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टोरंटो: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कनाडा के निवेशकों और कारोबारी समुदाय से भारत की विकास यात्रा में अपनी भागीदारी बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा है कि विशाल आबादी, बढ़ती क्रय शक्ति, मजबूत मांग और तेजी से गहराते पूंजी बाजारों के कारण भारत निवेश के लिए दुनिया के सबसे आकर्षक ठिकानों में शामिल है। श्रीमती सीतारमण ने टोरंटो में भारतीय मूल के प्रमुख कारोबारियों के स्वागत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि कनाडाई निवेशकों को भारत में केवल अपना पैसा ही नहीं बल्कि अपना ध्यान भी लगाना चाहिए। ‘दो लोकतंत्रों के बीच रणनीतिक पुल है भारतीय समुदाय’ वित्त मंत्री ने कनाडा में बसे भारतीय कारोबारी समुदाय को भारत और कनाडा के बीच रणनीतिक सेतु बताया और कहा कि भारतीय मूल के पेशेवर कनाडा के बोर्डरूम, बे स्ट्रीट के ट्रेडिंग फ्लोर और पेंशन फंडों की जोखिम समितियों तक महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और बहुलवाद के साझा मूल्यों, बढ़ती आर्थिक भागीदारी, उच्चस्तरीय संवाद और मजबूत जनसंपर्क के कारण दोनों देशों के रिश्तों में उल्लेखनीय बदलाव आया है। मोदी-कार्नी की पहल से रिश्तों को मिला ‘रीसेट’ श्रीमती सीतारमण ने बताया कि जून 2025 में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भविष्य केंद्रित रणनीतिक साझेदारी पर सहमति जताते हुए द्विपक्षीय संबंधों को नई शुरुआत देने का फैसला किया था।प्रधानमंत्री कार्नी की इस वर्ष की शुरुआत में हुई भारत यात्रा के दौरान इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया। इसमें व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते यानी सीईपीए पर वार्ता की औपचारिक शुरुआत , कैमेको के साथ 2.6 अरब कनाडाई डॉलर का यूरेनियम समझौता और ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ को नई रणनीतिक साझेदारी के व्यापक आधार के रूप में अपनाना शामिल रहा। 2030 तक व्यापार दोगुने से अधिक करने का लक्ष्य भारत और कनाडा ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुने से ज्यादा बढ़ाकर 70 अरब कनाडाई डॉलर तक पहुंचाने की महत्वाकांक्षा जताई है। वित्त मंत्री ने कहा कि दोनों देशों की साझेदारी अब केवल पूंजी के लेन-देन तक सीमित नहीं है, बल्कि गहरे संस्थागत सहयोग की दिशा में आगे बढ़ रही है। भारत की ताकत—बड़ा बाजार, युवा आबादी और तेज विकास श्रीमती सीतारमण ने भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बताते हुए कहा कि देश में बड़े बाजार, लगातार विकास, युवा आबादी, बढ़ती खपत और तेजी से मजबूत होते पूंजी बाजार का अनूठा मेल है। उन्होंने कहा कि भारत का आर्थिक बदलाव अस्थायी नहीं, बल्कि संरचनात्मक है। तेज शहरीकरण, बढ़ता मध्यवर्ग और विश्वस्तरीय डिजिटल ढांचा लगभग हर आर्थिक क्षेत्र में नए अवसर पैदा कर रहा है। यूपीआई में कनाडाई बैंकों के लिए बड़ा मौका वित्त मंत्री ने भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) को डिजिटल बदलाव का प्रमुख उदाहरण बताया और कहा कि लेन-देन की संख्या के लिहाज से यूपीआई दुनिया की सबसे बड़ी रियल-टाइम भुगतान प्रणाली है। उन्होंने कनाडा के बैंकों, फिनटेक कंपनियों और नियामकों से भुगतान सेवाओं के साथ अगली पीढ़ी का डिजिटल वित्तीय ढांचा विकसित करने में भारत के साथ सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया। गिफ्ट सिटी बनेगी वैश्विक पूंजी का प्रवेश द्वार श्रीमती सीतारमण ने कहा कि गुजरात की गिफ्ट सिटी अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों के लिए वैश्विक मंच के रूप में उभर रही है। सीमा पार वित्तीय गतिविधियों के लिए यहां विशेष नियामकीय और कर ढांचा उपलब्ध कराया गया है। कई विदेशी बैंक गिफ्ट सिटी में अपना कारोबार शुरू कर चुके हैं और अन्य बैंकों के लिए भी यहां आने की पर्याप्त गुंजाइश है। कनाडाई संस्थागत निवेशक भारत की विकास यात्रा में भाग लेने के साथ इसे क्षेत्रीय एवं वैश्विक वित्तीय गतिविधियों के मंच के रूप में भी इस्तेमाल कर सकते हैं। ‘भारतीय बैंक अब सबसे मजबूत स्थिति में’ वित्त मंत्री ने कहा कि भारत के अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक वर्तमान में मजबूत स्थिति में हैं। बैंकिंग क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश हो रहा है और बैंक तथा गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों यानी एनबीएफसी की तेज वृद्धि अंतरराष्ट्रीय निवेशकों का ध्यान खींच रही है। भारत के पूंजी बाजार पहले की तुलना में ज्यादा गहरे, तरल और परिपक्व हुए हैं। बीमा, परिसंपत्ति प्रबंधन और पेंशन जैसे क्षेत्रों को भी विदेशी भागीदारी के लिए लगातार खोला गया है। बीमा में 100% एफडीआई, नए क्षेत्रों में निवेश का मौका श्रीमती सीतारमण ने कहा कि बीमा क्षेत्र में अब 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की अनुमति और बड़े पैमाने पर फिनटेक में भारत की बढ़त से विदेशी पूंजी के लिए अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने कनाडाई निवेशकों को इन उभरते क्षेत्रों सेमीकंडक्टर, मैग्नेट निर्माण, रेयर अर्थ खनिज, बैंकिंग एवं एनबीएफसी, बीमा और पेंशन, फिनटेक एवं डिजिटल भुगतान और परिसंपत्ति प्रबंधन में अवसर तलाशने का सुझाव दिया। रेयर अर्थ कंपनियों को खास बुलावा वित्त मंत्री ने कनाडा की रेयर अर्थ कंपनियों और निवेशकों को भारत में ज्यादा सक्रिय भागीदारी का न्योता दिया। उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक बाजारों को भरोसेमंद और किफायती आपूर्ति शृंखला का विकल्प उपलब्ध करा सकता है। सेमीकंडक्टर, मैग्नेट और महत्वपूर्ण खनिज जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग से निवेश के साथ वैश्विक सप्लाई चेन को भी मजबूती मिल सकती है। ‘भारत में निवेश करें, यहां मांग भी है और दम भी’ श्रीमती सीतारमण ने कनाडाई कारोबारी समुदाय को भरोसा दिलाया कि भारत सरकार अधिक निवेश और गहरे आर्थिक जुड़ाव के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भारत की विशाल आबादी, क्रय शक्ति, खपत और मजबूत मांग इसे ऐसा बाजार बनाती है, जिसे वैश्विक निवेशक नजरअंदाज नहीं कर सकते। उनका संदेश स्पष्ट था—भारत में केवल धन निवेश करने का नहीं, बल्कि दीर्घकालिक रणनीतिक भागीदारी बनाने का समय है।