Full Story
अयोध्या: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एक बड़े उलटफेर के बीच राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है वहीं मामले में आठ आरोपियों की गिरफ्तारी और जांच को लेकर सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। ट्रस्ट में इस्तीफे से मचा सियासी और धार्मिक हलकों में हलचल ट्रस्ट के ट्रस्टी नृपेंद्र मिश्रा ने भी मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें दोनों नेताओं के इस्तीफे की जानकारी मिली है। हालांकि, कुछ सूत्रों का दावा है कि चंपत राय ने केवल महासचिव पद छोड़ा है जबकि ट्रस्ट की सदस्यता अभी भी उनके पास बनी हुई है। इससे पहले गुरुवार देर रात पुलिस ने चंपत राय के करीबी सहयोगी रामाशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया था। सभी आरोपियों को शुक्रवार को अदालत में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस उनकी 14 दिन की रिमांड की मांग करेगी। एफआईआर में बड़े नाम नहीं, जांच पर उठे सवाल मामले में पहली एफआईआर गुरुवार शाम ट्रस्ट सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर दर्ज की गई थी। हालांकि, एफआईआर में चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और ट्रस्ट के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों के नाम शामिल नहीं हैं। इसी वजह से जांच की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। 07 जून को सामने आया मामला, एसआईटी पहले ही सौंप चुकी है रिपोर्ट गौरतलब है कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला पहली बार 07 जून को सामने आया था। इसके बाद 13 जून को उत्तर प्रदेश सरकार ने जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। एसआईटी ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को सौंप दी थी। केजरीवाल का हमला- 'एफआईआर सिर्फ दिखावा, बड़े लोगों को बचाया जा रहा' इस बीच दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को रामलला के दर्शन किए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने इतना बड़ा पाप किया है, उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि दर्ज की गई एफआईआर केवल दिखावा है और बड़े लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है।



Comments
0