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पटना। बिहार में विकास योजनाओं की बेहतर प्लानिंग, निगरानी और समन्वय के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने केंद्र सरकार के नीति आयोग की तर्ज पर राज्य में एक नया आयोग बनाने का ऐलान किया है, जो दीर्घकालिक विकास का विजन तैयार करने के साथ-साथ जिलों की जरूरतों के मुताबिक योजनाओं और बजट पर भी काम करेगा। श्री चौधरी ने शनिवार को लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प सभागार’ में योजना एवं विकास विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान साफ किया कि अब बिहार में विकास योजनाओं को सिर्फ बनाने पर नहीं, बल्कि उनके असरदार क्रियान्वयन, पारदर्शिता और नतीजों पर ज्यादा फोकस किया जाएगा। क्या करेगा बिहार का नया आयोग? मुख्यमंत्री के मुताबिक, प्रस्तावित आयोग सिर्फ सलाह देने वाली संस्था नहीं होगा, बल्कि बिहार के विकास की लंबी रणनीति तैयार करने में बड़ी भूमिका निभाएगा। यह आयोग राज्य के दीर्घकालिक विकास का रोडमैप बनाएगा अलग-अलग सेक्टर में तथ्यों के आधार पर नीति निर्माण करेगा विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रगति की निगरानी करेगा विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करेगा समय-समय पर सरकार को नीतिगत सुझाव देगा हर जिले के लिए अलग प्लान, अलग बजट की तैयारी श्री चौधरी ने बैठक में यह भी कहा कि बिहार के सभी जिलों की जरूरतें एक जैसी नहीं हैं, इसलिए हर जिले के लिए उसकी स्थानीय जरूरत, संसाधन और संभावनाओं के हिसाब से अलग विकास योजना तैयार की जानी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक जिले की अपनी बजट योजना भी बने, ताकि वहां की प्राथमिकताओं के अनुसार संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल हो सके। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सिर्फ जिले ही नहीं, बल्कि हर प्रखंड के लिए भी लंबी अवधि की विकास योजना बनाई जानी चाहिए, ताकि विकास का लाभ राज्य के आखिरी व्यक्ति तक पहुंचे। विधायकों और एमएलसी के लिए बनेगा अलग पोर्टल मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों की योजनाओं की निगरानी और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए बड़ा निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विधायकों और विधान परिषद सदस्यों के लिए एक समर्पित ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया जाए। इस पोर्टल के जरिए जनप्रतिनिधि अपनी योजनाओं की जानकारी, प्रगति, निगरानी और ऑनलाइन मैनेजमेंट कर सकेंगे। इससे योजनाओं की स्थिति पर नजर रखना आसान होगा और जवाबदेही भी बढ़ेगी। विकास योजनाओं में ‘गुणवत्ता, पारदर्शिता और समय’ पर जोर श्री चौधरी ने कहा कि योजना एवं विकास विभाग का काम सिर्फ योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि वे समय पर, सही तरीके से और लोगों तक पूरी तरह पहुंचें । उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सबसे ऊपर होनी चाहिए। सरकार चाहती है कि योजनाओं का लाभ सिर्फ कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि आखिरी व्यक्ति तक पहुंचे । 2037 तक ‘विकसित बिहार’ का विजन तैयार करने की तैयारी मुख्यमंत्री ने कहा कि 2037 में बिहार अपनी स्थापना के 125 वर्ष पूरे करेगा , इसलिए इस मौके तक राज्य के लिए ‘विकसित बिहार’ का साफ विजन तैयार किया जाना चाहिए। यानी सरकार सिर्फ तात्कालिक योजनाओं पर नहीं, बल्कि अगले एक दशक से ज्यादा की विकास रणनीति पर काम करना चाहती है। बैठक में बिहार मौसम सेवा केंद्र की कार्यप्रणाली पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि मौसम से जुड़ी अहम सूचनाएं और पूर्वानुमान सांसदों, विधायकों, जिला परिषद अध्यक्षों, मुखियाओं, जिलाधिकारियों और दूसरे अधिकारियों तक समय पर पहुंचाई जाएं।



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