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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर आरोप लगते हुए कहा कि उसने अपनी आर्थिक नीतियों की विफलताओं और धीमी विकास दर का दोष देश की हिंदू आबादी पर मढ़ने के लिए "हिंदू विकास दर" जैसी अवधारणा गढ़ी जबकि वास्तव में यह कांग्रेस की नीतियों और कार्यशैली की नाकामी थी इसलिए इसे "कांग्रेस विकास दर" कहा जाना चाहिए था। श्री मोदी ने बुधवार को यहां भारत मंडपम में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश कांग्रेस की उस सोच से बाहर निकला है, जिसने भारत को लाचारगी, बेचारगी और हीन भावना में धकेल दिया था। 'कांग्रेस ने देश को विकास के नाम पर भ्रमित किया' प्रधानमंत्री ने कहा कि लंबे समय तक लोगों को यह विश्वास दिलाया गया कि भारत में तेज विकास संभव ही नहीं है। उन्होंने कहा कि विकास की धीमी गति कांग्रेस की कार्यशैली और उसकी नीतियों का परिणाम थी लेकिन इसका ठीकरा हिंदू समाज के सिर पर फोड़ दिया गया। उन्होंने कहा, "कार्यशैली कांग्रेस की थी, जिम्मेदारी कांग्रेस की थी और विफलता भी कांग्रेस की थी लेकिन कलंक हिंदू समाज के नाम लगा दिया गया।" 'भारत अब दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल' श्री मोदी ने कहा कि आज दुनिया के कई बड़े देश आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे हैं लेकिन भारत लगातार मजबूत विकास दर दर्ज कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2025-26 में भारत ने 7.7 प्रतिशत की विकास दर हासिल की जबकि मार्च में समाप्त तिमाही में विकास दर 7.8 प्रतिशत रही। उन्होंने कहा कि कभी "कमजोर पांच" देशों में गिने जाने वाला भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से आगे बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। ‘मेड इन इंडिया विमान बनाने का सपना भी होगा पूरा' प्रधानमंत्री ने कहा कि देश अब केवल दुनिया की बराबरी करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कई क्षेत्रों में दुनिया से आगे निकलने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में भारत में निर्मित विमान भी आसमान में उड़ान भरेंगे। उन्होंने कहा, "हमारा लक्ष्य सिर्फ बराबरी करना नहीं, बल्कि एक कदम आगे बढ़ना है।" सेमीकंडक्टर से लेकर एआई तक आत्मनिर्भरता पर जोर श्री मोदी ने कहा कि ऊर्जा, खनिज, सेमीकंडक्टर, बैटरी स्टोरेज, अंतरिक्ष, ड्रोन, डेटा सेंटर, क्वांटम कंप्यूटिंग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि ये क्षेत्र देश की आर्थिक और रणनीतिक सुरक्षा से जुड़े हैं, इसलिए भारत इन क्षेत्रों में तेजी से निवेश और विकास कर रहा है। 'राष्ट्र प्रथम' की सोच से लिए गए बड़े फैसले प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने कई ऐसे फैसले लिए, जिन्हें पहले असंभव माना जाता था। उन्होंने अनुच्छेद 370 हटाने का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे पूरे देश में संविधान समान रूप से लागू हुआ। उन्होंने कहा कि "राष्ट्र प्रथम" की भावना से काम करने पर कठिन से कठिन फैसले भी संभव हो जाते हैं। जनभागीदारी को बताया सफलता की सबसे बड़ी ताकत प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों की उपलब्धियों के पीछे देशवासियों का सहयोग सबसे बड़ी शक्ति रहा है। स्वच्छता अभियान, डिजिटल भुगतान और कोरोना महामारी के दौरान जनता के सहयोग का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि लोगों ने हर बार सरकार का साथ दिया। उन्होंने कहा, "हमारा मंत्र 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' रहा है। विकसित भारत के निर्माण की असली ऊर्जा यही जनभागीदारी है।" राज्यों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की जरूरत प्रधानमंत्री ने कहा कि अब समय राज्यों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का है। राज्यों की प्रगति ही भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी। उन्होंने सभी राज्यों से विकास और नवाचार की दौड़ में आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, "आइए, अगले दशक को केवल उपलब्धियों का नहीं बल्कि भारत के सर्वश्रेष्ठ दशक के रूप में स्थापित करें।"



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