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मुंबई। सितंबर में मनाए जा रहे सुसाइड प्रिवेंशन मंथ के मौके पर अभिनेत्री कुब्रा सैत ने मानसिक और भावनात्मक सेहत को लेकर एक खास संदेश साझा किया है। कुब्रा ने बताया कि कोविड महामारी के दौरान उन्होंने सुसाइड प्रिवेंशन का कोर्स किया था, ताकि अगर कभी कोई व्यक्ति मदद के लिए उनसे संपर्क करे तो उन्हें यह मालूम हो कि उस वक्त उसका साथ कैसे देना है। मदद मांगने वाला सामने हो तो क्या करें, यही सीखना चाहती थीं कुब्रा कुब्रा ने महामारी के दौर को याद करते हुए कहा कि उन्होंने यह कोर्स इसलिए किया, क्योंकि अगर कोई उन्हें फोन करे और उन्हें यह न पता हो कि उसकी मदद कैसे करनी है, तो यह बात उन्हें अच्छी नहीं लगेगी। उन्होंने कहा, “मैंने सुसाइड प्रिवेंशन का कोर्स किया, क्योंकि अगर कोई मुझे फोन करता और मुझे यह नहीं पता होता कि उसकी मदद कैसे करनी है, तो मुझे अच्छा नहीं लगता।” अनजान लोगों को देखकर भी मुस्कुरा देती हैं कुब्रा कुब्रा ने अपने रोजमर्रा के एक छोटे से अनुभव का जिक्र करते हुए बताया कि वह अक्सर अनजान लोगों को देखकर मुस्कुरा देती हैं। कई लोग उनकी मुस्कान का जवाब मुस्कुराकर देते हैं, जबकि कुछ लोग हैरानी से देखते हैं। उनके मुताबिक, ऐसे छोटे-छोटे लम्हे यह एहसास दिलाते हैं कि हम सब किसी न किसी तरह एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। हर मुश्किल अकेले उठाना जरूरी नहीं अभिनेत्री का मानना है कि जिंदगी की हर परेशानी को अकेले झेलना जरूरी नहीं है। कभी किसी का हाल पूछ लेना, मदद के लिए हाथ बढ़ा देना या मुश्किल वक्त में उसके साथ खड़े रहना भी बहुत मायने रखता है। कुब्रा के मुताबिक, ऐसी छोटी कोशिशें किसी व्यक्ति की जिंदगी में बड़ा फर्क ला सकती हैं। सेल्फ-केयर हमेशा कोई बड़ी चीज नहीं कुब्रा सैत ने यह भी कहा कि खुद का ख्याल रखने के लिए हमेशा कोई बड़ा कदम उठाना जरूरी नहीं है। कभी-कभी थोड़ा टहलना, हल्की एक्सरसाइज करना या अपनी पसंद की कोई चीज करना भी मन को बेहतर महसूस करा सकता है। उनका संदेश यही है कि लोग अपनी मानसिक और भावनात्मक हालत पर ध्यान दें और अपने आसपास मौजूद लोगों का भी ख्याल रखें। सितंबर को दुनिया भर में सुसाइड प्रिवेंशन मंथ यानी आत्महत्या रोकथाम माह के रूप में मनाया जाता है। इसी मौके पर कुब्रा ने लोगों को याद दिलाया कि किसी के लिए मौजूद रहना भी मदद का एक अहम तरीका हो सकता है।



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