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नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान मीडिया के प्रति युवाओं में दिखे गुस्से पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने शनिवार को कहा कि मीडिया पर हमला करने वाले उसके समर्थक नहीं थे लेकिन मीडिया मालिकों और एंकरों को आत्ममंथन करना चाहिए कि युवाओं में उनके खिलाफ इतना आक्रोश आखिर क्यों पैदा हुआ। हमारे समर्थक नहीं थे हमलावर सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने कांस्टीट्यूशन क्लब में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि आंदोलन के मंच से हर समय शांति बनाए रखने की अपील की जाती रही और संगठन का हिंसा से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा, "मीडिया के खिलाफ जिन्होंने हिंसा की, वे हमारे समर्थक नहीं हैं। कुछ उपद्रवी आंदोलन में घुस आए थे और उन्होंने माहौल खराब करने की कोशिश की लेकिन हमारे प्रदर्शनकारी पूरे समय संयमित रहे।" मीडिया को भी आत्ममंथन करना चाहिए सीजेपी नेताओं ने कहा कि मीडिया के मालिकों और टीवी एंकरों को भी यह समझने की जरूरत है कि युवाओं में उनके खिलाफ इतना आक्रोश क्यों पैदा हुआ। हालांकि उन्होंने दोहराया कि किसी भी तरह की हिंसा स्वीकार्य नहीं है और उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण तथा संवैधानिक दायरे में रहा। विदेशी फंडिंग और 'पाकिस्तानी' होने के आरोपों को बताया झूठ श्री दास और श्री रांका ने आंदोलन को विदेशी ताकतों से जोड़ने के आरोपों को भी सिरे से खारिज किया और कहा कि आंदोलन के पीछे न कोई विदेशी हाथ था और न ही विदेशी फंडिंग । उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय भी स्पष्ट कर चुका है कि आंदोलन को विदेश से कोई आर्थिक मदद नहीं मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन को बदनाम करने के लिए प्रदर्शनकारियों को "पाकिस्तानी" तक कहा गया जबकि यह पूरी तरह देश के विद्यार्थियों का आंदोलन था। सरकार से सहमति के बाद खत्म हुआ आंदोलन सीजेपी नेताओं ने बताया कि केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ बातचीत में उनकी प्रमुख मांगों पर सहमति बनने के बाद 20 जून से चल रहा आंदोलन समाप्त करने का फैसला लिया गया। सभी समर्थकों का जताया आभार सीजेपी ने आंदोलन का समर्थन करने वाले छात्रों, युवाओं, नागरिकों और राजनीतिक दलों का धन्यवाद देते हुए कहा कि उनकी लड़ाई किसी राजनीतिक श्रेय के लिए नहीं बल्कि छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए थी। शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही हमारी प्राथमिकता राजनीतिक भविष्य को लेकर पूछे गए सवाल पर सीजेपी नेताओं ने कहा कि उनकी शुरुआत जवाबदेही की मांग से हुई है और उनका सबसे बड़ा उद्देश्य ऐसी व्यवस्था बनाना है, जिसमें सरकार शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर जनता और युवाओं के प्रति जवाबदेह रहे।