Full Story
मुंबई। घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार की जोरदार तेजी के बाद बुधवार को मुनाफावसूली हावी रही और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली तथा अमेरिका के महत्वपूर्ण महंगाई आंकड़ों से पहले निवेशकों की सतर्कता के कारण सेंसेक्स 251.89 अंक गिरकर 72,781.89 और निफ्टी 99.25 अंक फिसलकर 22,622.70 अंक पर बंद हुआ। हालांकि, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र के शेयरों में मजबूत खरीददारी ने बाजार को बड़ी गिरावट से बचाने में मदद की। इंफोसिस, टेक महिंद्रा और टीसीएस जैसे प्रमुख आईटी शेयरों में तेजी रही, जबकि वित्तीय सेवाओं, वाहन और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के शेयरों पर बिकवाली का दबाव दिखा। दिनभर उतार-चढ़ाव, ऊपरी स्तर से फिसला सेंसेक्स बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स पिछले कारोबारी सत्र के 73,033.78 अंक के मुकाबले बढ़त के साथ 73,049.76 अंक पर खुला। कारोबार के दौरान यह 73,195.26 अंक के उच्चतम स्तर तक पहुंचा, लेकिन ऊपरी स्तर पर बिकवाली बढ़ने से 72,578.75 अंक के निचले स्तर तक फिसल गया। अंत में सेंसेक्स 251.89 अंक यानी 0.34 प्रतिशत गिरकर 72,781.89 अंक पर बंद हुआ। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी-50 भी 22,715.75 अंक पर खुलने के बाद 22,757.95 अंक के उच्चतम और 22,558.95 अंक के निचले स्तर तक गया। कारोबार के अंत में निफ्टी 99.25 अंक यानी 0.44 प्रतिशत गिरकर 22,622.70 अंक पर बंद हुआ। मिडकैप में मामूली गिरावट, स्मॉलकैप में बढ़त बड़ी कंपनियों के शेयरों में गिरावट के बीच मझोली और छोटी कंपनियों के शेयरों में मिला-जुला रुख रहा। बीएसई 150 मिडकैप सूचकांक 0.05 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 16,078.42 अंक पर बंद हुआ। वहीं, बीएसई 250 स्मॉलकैप सूचकांक 0.08 प्रतिशत बढ़कर 6,992.57 अंक पर पहुंच गया। इससे साफ है कि प्रमुख सूचकांकों में कमजोरी के बावजूद छोटी कंपनियों के शेयरों में सीमित खरीदारी बनी रही। बिजली और ऊर्जा शेयरों में जोरदार तेजी बाजार की गिरावट के बावजूद कुछ क्षेत्रों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। बीएसई का यूटिलिटीज सूचकांक सबसे अधिक 2.07 प्रतिशत चढ़ा। बिजली क्षेत्र का सूचकांक 1.74 प्रतिशत और आईटी सूचकांक 1.41 प्रतिशत मजबूत हुआ। ऊर्जा क्षेत्र में 1.28 प्रतिशत और दैनिक उपभोग की वस्तुओं (एफएमसीजी) के सूचकांक में 1.14 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा फोकस्ड आईटी सूचकांक 1.10 प्रतिशत, तेल एवं गैस 0.86 प्रतिशत, पूंजीगत वस्तुएं 0.81 प्रतिशत और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का सूचकांक 0.46 प्रतिशत चढ़ा। औद्योगिक क्षेत्र के सूचकांक में भी 0.24 प्रतिशत की बढ़त रही। आवास वित्त और बीमा शेयरों पर बिकवाली का दबाव दूसरी ओर, कई प्रमुख क्षेत्रों में गिरावट दर्ज की गई। आवास वित्त सूचकांक सबसे अधिक 1.12 प्रतिशत टूटा, जबकि बीमा क्षेत्र के सूचकांक में 1.04 प्रतिशत की गिरावट रही। स्वास्थ्य सेवा सूचकांक 0.93 प्रतिशत, वाहन क्षेत्र 0.87 प्रतिशत और वित्तीय सेवा सूचकांक 0.81 प्रतिशत कमजोर हुआ। रियल एस्टेट क्षेत्र में 0.80 प्रतिशत, दूरसंचार में 0.73 प्रतिशत, प्रमुख दस बैंकों