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मुंबई। पेट्रोलियम समेत विभिन्न क्षेत्रों में कारोबार करने वाली उद्योगपति मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में शानदार प्रदर्शन करते हुए 23,001 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो पिछले साल की समान अवधि से 5.7 प्रतिशत अधिक है वहीं कंपनी का कुल राजस्व 24.5 प्रतिशत बढ़कर 3.40 लाख करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच गया। हालांकि कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से लागत भी बढ़ी। 23 हजार करोड़ रुपये के पार पहुंचा मुनाफा रिलायंस इंडस्ट्रीज ने शुक्रवार को जारी तिमाही नतीजों में बताया कि अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ बढ़कर 23,001 करोड़ रुपये हो गया। इस दौरान कुल राजस्व 3,40,257 करोड़ रुपये रहा। हालांकि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण कच्चे माल की लागत में करीब 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। मुकेश अंबानी बोले- हर कारोबार ने दिखाया दम रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने कहा कि कंपनी ने नए वित्त वर्ष की शुरुआत मजबूत और सकारात्मक तरीके से की है। उन्होंने कहा कि जियो, रिटेल और ऊर्जा समेत सभी कारोबारों ने चुनौतीपूर्ण वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद शानदार परिचालन प्रदर्शन किया और कंपनी के विविध बिजनेस मॉडल ने अपनी मजबूती साबित की। जियो ने फिर मारी बाजी, 89 लाख नए ग्राहक जुड़े पहली तिमाही में जियो प्लेटफॉर्म्स ने रिकॉर्ड परिचालन लाभ दर्ज किया। कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट 15.1 प्रतिशत बढ़कर 20,865 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि शुद्ध लाभ 9.2 प्रतिशत बढ़कर 7,764 करोड़ रुपये रहा। तिमाही के दौरान जियो से 89 लाख नए ग्राहक जुड़े, जिससे जून 2026 तक कुल ग्राहक संख्या 53.33 करोड़ हो गई। वहीं फिक्स्ड ब्रॉडबैंड ग्राहकों की संख्या बढ़कर 2.86 करोड़ पहुंच गई और इस सेगमेंट में कंपनी की बाजार हिस्सेदारी 43 प्रतिशत से अधिक हो गई। रिटेल कारोबार ने भी दिखाई मजबूती रिलायंस रिटेल का राजस्व 90,408 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की तुलना में 7.4 प्रतिशत अधिक है। कंपनी का स्टोर नेटवर्क बढ़कर 20,169 हो गया, जबकि परिचालन क्षेत्रफल में भी विस्तार दर्ज किया गया। हालांकि परिचालन लाभ में मामूली 1.1 प्रतिशत की गिरावट रही और यह 6,309 करोड़ रुपये रहा। तेल कारोबार को मिला कच्चे तेल की कीमतों का फायदा कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का फायदा रिलायंस के ऑयल-टू-केमिकल्स (ओ2सी) कारोबार को मिला। इस सेगमेंट का राजस्व 30.4 प्रतिशत बढ़कर 2,01,806 करोड़ रुपये पहुंच गया, हालांकि बढ़ी हुई लागत का असर भी देखने को मिला। कैश रिजर्व मजबूत, निवेश जारी तिमाही के अंत तक रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास 2.46 लाख करोड़ रुपये से अधिक की नकदी उपलब्ध थी। कंपनी का शुद्ध कर्ज 1.22 लाख करोड़ रुपये रहा। इस दौरान कंपनी ने अपने विस्तार और नई परियोजनाओं पर 38,682 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश भी किया।



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