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पटना। बिहार की राजधानी पटना स्थित मादक औषधि एवं मनोत्तेजक पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस एक्ट) की एक विशेष अदालत ने पॉच किलोग्राम चरस की तस्करी के जुर्म में आज एक व्यक्ति को 12 वर्षों के सश्रम कारावास की सजा के साथ एक लाख रुपये का जुर्माना भी किया। विशेष अदालत ने सुनाई सजा पटना सिविल कोर्ट स्थित एनडीपीएस एक्ट की विशेष अदालत संख्या-1 ने मामले में सुनवाई के बाद बहालोलपुर, ढाका, पूर्वी चंपारण जिले के निवासी कलामुद्दीन को एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं में दोषी करार देने के बाद यह सजा सुनाई है। जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर दोषी को छह माह के कारावास की सजा अलग से भुगतनी होगी। नेपाल से लाई जा रही थी चरस की खेप मामले के विशेष लोक अभियोजक राकेश कुमार सिन्हा ने बताया कि नारकोटिक कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के अधिकारियों ने गुप्त सूचना के आधार पर पटना जिले के राजेंद्र नगर टर्मिनल रेलवे स्टेशन गेट नंबर-1 के निकट दोषी को पांच किलोग्राम चरस के साथ गिरफ्तार किया था। चरस की यह खेप नेपाल से लाई जा रही थी और इसे नासिक, महाराष्ट्र में देना था। चार गवाह और 18 दस्तावेज हुए पेश उन्होंने आगे बताया कि अभियोजन ने इस मामले में आरोप साबित करने के लिए विशेष अदालत में चार गवाहों का बयान कलमबंद करवाया था, वहीं 18 कागजात भी पेश किए थे।



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