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पटना: बिहार में नई गाड़ी खरीदना और कमर्शियल वाहन चलाना महंगा होने जा रहा है क्योंकि सरकार ने मोटर वाहन कर की दरों में संशोधन को मंजूरी देते हुए दोपहिया वाहनों के एकमुश्त टैक्स में 1 प्रतिशत, तिपहिया वाहनों के टैक्स में 1,000 रुपये तथा व्यावसायिक वाहनों के वार्षिक कर में चार गुना तक बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है। मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव (एसीएस) अरविंद कुमार चौधरी ने बुधवार को बताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। क्या-क्या बदलेगा सरकार के फैसले के मुताबिक अब— * नई बाइक और स्कूटर खरीदने पर लगने वाले एकमुश्त रोड टैक्स में 1 फीसदी की बढ़ोतरी होगी। * थ्री व्हीलर पर लगने वाला टैक्स 1,000 रुपये बढ़ जाएगा। * कमर्शियल (व्यावसायिक) वाहनों का मौजूदा वार्षिक टैक्स चार गुना तक बढ़ाया जाएगा। सरकार ने यह फैसला क्यों लिया सरकार का कहना है कि मोटर वाहन कर की दरों में काफी समय से कोई बदलाव नहीं हुआ था। बदलते समय और जरूरतों को देखते हुए अब टैक्स की दरों में संशोधन किया गया है। इसके बाद राज्य में वाहन कर की नई व्यवस्था लागू होगी। आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा इस फैसले के बाद बिहार में नई गाड़ी खरीदने वालों को रजिस्ट्रेशन के समय पहले से ज्यादा टैक्स देना होगा। वहीं ट्रक, बस और अन्य कमर्शियल वाहन चलाने वाले मालिकों का सालाना टैक्स भी बढ़ जाएगा। यानी नई गाड़ी खरीदने और कमर्शियल वाहन चलाने की लागत पहले के मुकाबले बढ़ सकती है। सरकार को क्या होगा फायदा सरकार का मानना है कि नई कर दरें लागू होने से राज्य के राजस्व में बढ़ोतरी होगी। इस अतिरिक्त आय का इस्तेमाल परिवहन व्यवस्था और सड़क से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर बनाने में किया जा सकेगा।