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मुंबई। खतरों के खिलाड़ी 15 में ओरी का सफर दर्शकों के साथ-साथ खुद उनके लिए भी हैरान करने वाला रहा है। अपनी ग्लैमरस छवि और सोशल मीडिया पर्सोना के लिए पहचाने जाने वाले ओरी ने खुलासा किया है कि वह इस स्टंट-बेस्ड रियलिटी शो में पूरी तरह अकेले आए थे और उन्होंने अपने माता-पिता तक को इसकी जानकारी नहीं दी थी। ओरी का कहना है कि यह सफर सिर्फ स्टंट करने का नहीं, बल्कि खुद को उस स्थिति में परखने का था जब सहारा देने वाला कोई न हो। माता-पिता को भी नहीं बताया था शो का फैसला अपने अनुभव को साझा करते हुए ओरी ने रोहित को संबोधित कर लिखा कि उन्होंने अपने माता-पिता तक को नहीं बताया था कि वह यह शो कर रहे हैं। उनके मुताबिक, न रोजाना फोन कॉल होते थे, न स्टंट को लेकर घर पर घबराहट भरी बातचीत और न ही वह किसी को लगातार अपडेट दे रहे थे। वह पूरी तरह अकेले इस अनुभव को जीना चाहते थे। देखना चाहते थे- बिना सहारे के वह कैसे इंसान बनते हैं ओरी ने बताया कि उनका मकसद यह जानना था कि जब न कोई दर्शक हो, न सलाह देने वाला और न किसी पर निर्भर रहने का विकल्प, तब वह खुद को कैसे संभालते हैं। उन्होंने लिखा कि वह हर स्टंट को शांति और गरिमा के साथ करते रहे और खुद को एक अलग परिस्थिति में समझने की कोशिश करते रहे। सोचा था पांच एपिसोड काफी होंगे, अब आधा सीजन निकल गया ओरी ने यह भी माना कि शुरुआत में उन्हें खुद से बहुत बड़ी उम्मीद नहीं थी। उनका कहना था कि अगर वह पांच एपिसोड तक टिक गए तो वही काफी होगा। इसके बाद सात एपिसोड आए, फिर दस और अब शो का लगभग आधा सीजन गुजर चुका है। ओरी ने स्वीकार किया कि इस सफर से जितने दर्शक हैरान हैं, उससे ज्यादा हैरान वह खुद हैं। ‘मैं खोखली और नाज़ुक बार्बी डॉल नहीं हूं’ ओरी के लिए यह शो उनकी बनी-बनाई छवि को चुनौती देने का भी जरिया बन गया है। उन्होंने लिखा, “यह सब चुपचाप और सिर्फ खुद के भरोसे करना मेरे लिए खुद को यह साबित करने का तरीका था कि मैं वह खोखली और नाज़ुक ‘बार्बी डॉल’ नहीं हूं, जैसा लोग मुझे समझते हैं।” उनके इस बयान से साफ है कि वह इस शो को केवल मनोरंजन या स्टंट प्रतियोगिता के तौर पर नहीं, बल्कि अपनी मानसिक मजबूती साबित करने के अनुभव के रूप में देख रहे हैं। लगभग हर स्टंट हारे, फिर भी खुद को हारा नहीं मानते ओरी ने मजाकिया अंदाज में यह भी स्वीकार किया कि वह लगभग हर स्टंट हारे हैं लेकिन उनके लिए नतीजे से ज्यादा अहम यह रहा कि उन्होंने हर चुनौती का सामना किया और हर हार को सहजता से स्वीकार किया। उन्होंने लिखा कि हर बार अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की और इसी वजह से वह इस पूरे अनुभव को हार नहीं मानते। ‘शायद कोई जीत नहीं मिली, लेकिन यह कभी हार भी नहीं थी’ ओरी ने लिखा, “मैंने हर हार को शालीनता के साथ स्वीकार किया है और हर बार अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। शायद कोई जीत नहीं मिली, लेकिन यह कभी हार भी नहीं थी और इस बात पर मुझे खुद पर बहुत गर्व है।” ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ में उनका यह सफर अब केवल स्टंट्स तक सीमित नहीं दिखता। हर चुनौती के साथ ओरी अपनी पुरानी ग्लैमरस छवि से बाहर निकलते हुए एक ज्यादा दृढ़, आत्मनिर्भर और साहसी व्यक्तित्व की झलक पेश कर रहे हैं।



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