीन प्रमुख नेताओं को विमान के भीतर से हिरासत में लिए जाने, माकपा नेताओं पर पुलिस कार्रवाई और आम आदमी पार्टी के कार्यालय तथा नेताओं के आवासों पर पाबंदियों के दावों ने इस विवाद को और बढ़ा दिया है।एक तरफ विपक्षी दल इन कार्रवाइयों को लोकतांत्रिक विरोध की आवाज दबाने की कोशिश बता रहे हैं, तो दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस प्रदर्शन की अनुमति नहीं होने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का हवाला दे रही है। राजधानी में भारी पुलिस तैनाती, इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध के निर्देश, मेट्रो स्टेशनों को बंद करने के आदेश और रेल सेवाओं में कटौती के बीच जंतर-मंतर इस राजनीतिक टकराव का केंद्र बन गया है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस की पाबंदियों के बीच विपक्षी दल अपना विरोध प्रदर्शन किस तरह आगे बढ़ाते हैं और हिरासत में लिए गए नेताओं तथा प्रदर्शनकारियों को लेकर प्रशासन का अगला कदम क्या होता है।