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नई दिल्ली। मणिपुर में जातीय हिंसा से जुड़े छह मामलों में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने राज्य की पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के साथ संयुक्त अभियान चलाकर 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन पर सुरक्षा बलों पर हमले, हथियारों और गोला-बारूद की लूट तथा बैंक डकैती जैसी घटनाओं में शामिल होने के आरोप हैं। एनआईए ने शुक्रवार को बताया कि यह कार्रवाई छह अलग-अलग मामलों में की गई है, जिनकी जांच एजेंसी लंबे समय से कर रही थी। अलग-अलग स्थानों पर एक साथ चलाए गए तलाशी अभियानों के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर इन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। कई जिलों में एक साथ छापेमारी एनआईए, मणिपुर पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीमों ने इंफाल पूर्व, इंफाल पश्चिम, बिष्णुपुर, चुराचांदपुर, उखरूल, चंदेल और फेरजावल जिलों में एक साथ अभियान चलाया। एजेंसी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोग मणिपुर में जातीय हिंसा के दौरान हुई कई आपराधिक घटनाओं में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। जांच एजेंसियों को इन आरोपियों के खिलाफ तकनीकी, खुफिया और जमीनी स्तर पर जुटाए गए साक्ष्य मिले हैं, जिनके आधार पर गिरफ्तारी की गई। सुरक्षा बलों पर हमले और हथियारों की लूट में संलिप्तता एनआईए की जांच में सामने आया है कि आरोपी हिंसा के दौरान सुरक्षा बलों पर हुए हमले में शामिल रहे हैं। इसके अलावा कई मामलों में पुलिस और सुरक्षा प्रतिष्ठानों से हथियार तथा गोला-बारूद लूटने की घटनाओं में भी उनकी भूमिका सामने आई है। जांच एजेंसी के मुताबिक, कुछ आरोपी बैंक डकैती और अन्य संगठित आपराधिक गतिविधियों में भी शामिल रहे हैं, जिनका इस्तेमाल हिंसा को बढ़ावा देने और आपराधिक नेटवर्क को मजबूत करने के लिए किया गया। आतंक और अपराध के नेटवर्क की भी जांच एनआईए ने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं था बल्कि राज्य में सक्रिय उन नेटवर्कों की पहचान करना भी था जो हिंसा, अपराध और संभावित आतंकी गतिविधियों को समर्थन दे रहे थे। एजेंसी अब यह भी जांच कर रही है कि अलग-अलग हिंसक घटनाओं, उनमें शामिल व्यक्तियों और संगठनों के बीच कोई व्यापक संबंध या समन्वित साजिश तो नहीं थी। जांचकर्ता गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के जरिए हिंसा की योजना, उसके संचालन और सहयोगी तंत्र की जानकारी जुटाने का प्रयास कर रहे हैं। और खुलासों की उम्मीद एनआईए का मानना है कि इन गिरफ्तारियों से मणिपुर हिंसा से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग सामने आ सकते हैं। एजेंसी को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान हिंसा के पीछे काम कर रहे लोगों, वित्तीय स्रोतों और समर्थन नेटवर्क के बारे में अहम जानकारी मिलेगी। जांच जारी एनआईए ने स्पष्ट किया है कि मणिपुर हिंसा से जुड़े उसके सभी मामलों की जांच अभी जारी है और आने वाले समय में और भी गिरफ्तारियां या बड़े खुलासे हो सकते हैं। एजेंसी का कहना है कि हिंसा में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के दायरे में लाकर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।



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