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मुंबई। स्वर्ण भंडार में आई भारी गिरावट ने देश के विदेशी मुद्रा भंडार को जोरदार झटका दिया है, जिससे 12 जून को समाप्त सप्ताह में यह करीब 10 अरब डॉलर घटकर 671.62 अरब डॉलर रह गया, जो मार्च 2025 के बाद का सबसे निचला स्तर है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, यह 28 मार्च 2025 के बाद विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे निचला स्तर है। विशेषज्ञों के मुताबिक इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह सोने के भंडार के मूल्य में आई तेज कमी रही। स्वर्ण भंडार में 10 अरब डॉलर से ज्यादा की गिरावट आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, समीक्षाधीन सप्ताह में भारत का स्वर्ण भंडार 10.75 अरब डॉलर घटकर 103.82 अरब डॉलर रह गया। यह पिछले साल नवंबर के बाद सोने के भंडार का सबसे निचला स्तर है। विदेशी मुद्रा भंडार में कुल गिरावट का बड़ा हिस्सा इसी श्रेणी से आया है। वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों और मूल्यांकन में बदलाव का सीधा असर आरबीआई के स्वर्ण भंडार पर पड़ा। विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में दिखी मजबूती हालांकि, विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में सुधार देखने को मिला। यह 84.6 करोड़ डॉलर बढ़कर 544.29 अरब डॉलर पर पहुंच गई। इस श्रेणी में अमेरिकी डॉलर के अलावा यूरो, ब्रिटिश पाउंड और जापानी येन जैसी प्रमुख विदेशी मुद्राएं शामिल होती हैं। इनके मूल्यांकन में हुए बदलाव ने विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों को सहारा दिया। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और एसडीआर में भी कमी रिजर्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास भारत की आरक्षित निधि 1.1 करोड़ डॉलर घटकर 4.81 अरब डॉलर रह गई। वहीं, विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) भी 6.6 करोड़ डॉलर घटकर 18.69 अरब डॉलर पर आ गया। क्यों महत्वपूर्ण है विदेशी मुद्रा भंडार विदेशी मुद्रा भंडार किसी भी देश की आर्थिक मजबूती का प्रमुख पैमाना माना जाता है। इसका उपयोग आयात भुगतान, मुद्रा विनिमय दर को स्थिर रखने और वैश्विक आर्थिक झटकों से निपटने में किया जाता है। हालांकि वर्तमान स्तर अब भी दुनिया के सबसे बड़े विदेशी मुद्रा भंडारों में शामिल है, लेकिन एक सप्ताह में लगभग 10 अरब डॉलर की गिरावट ने बाजार और अर्थशास्त्रियों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। मुख्य आंकड़े कुल विदेशी मुद्रा भंडार: 671.62 अरब डॉलर साप्ताहिक गिरावट: 9.98 अरब डॉलर स्वर्ण भंडार: 103.82 अरब डॉलर स्वर्ण भंडार में गिरावट: 10.75 अरब डॉलर विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां: 544.29 अरब डॉलर आईएमएफ आरक्षित निधि: 4.81 अरब डॉलर एसडीआर: 18.69 अरब डॉलर