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नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्रों के आंदोलन की जीत बताते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से देश के छात्रों से माफी मांगने, आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के दोषियों को सजा देने और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने की मांग की। यह छात्रों और देश के भविष्य की जीत है श्री गांधी ने 10 जनपथ स्थित कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी के आवास के बाहर आयोजित विशेष संवाददाता सम्मेलन कहा कि सबसे पहले वह देशभर के छात्रों को बधाई देना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों ने अपने अधिकारों और बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए संघर्ष कर यह साबित कर दिया कि उनकी आवाज को दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा, "आज छात्रों की जीत हुई है, देश के भविष्य की जीत हुई है।" सिर्फ मंत्री बदलने से काम नहीं चलेगा कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में देश की शिक्षा व्यवस्था को व्यवस्थित तरीके से कमजोर किया गया है और श्री धर्मेंद्र प्रधान इस विफल व्यवस्था के प्रतीक बन गए थे। उन्होंने कहा कि उनका इस्तीफा जरूरी था लेकिन केवल मंत्री बदल देने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने सरकार से शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार शुरू करने और इसे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रभाव से मुक्त करने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि आरएसएस ने देश की शिक्षा प्रणाली को भीतर से कमजोर किया है। मोदी छात्रों से माफी मांगें श्री गांधी ने कहा कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुई हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि लोगों का न्याय व्यवस्था पर भरोसा बना रहे। उन्होंने कहा कि पूरे तंत्र के प्रमुख होने के नाते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के छात्रों से माफी मांगनी चाहिए। अमित शाह पर भी लगाए गंभीर आरोप विपक्ष के नेता ने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह छात्रों के खिलाफ हुई कार्रवाई के लिए सीधे जिम्मेदार हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके निर्देश पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर पानी की बौछारें और पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया। देश आर्थिक संकट में, शिक्षा सुधार की जरूरत श्री गांधी ने कहा कि देश इस समय गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है और ऐसे समय में शिक्षा सहित पूरे प्रशासनिक तंत्र में बड़े सुधारों की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सरकार को जनता और छात्रों की आवाज सुननी चाहिए क्योंकि भारत किसी व्यक्ति या संगठन की निजी संपत्ति नहीं बल्कि संविधान से चलने वाला लोकतांत्रिक देश है। कांग्रेस छात्रों के साथ खड़ी रहेगी कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी लंबे समय से शिक्षा सुधार, प्रश्नपत्र लीक और छात्रों के अधिकारों का मुद्दा उठाती रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी जब-जब छात्रों और युवाओं को जरूरत होगी, कांग्रेस उनके साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।