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नई दिल्ली/लखनऊ : कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने अयोध्या के राम मंदिर में दान राशि की कथित चोरी के मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे प्रकरण की जांच सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में कराए जाने की मांग की है। 'हिंदुत्व के नाम पर राजनीति, अब दान राशि पर भी सवाल' श्री वेणुगोपाल ने कहा कि खुद को हिंदुत्व का सबसे बड़ा रक्षक बताने वालों की सच्चाई अब सामने आ रही है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा और आरएसएस ने अयोध्या का राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया और अब श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर में चढ़ाई गई दान राशि को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। एक ओर केंद्र सरकार एफसीआरए नियमों में सख्ती कर पंजीकृत ट्रस्टों पर नियंत्रण बढ़ाना चाहती है जबकि आरएसएस जैसे अपंजीकृत संगठनों को खुली छूट दी जा रही है। उन्होंने इसे दोहरा मापदंड बताया। 'एफआईआर में बड़े जिम्मेदार लोगों के नाम क्यों नहीं?' कांग्रेस महासचिव ने कहा कि इस मामले में दर्ज एफआईआर में मंदिर ट्रस्ट के उन शीर्ष जिम्मेदार लोगों के नाम शामिल नहीं किए गए, जिन पर मंदिर की दान राशि की जिम्मेदारी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश पुलिस की एसआईटी (विशेष जांच दल) ने केवल निचले स्तर के पदाधिकारियों को आरोपी बनाया है जबकि कथित बड़े जिम्मेदारों को बचाने की कोशिश की गई है। सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग श्री वेणुगोपाल ने मांग की है कि राम मंदिर दान राशि की कथित चोरी के पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए ताकि पूरे मामले की सच्चाई देश के सामने आ सके।



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