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पटना। बिहार की राजधानी पटना की एक विशेष अदालत ने आज एक पूर्व अनुमंडलाधिकारी की लगभग 50 लाख रुपये की चिन्हित की गई आय से अधिक संपत्ति को राजसात करते हुए जब्त करने का आदेश दिया। निगरानी के अधिकृत पदाधिकारी की अदालत ने मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मधुबनी जिले के जयनगर के पूर्व अनुमंडलाधिकारी गुलाम मुस्तफा अंसारी की 49 लाख 3 हजार 963 रुपये की आय से अधिक संपत्तियों को चिन्हित करते हुए उन्हें एक महीने के अंदर सरकार को सौंपने का आदेश दिया है। ऐसा नहीं करने पर जिलाधिकारी संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई कर सकते हैं। राजसात की गई संपत्तियों में किशनगंज में स्थित चार भूखंड, अररिया में पांच भूखंड, पटना में तीन भूखंड और सारण जिले में तीन भूखंड के अलावा बैंकों में जमा की गई राशि शामिल है। मामले के विशेष लोक अभियोजक राजेश कुमार ने बताया की पूर्व अनुमंडलाधिकारी श्री अंसारी को ब्यूरो ने एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए वर्ष 2016 में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद श्री अंसारी के घर की तलाशी में रुपये एवं संपत्तियों के कागजात तथा निवेश के कागजात बरामद हुए थे। इसके बाद निगरानी ने आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया था। श्री कुमार ने बताया कि श्री अंसारी पर 26 अगस्त 1997 से 27 अक्टूबर 2016 के बीच अपने एवं अपने परिजनों के नाम से अपने आय के सभी ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। निगरानी की ओर से बाद में श्री अंसारी की आय से अधिक संपत्तियों को बिहार विशेष न्यायालय अधिनियम की धारा 13 के तहत राजसात किए जाने का आवेदन दाखिल किया गया था जिस पर सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किया गया है ।