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पटना। बिहार की राजधानी पटना स्थित विशेष अदालत ने रिश्वत लेने के मामले में एक पूर्व प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को दोषी ठहराते हुए एक वर्ष के सश्रम कारावास के साथ ही 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। विशेष अदालत ने सुनाया फैसला निगरानी के विशेष न्यायाधीश अतुल कुमार सिंह ने मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद भोजपुर जिले के तरारी के तत्कालीन प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी महेश झा को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की अलग-अलग धाराओं के तहत दोषी करार दिया और सजा सुनाई।अदालत ने अपने आदेश में कहा कि यदि दोषी 20 हजार रुपये का जुर्माना अदा नहीं करता है तो उसे तीन माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। महिला शिक्षिका से मांगी थी रिश्वत मामले की विशेष लोक अभियोजक प्रभारी (ट्रैप केस) किशोर कुमार सिंह ने बताया कि निगरानी विभाग की टीम ने 11 सितंबर 2013 को भोजपुर जिले के पीरो बाजार स्थित महेश झा के किराए के मकान में छापेमारी की थी। निगरानी ने महेश झा को एक महिला शिक्षिका के लंबित वेतन भुगतान की अनुशंसा करने के बदले 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। नौ गवाहों के बयान से साबित हुआ आरोप अभियोजन पक्ष ने अदालत में मामले को साबित करने के लिए नौ गवाहों के बयान दर्ज कराए। गवाहों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।



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