के सूचकांक में 0.57 प्रतिशत और निजी बैंकों के सूचकांक में 0.51 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। धातु क्षेत्र का सूचकांक 0.49 प्रतिशत और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं का सूचकांक 0.11 प्रतिशत नीचे रहा। बजाज फाइनेंस और महिंद्रा में सबसे ज्यादा गिरावट सेंसेक्स की कंपनियों में बजाज फाइनेंस के शेयर में सबसे अधिक 2.55 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसका शेयर 25.10 रुपये टूटकर 957.60 रुपये पर बंद हुआ। महिंद्रा एंड महिंद्रा का शेयर 2.24 प्रतिशत गिरकर 2,799 रुपये और बजाज फिनसर्व 1.99 प्रतिशत टूटकर 1,720.75 रुपये पर आ गया। इसी तरह इटरनल में 1.68 प्रतिशत, आईसीआईसीआई बैंक में 1.54 प्रतिशत, इंडिगो में 1.50 प्रतिशत और सन फार्मा में 1.14 प्रतिशत की गिरावट रही। लार्सन एंड टुब्रो का शेयर 1.06 प्रतिशत, अदाणी पोर्ट्स 0.96 प्रतिशत और टाइटन 0.89 प्रतिशत कमजोर हुआ। ट्रेंट, एशियन पेंट्स, एचडीएफसी बैंक, मारुति सुजुकी, भारती एयरटेल और एक्सिस बैंक के शेयर भी गिरावट के साथ बंद हुए। आईटी शेयरों में खरीददारी, इंफोसिस 2.51 फीसदी उछला कमजोर बाजार के बीच आईटी कंपनियों के शेयरों ने शानदार प्रदर्शन किया। सेंसेक्स में शामिल इंफोसिस का शेयर सबसे अधिक 2.51 प्रतिशत चढ़कर 1,088.90 रुपये पर बंद हुआ। इसमें 26.70 रुपये की बढ़त दर्ज की गई। टेक महिंद्रा का शेयर 2.20 प्रतिशत बढ़कर 1,576 रुपये और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) का शेयर 1.54 प्रतिशत चढ़कर 2,302 रुपये पर पहुंच गया। हिंदुस्तान यूनिलीवर में 1.15 प्रतिशत, एनटीपीसी में 0.87 प्रतिशत और रिलायंस इंडस्ट्रीज में 0.79 प्रतिशत की तेजी रही। इनके अलावा एचसीएल टेक्नोलॉजीज में 0.61 प्रतिशत, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स में 0.58 प्रतिशत, अल्ट्राटेक सीमेंट में 0.33 प्रतिशत और आईटीसी में 0.08 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। एशियाई बाजारों में भी गिरावट का रुख बुधवार को प्रमुख एशियाई शेयर बाजारों में भी कमजोरी देखने को मिली। चीन का शंघाई कंपोजिट सूचकांक 0.88 प्रतिशत गिरा जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक 0.44 प्रतिशत नीचे रहा। हांगकांग के हैंगसेंग सूचकांक में 0.13 प्रतिशत और जापान के निक्केई में 0.05 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इस तरह घरेलू बाजार के साथ प्रमुख एशियाई बाजारों में भी निवेशकों का रुख सतर्क बना रहा। कच्चे तेल की तेजी और विदेशी बिकवाली ने बढ़ाया दबाव बाजार में बुधवार की गिरावट के पीछे कई प्रमुख कारण रहे। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और अमेरिका के महत्वपूर्ण महंगाई आंकड़ों से पहले सतर्कता ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। इसके अलावा मंगलवार की तेज बढ़त के बाद निवेशकों ने ऊंचे स्तर पर मुनाफावसूली की, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ गया। हालांकि, आईटी, बिजली, ऊर्जा और एफएमसीजी क्षेत्र के शेयरों में खरीदारी ने गिरावट को सीमित रखा। कारोबार के अंत में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में बंद हुए, लेकिन अलग-अलग क्षेत्रों के प्रदर्शन में बड़ा अंतर देखने को मिला।



Comments
0