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सीवान। बिहार के सीवान शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए जिला प्रशासन ने सेवा संकल्प और कायाकल्प अभियान के तहत बुधवार को लगातार दूसरे दिन विभिन्न वार्डों में विशेष निरीक्षण अभियान चलाया, जिसमें जिलाधिकारी (डीएम) विजय प्रकाश मीणा ने सुबह खुद शहर का भ्रमण कर सफाई कार्यों की निगरानी की जबकि वरीय अधिकारियों की अलग-अलग टीमों ने कचरा उठाव, सफाईकर्मियों की तैनाती और डंपिंग प्वाइंट की स्थिति जांचने के साथ स्थानीय लोगों से व्यवस्था का फीडबैक लिया। त्योहारों के दौरान शहर को साफ-सुथरा रखने के उद्देश्य से मंगलवार को शुरू हुए इस अभियान में प्रशासन ने केवल सफाई की स्थिति देखने के बजाय उसकी पूरी व्यवस्था की पड़ताल करने का फैसला किया है। अधिकारियों को अपने-अपने वार्डों में निरीक्षण के बाद विस्तृत रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है, ताकि कमियों की पहचान कर उन्हें दूर करने की कार्रवाई की जा सके। सफाई के दावों की जांच, लोगों से पूछे सवाल बुधवार सुबह प्रशासनिक टीमों ने निर्धारित वार्डों में पहुंचकर गलियों, सड़कों और कचरा संग्रह वाले स्थानों का जायजा लिया। अधिकारियों ने स्थानीय निवासियों से बातचीत कर यह जानने की कोशिश की कि उनके मोहल्लों में नियमित सफाई होती है या नहीं, कचरा उठाने वाली गाड़ियां समय पर आती हैं या नहीं और सफाई व्यवस्था में किस तरह की परेशानियां हैं। प्रशासन का उद्देश्य अधिकारियों की रिपोर्ट के साथ आम नागरिकों के अनुभव को भी सफाई व्यवस्था में सुधार का आधार बनाना है। कितने सफाईकर्मी, कितनी गाड़ियां? हर व्यवस्था की जांच निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने वार्डों में तैनात सफाईकर्मियों और सुपरवाइजरों की संख्या की जानकारी ली। कचरा उठाने के लिए उपलब्ध टिप्पर, ट्रॉली और हैंडकार्ट की संख्या तथा उनकी जरूरत के मुताबिक उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। टीमों ने यह पता लगाया कि कचरा उठाने वाली गाड़ियां किन रास्तों से गुजरती हैं और क्या सभी गलियों तक उनकी पहुंच है। इसके अलावा वाहनों में लोगों को सूचना देने वाला जिंगल बजता है या नहीं तथा नागरिकों को कचरा संग्रह के निर्धारित समय की जानकारी है या नहीं, इसकी भी पड़ताल की गई। जहां जमा होता है कचरा, वहां भी पहुंची टीम प्रशासनिक निरीक्षण में घरों से एकत्र कचरे को अस्थायी रूप से रखने वाले सेकेंडरी कलेक्शन प्वाइंट पर विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों ने देखा कि इन स्थानों पर कचरा कितनी देर तक जमा रहता है और उसके कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी तो नहीं होती। यह भी जांच की गई कि किन स्थानों से नियमित कचरा उठाया जा रहा है और किन इलाकों में कचरा उठाने वाली गाड़ियां समय पर नहीं पहुंचतीं। वार्डों में ऐसे स्थानों की पहचान करने पर भी जोर दिया गया, जहां बार-बार कचरा जमा होने की समस्या सामने आती है। डीएम बोले- जनता के सहयोग के बिना नहीं बदलेगी शहर की तस्वीर सुबह शहर का निरीक्षण करने निकले जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा ने सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए प्रशासन के साथ जनप्रतिनिधियों, विभिन्न संस्थाओं और नागरिकों की भागीदारी को जरूरी बताया और कहा कि सेवा संकल्प अभियान के तहत वरिष्ठ अधिकारियों को अलग-अलग वार्डों में भेजा गया है, ताकि सफाई व्यवस्था की वास्तविक स्थिति सामने आ सके। अधिकारी निर्धारित मानकों पर निरीक्षण करने के साथ नागरिकों की राय भी ले रहे हैं। इन रिपोर्टों के आधार पर जहां कमियां मिलेंगी, वहां व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए सभी पक्षों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया। वार्डों की जिम्मेदारी बांटी, अधिकारियों से मांगी रिपोर्ट सफाई अभियान की प्रभावी निगरानी के लिए जिलाधिकारी ने नगर परिषद के विभिन्न वार्डों का जिम्मा अलग-अलग अधिकारियों को सौंपा है। सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा को वार्ड संख्या 1, 2, 3 और 4 की जिम्मेदारी दी गई है। भूमि सुधार उप समाहर्ता और राजस्व अधिकारी को वार्ड 5, 6, 18 और 19 में निरीक्षण करना है। प्रखंड विकास पदाधिकारी को वार्ड 14, 16, 17 और 24, जबकि अंचलाधिकारी को वार्ड 31, 32, 35 और 36 की सफाई व्यवस्था जांचने का दायित्व मिला है। जिला आपूर्ति पदाधिकारी को वार्ड 22, 23, 26 और 27 तथा एडी़डी को वार्ड 37, 38 और 39 की जिम्मेदारी सौंपी गई है। एसईओ और बीपीआरओ को वार्ड 9, 11, 12 और 13, जबकि डीपीओ और बीसी को वार्ड 20, 21, 42 और 43 में निरीक्षण करना है। कार्यपालक पदाधिकारी को वार्ड 25, 28 और 27, उप निर्वाचन पदाधिकारी तथा पीओ को वार्ड 40, 41, 44 और 45 एवं जिला कल्याण पदाधिकारी को वार्ड 30, 33 और 34 की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अतिरिक्त वार्ड 7, 8, 10 और 15 में भी निरीक्षण की जिम्मेदारी निर्धारित की गई है, हालांकि उपलब्ध विज्ञप्ति में संबंधित अधिकारी का पदनाम स्पष्ट नहीं है।



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