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मोतिहारी। बिहार के पूर्वी चंपारण में एक मामूली विवाद ने दो परिवारों से जिंदगी छीन ली। पताही थाना क्षेत्र के जिहुली पंचायत के जमुनी टोला में बुधवार देर शाम सड़क पर पानी गिराने को लेकर शुरू हुई कहासुनी देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गई। कथित तौर पर धारदार हथियार से किए गए हमले में तीन लोग घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल मरीना खातून (35) और जमील अख्तर (36) की मोतिहारी सदर अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। तीसरे घायल मोहसीन अख्तर (40) का उपचार चल रहा है और उसकी स्थिति सामान्य बताई जा रही है। पानी की कुछ बूंदों से शुरू हुआ विवाद, बहा खून प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जमुनी टोला में संजय सिंह के घर के समीप सड़क पर पानी गिराने को लेकर विवाद शुरू हुआ। बताया जाता है कि मोहसीन अख्तर सड़क पर पानी गिरा रहे थे। संजय सिंह ने इसका विरोध किया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हुई और देखते ही देखते मामला हाथापाई तक पहुंच गया। कुछ ही देर में स्थिति इतनी बिगड़ गई कि दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। आरोप है कि मारपीट के दौरान धारदार हथियार का इस्तेमाल किया गया। हमले में मरीना खातून, जमील अख्तर और मोहसीन अख्तर घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। आसपास के लोगों की मदद से घायलों को पताही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। मरीना और जमील की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें मोतिहारी सदर अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई। दो मौतों के बाद गांव में तनाव दो लोगों की मौत की खबर गांव पहुंचते ही माहौल तनावपूर्ण हो गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस गांव में गतिविधियों पर नजर रख रही है ताकि विवाद दोबारा न भड़के। एक ओर अस्पताल में दो परिवार अपने परिजनों को खोने के सदमे में हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस अब इस बात की पड़ताल में जुटी है कि मामूली विवाद आखिर इतनी हिंसा में कैसे बदल गया। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी पताही थानाध्यक्ष बबन कुमार ने बताया कि घटना में तीन लोग घायल हुए थे, जिनमें दो की इलाज के दौरान मौत हो गई। उन्होंने कहा कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस घटना में शामिल सभी लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। विवाद की शुरुआत, हमले की परिस्थितियों और धारदार हथियार के इस्तेमाल समेत तमाम पहलुओं को जांच के दायरे में रखा गया है। एक छोटी-सी बात, दो जिंदगियों का अंत घटना ने गांव की उस कड़वी सच्चाई को सामने ला दिया है कि कई बार मामूली असहमति, जब संयम और संवाद खो देती है, तो उसका परिणाम बेहद भयावह हो सकता है। सड़क पर पानी गिराने को लेकर शुरू हुआ विवाद कुछ ही देर में इतना हिंसक हो गया कि दो परिवारों के लिए बुधवार की शाम जिंदगी की सबसे दुखद शाम बन गई। पानी की कुछ बूंदों से शुरू हुई तकरार ने आखिर दो जिंदगियों का खून बहा दिया।