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मुंबई। तेलुगु सुपरस्टार महेश बाबू के जन्मदिन पर एस. एस. राजामौली की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘वाराणसी’ से उनके किरदार ‘रुद्र’ की दो खास तस्वीरें जारी की गईं, जिनमें अफ्रीका के घने जंगलों से लेकर केन्या के विशाल मसाई मारा तक उनका शांत लेकिन दमदार अंदाज नजर आ रहा है और इसके साथ ही फिल्म की कई सदियों में फैली भव्य वैश्विक कहानी की पहली खास झलक भी सामने आई है। जंगल के बीच बेफिक्र ‘रुद्र’ पहली तस्वीर में महेश बाबू का किरदार रुद्र घने जंगल के बीच बांस की बेड़ी पर आराम करता दिखाई देता है। उसका अंदाज शांत और सहज है, लेकिन इस शांति के पीछे किरदार की गंभीरता और तीव्रता भी नजर आती है। यह तस्वीर रुद्र के व्यक्तित्व को लेकर उत्सुकता पैदा करती है कि आखिर जंगलों के बीच उसका यह सफर किस मकसद से जुड़ा है। मसाई मारा में जिराफ और वाइल्डबीस्ट के बीच महेश बाबू दूसरी तस्वीर का कैनवास और भी बड़ा है। केन्या के विशाल मसाई मारा के मैदानों में रुद्र जिराफ और वाइल्डबीस्ट के बीच खड़ा दिखाई देता है। विशाल प्राकृतिक नजारों के बीच महेश बाबू के किरदार की नजरों में आत्मविश्वास और दबदबा दिखाई देता है। दोनों तस्वीरें संकेत देती हैं कि ‘वाराणसी’ का विजुअल स्केल काफी भव्य होने वाला है। भारत से अफ्रीका तक जाएगा ‘वाराणसी’ का सफर ‘वाराणसी’ की कहानी केवल किसी एक शहर या देश तक सीमित नहीं होगी। निर्माताओं के मुताबिक, यह एक वैश्विक और कई सदियों में फैली कहानी है। इसमें एक असाधारण व्यक्ति का सफर भारत की पवित्र धरती और जल से शुरू होकर दुनिया के अनोखे और जंगली इलाकों तक पहुंचेगा यानी फिल्म के नाम में भले ही ‘वाराणसी’ हो लेकिन कहानी का कैनवास दुनिया के अलग-अलग हिस्सों तक फैला दिखाई देगा। राजामौली ने खोला रुद्र के किरदार का राज निर्देशक एस. एस. राजामौली के मुताबिक, रुद्र का जन्म खुद से कहीं बड़े उद्देश्य को पूरा करने के लिए हुआ है। वह ऐसी नियति की तरफ बढ़ रहा है, जिसे उसने खुद नहीं चुना। रुद्र के व्यक्तित्व में केवल ताकत नहीं है। वह मजाकिया है, कमजोर भी पड़ता है और जरूरत पड़ने पर बेहद शक्तिशाली भी बन जाता है। राजामौली का मानना है कि महेश बाबू ने किरदार की इन अलग-अलग भावनाओं को पर्दे पर बखूबी उतारा है। ‘ताकत और नाजुकता एक साथ दिखाना आसान नहीं’ राजामौली ने महेश बाबू के अभिनय की खासियत बताते हुए कहा कि किसी शक्तिशाली किरदार को निभाना संभव है, लेकिन एक ही पल में ताकत और नाजुकता दोनों को सामने लाना बहुत कम कलाकारों के लिए संभव होता है। उनके मुताबिक, महेश बाबू ने रुद्र के भीतर मौजूद इन्हीं विरोधाभासी भावनाओं को अपने अभिनय में उतारा है। अफ्रीका में शूटिंग देख राजामौली भी रह गए हैरान जारी की गई दोनों तस्वीरें फिल्म के अफ्रीका शेड्यूल के दौरान ली गई हैं। फिल्म की शूटिंग किलिमंजारो के आसपास और मसाई मारा जैसे शानदार प्राकृतिक इलाकों में हुई है। राजामौली ने शूटिंग के अनुभव को बेहद खास बताते हुए कहा कि कई सुबह उनके सामने नजारा इतना विशाल था कि उन्हें लगा, उसे 1.43:1 आईमैक्स फ्रेम में भी पूरी तरह समेटना मुश्किल है। उनकी यह बात फिल्म के विजुअल स्केल को लेकर दर्शकों की उम्मीदें और बढ़ाती है। राजामौली-महेश बाबू की जोड़ी पर टिकी निगाहें ‘वाराणसी’ का निर्देशन एस. एस. राजामौली कर रहे हैं, जबकि फिल्म का संगीत एम. एम. कीरवाणी ने तैयार किया है। इसका निर्माण श्री दुर्गा आर्ट्स और शोइंग बिजनेस ने किया है। महेश बाबू के जन्मदिन पर सामने आई तस्वीरों ने फिलहाल रुद्र की दुनिया का छोटा सा दरवाजा खोला है। किरदार की नियति क्या है और भारत से अफ्रीका तक फैला उसका सफर आखिर किस मोड़ पर पहुंचेगा, इसे लेकर रहस्य बरकरार है। 07 अप्रैल 2027 को खुलेगा ‘वाराणसी’ का रहस्य ‘वाराणसी’ को 7 अप्रैल 2027 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में आईमैक्स फॉर्मेट में रिलीज किया जाएगा। फिलहाल अफ्रीका से सामने आई रुद्र की ये तस्वीरें इतना जरूर बता रही हैं कि राजामौली इस बार कहानी के साथ उसके पैमाने को भी विशाल रखने की तैयारी में हैं और महेश बाबू का रुद्र इस भव्य दुनिया के केंद्र में होगा।