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सीवान। बिहार के सीवान जंक्शन पर शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब प्रेमी के परिवार के अपनाने से इनकार किए जाने और प्रेमी के स्टेशन पर छोड़कर चले जाने से परेशान एक महिला रेलवे के माइक्रोवेव टावर पर चढ़ गई तथा प्रेमी को बुलाकर कोर्ट मैरिज कराने की मांग पर अड़ गई, जिसके बाद करीब दो घंटे की मशक्कत से आरपीएफ और अग्निशमन विभाग की टीम ने उसे सुरक्षित नीचे उतारा। शादी की मांग पर अड़ी रही महिला, स्टेशन पर जुटी भीड़ सीवान जंक्शन परिसर में शुक्रवार को लोगों की नजर अचानक रेलवे के ऊंचे माइक्रोवेव टावर पर चढ़ी एक महिला पर पड़ी। देखते ही देखते वहां यात्रियों और स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। महिला बार-बार अपने प्रेमी को बुलाने और उससे कोर्ट मैरिज कराने की मांग कर रही थी। रेलवे कर्मचारियों ने तत्काल इसकी सूचना रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) को दी। मौके पर पहुंचे आरपीएफ के अधिकारियों और जवानों ने महिला से नीचे उतरने की अपील की, लेकिन वह अपनी मांग पूरी होने तक टावर से उतरने को तैयार नहीं थी। पहले पति और दो बच्चों को छोड़ प्रेमी के साथ रहने का दावा महिला की पहचान उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के बिरलो थाना क्षेत्र के बधुपुर निवासी चंद्रिका राजभर की विवाहित पुत्री अंजू राजभर के रूप में हुई है। अंजू के अनुसार, उसका सीवान जिले के धनौती थाना क्षेत्र के मुड़ा गांव निवासी हरेराम यादव के पुत्र गुड्डू यादव से प्रेम संबंध है। वह अपने पहले पति और दो बच्चों को छोड़कर वर्ष 2022-23 से गुड्डू यादव के साथ छत्तीसगढ़ के रायपुर में रह रही थी। प्रेमी के घर पहुंची तो परिवार ने अपनाने से किया इनकार मिली जानकारी के अनुसार, दो-तीन दिन पहले गुड्डू यादव अंजू को लेकर अपने पैतृक गांव मुड़ा पहुंचा था। वहां गुड्डू के परिवार वालों ने अंजू को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। इसके बाद शुक्रवार को गुड्डू उसे लेकर सीवान जंक्शन पहुंचा। महिला के अनुसार, गुड्डू गांव जाने की बात कहकर स्टेशन से चला गया। प्रेमी के इस तरह छोड़कर चले जाने से परेशान अंजू रेलवे के माइक्रोवेव टावर के पास पहुंची। उसने करीब नौ फुट ऊंची दीवार पार की और टावर पर चढ़ गई। मोबाइल पर समझाते रहे अधिकारी, नहीं मानी अंजू महिला के टावर पर चढ़ने की सूचना मिलते ही आरपीएफ ने बचाव की कोशिश शुरू की। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अग्निशमन विभाग की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। आरपीएफ और दमकल विभाग के अधिकारियों ने मोबाइल फोन के जरिए अंजू से संपर्क किया और उसे सुरक्षित नीचे उतरने के लिए समझाने का प्रयास किया। हालांकि, महिला लगातार यही कहती रही कि पहले उसके प्रेमी को बुलाया जाए और दोनों की कोर्ट मैरिज कराई जाए। अधिकारियों ने उसे भरोसा दिलाया कि वह पहले सुरक्षित नीचे उतर आए, इसके बाद उसकी बात सुनकर आगे की कार्रवाई की जा सकती है। टावर पर पहुंचाया पानी-बिस्किट, फिर शुरू हुई वापसी बचाव अभियान के दौरान महिला की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया। एक कर्मचारी टावर पर ऊपर चढ़ा और अंजू तक पानी तथा बिस्किट पहुंचाए। इस बीच नीचे मौजूद अधिकारी लगातार उससे बातचीत करते रहे। करीब दो घंटे तक समझाने-बुझाने का सिलसिला चलता रहा। आखिरकार अधिकारियों की कोशिश रंग लाई और शाम 4 बजकर 10 मिनट पर अंजू सुरक्षित टावर से नीचे उतर आई। उसके नीचे आते ही रेलवे और पुलिस अधिकारियों ने राहत की सांस ली। डायल 112 पुलिस को सौंपी गई महिला टावर से सुरक्षित उतारे जाने के बाद आरपीएफ ने डायल 112 की पुलिस को मौके पर बुलाया और महिला को उसके हवाले कर दिया। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान सीवान जंक्शन परिसर में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। प्रेमी से शादी की मांग को लेकर महिला के रेलवे टावर पर चढ़ने की घटना स्टेशन और आसपास के इलाके में चर्चा का विषय बनी रही।