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नई दिल्ली। भारत ने ओडिशा के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज से मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-4 का सफल परीक्षण किया है, जिसमें मिसाइल ने सभी निर्धारित तकनीकी और परिचालन मानकों को पूरा कर देश की रणनीतिक रक्षा तैयारियों की मजबूती का एक बार फिर प्रदर्शन किया। सभी परीक्षण मानक सफलतापूर्वक पूरे रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि अग्नि-4 का प्रक्षेपण गुरुवार को चांदीपुर के एकीकृत परीक्षण रेंज से किया गया। परीक्षण के दौरान मिसाइल की तकनीकी क्षमता, उड़ान प्रदर्शन और परिचालन प्रणाली से जुड़े सभी प्रमुख मानकों की जांच की गई। परीक्षण पूरी तरह सफल रहा और निर्धारित सभी उद्देश्यों की पुष्टि हुई। स्ट्रैटेजिक फोर्सेज कमांड की देखरेख में परीक्षण इस परीक्षण को स्ट्रैटेजिक फोर्सेज कमांड की निगरानी में अंजाम दिया गया। यह कमांड भारत की रणनीतिक मिसाइल प्रणालियों के संचालन और उनकी तैयारियों से जुड़ी जिम्मेदारी संभालती है। सफल परीक्षण से यह संकेत मिला है कि अग्नि-4 प्रणाली परिचालन जरूरतों के अनुरूप तैयार है। परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है अग्नि मिसाइल श्रृंखला अग्नि श्रेणी की मिसाइलें जमीन से जमीन पर मार करने वाली लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें हैं। इन्हें परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम रणनीतिक प्रणाली के रूप में विकसित किया गया है। अग्नि-4 का सफल परीक्षण भारत की प्रतिरोधक क्षमता और लंबी दूरी तक सटीक प्रहार करने की रणनीतिक तैयारी को मजबूत करता है। 2024 में भी हुआ था सफल परीक्षण इससे पहले 6 सितंबर 2024 को भी अग्नि-4 मिसाइल का सफल प्रक्षेपण किया गया था। उस परीक्षण में भी सभी परिचालन और तकनीकी मानकों की सफलतापूर्वक पुष्टि हुई थी। लगातार सफल परीक्षणों से मिसाइल प्रणाली की विश्वसनीयता और तैयारियों का आकलन किया जाता है। अग्नि-प्राइम का भी हो चुका है परीक्षण भारत ने 4 अप्रैल 2024 को नई पीढ़ी की बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-प्राइम का भी सफल उड़ान परीक्षण किया था। यह परीक्षण स्ट्रैटेजिक फोर्सेज कमांड और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के संयुक्त प्रयास से किया गया था। देश लगातार अपनी मिसाइल तकनीक को आधुनिक बनाने और रणनीतिक प्रणालियों की क्षमता बढ़ाने पर काम कर रहा है। लंबी दूरी की क्रूज मिसाइल में भी मिली सफलता इसी वर्ष 15 जून को डीआरडीओ ने स्वदेश में विकसित लॉन्ग रेंज लैंड अटैक क्रूज मिसाइल का भी सफल परीक्षण किया था। यह प्रक्षेपण ओडिशा तट के पास डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से किया गया था। परीक्षण के दौरान चांदीपुर की एकीकृत परीक्षण रेंज में लगाए गए विभिन्न ट्रैकिंग उपकरणों ने मिसाइल की उड़ान से जुड़ा डेटा दर्ज किया और सभी मिशन उद्देश्यों के पूरा होने की पुष्टि की। सटीक प्रहार क्षमता की दिशा में बड़ा कदम लंबी दूरी की क्रूज मिसाइल के परीक्षण ने भारत की स्वदेशी तकनीक, सटीक निशाना लगाने की क्षमता और रणनीतिक प्रहार शक्ति को भी प्रदर्शित किया था। अब अग्नि-4 के नए सफल परीक्षण ने यह साफ कर दिया है कि भारत बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइल, दोनों क्षेत्रों में अपनी तकनीकी एवं परिचालन क्षमता लगातार मजबूत कर रहा है।